दूसरे टी20 के बाद 20 साल के खलील ने कहा, 'मुझे जिम्मेदारी लेना पसंद है'
वेस्टइंडीज़ के दो विकेट चटकाकर जीत में अहम भूमिका निभाने वाले खलील ने कहा, 'उन्हें जिम्मेदारी लेना पसंद है.'
युवा तेज़ गेंदबाज़ खलील अहमद ने मैच के बाद बताया किस तरह से आईपीएल में उन्हें मिले मौकों से अंतराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें फायदा पहुंचा. बीते दिन वेस्टइंडीज़ के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में खलील ने खुद कप्तान रोहित से नई गेंद मांगी और जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई.
खलील ने ना सिर्फ कप्तान के भरोसे को जीता, बल्कि अपनी शानदार गेंदबाज़ी से दो अहम विकेट चटकाकर विरोधी टीम को मुश्किल में भी डाल दिया.
राजस्थान के टोंक के रहने वाले इस गेंदबाज़ी विरोधी टीम के दोनों ओपनर्स को पवेलियन भेजकर उनका काम मुश्किल कर दिया. उन्होंने पहले शाई होप और फिर खतरनाक दिक रहे शिमरोन हेटमायर को आउट कर बाकी काम पूरा किया.
टीम इंडिया की 71 रनों की शानदार जीत के बाद खलील बोले कि 'आज मुझ पर नई गेंद के साथ अधिक जिम्मदेारी थी. मुझे जिम्मेदारी लेना पसंद है. जब मैं छोटा था तो हमेशा देश के लिए खेलने का सपना देखता था और अब जब आज मुझे मौका मिल गया है तो फिर दबाव में खेलने का कोई मतलब नहीं है. इससे मेरे प्रदर्शन पर असर पड़ेगा.'
उन्होंने कहा, 'अपने खेल का लुत्फ उठाना और देश के लिए अच्छा खेलना ही अब मेरा एकमात्र लक्ष्य है. मुझे अपनी प्रतिभा पर विश्वास है. अगर आप अपने खेल का लुत्फ उठाते हो तो फिर आपकी अपने खेल के प्रति अच्छा करने की भूख और बढ़ जाती है.'
खलील को एशिया कप के दौरान ही सुर्खियां मिली थी. लेकिन उन्होंने वेस्टइंडीज़ के खिलाफ वनडे सीरीज़ में 7 विकेटों के साथ सीरीज़ का अंत किया. अब वो शॉर्टर फॉर्मेट में भी खुद को साबित करने में लगे हुए हैं.
टीम इंडिया का ये 20 वर्षीय गेंदबाज़ पिछले सीज़न आईपीएल में सनराइज़र्स हैदराबाद टीम का हिस्सा था.
उन्होंने आईपीएल में मिले अनुभव को अपने अब के प्रदर्शन के लिए बहुत मददगार बताया. उन्होंने कहा, 'आईपीएल में खेलकर टीम इंडिया में आने से बहुत अनुभव मिला. आपको अपने खेल में बहुत ज्यादा बदलाव करने की ज़रूरत नहीं होती क्योंकि आप पहले से ही अंतराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर कर रहे होते हैं.'
इसके साथ ही इस तेज़ गेंदबाज़ ने कहा, 'आईपीएल खेलकर जब आप भारतीय टीम में आते हो तो आप पहले से ही ये जानते हैं कि प्रोफेशनल कैसे बनना होता है साथ ही कैसे अपनी गलतियों के सुधारना है.'
Source: IOCL
















