धर्मशाला में ऐसे गिरे विकेट कि टीम इंडिया के नाम दर्ज हो गया सबसे शर्मनाक रिकॉर्ड
श्रीलंका के खिलाफ धर्मशाला वनडे में टॉस हारने के बाद जब भारतीय टीम बल्लेबाजी करने उतरी तो किसी ने भी नहीं सोचा होगा कि भारतीय पारी ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी. भारत की पूरी पारी 38.2 ओवर में 112 रनों पर सिमट गई.

नई दिल्ली: श्रीलंका के खिलाफ धर्मशाला वनडे में टॉस हारने के बाद जब भारतीय टीम बल्लेबाजी करने उतरी तो किसी ने भी नहीं सोचा होगा कि भारतीय पारी ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी. भारत की पूरी पारी 38.2 ओवर में 112 रनों पर सिमट गई. भारत की ओर से पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने संकट मोचक की भूमिका निभाते हुए 87 गेंदों में 10 चौके और दो छक्कों की मदद से सर्वाधिक 65 रनों की पारी खेली. धोनी के बाद दूसरा सर्वाधिक स्कोर 19 रन रहा जो कि स्पिनर कुलदीप यादव के बल्ले से निकले. 10 रन बनाकर हार्दिक पांड्या दहाई अंक में पहुंचने वाले तीसरे और आखिरी खिलाड़ी रहे.
श्रीलंका की तरफ से लकमल ने चार विकेट लिए. प्रदीप ने दो विकेट लिए जबकि मैथ्यूज, कप्तान थिसारा परेरा, अकिला धनंजय, सचिथा पाथिराना को एक-एक सफलता मिली.
अपनी साहसिक पारी की बदौलत धोनी ने भारत वनडे इतिहास के न्यूनतम स्कोर पर आउट होने से तो बचा लिया लेकिन टीम को शर्मनाक रिकॉर्ड से नहीं बचा पाए. धोनी आखिरी बल्लेबाज के रूप में आउट हुए और भारत की पारी 112 पर सिमट गई. वनडे क्रिकेट इतिहास में अपने घर में भारत का ये तीसरा न्यूनतम स्कोर है. जबकि घर में पहले बल्लेबाजी करते हुए सबसे कम स्कोर. अपने घर में भारत का न्यूनतम स्कोर 78 रनों का है और विरोधी टीम श्रीलंका थी.
भारतीय पारी के दौरान श्रीलंका के पांच गेंदबाजों ने मिलकर कुल 13 ओवर मेडन निकाले जो कि भारत के वनडे इतिहास में सबसे ज्यादा है. इतना ही नहीं पिछले 10 साल के वनडे में किसी भी टीम के खिलाफ इतने मेडन ओवर नहीं डाले गए. इससे पहले भारत के खिलाफ दो बार 12 ओवर मेडन डाले गए थे. 1975 विश्व कप में इंग्लैंड ने और 1981 में न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ 12 ओवर मेडन फेंके थे.
भारत ने पहले पांच ओवर में दो रनों पर दो विकेट खो दिए थे. यह वनडे इतिहास में किसी भी टीम द्वारा पांच ओवर में दूसरा सबसे कम स्कोर है. इससे पहले इंग्लैंड ने द ओवल मैदान पर 2001 में पांच ओवरों में एक विकेट पर एक रन बनाया था.
10 ओवर तक आते-आते भारत ने अपने तीन विकेट खो दिए थे और स्कोरबोर्ड पर 11 रन था। यह भारत का 2001 के बाद पहले 10 ओवर में सबसे कम स्कोर है.
सुरंगा लकमल की अगुवाई में श्रीलंकाई गेंदबाजों ने भारत के पांच विकेट महज 16 रन पर गिरा दिए जो कि भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे शर्मनाक स्थिति है. इससे पहले 1983 विश्व कप में जिम्बाब्वे ने 17 रन पर भारत के पांच विकेट पवेलयिन भेज दिए थे, हालाकि उसके बाद कपिल देव ने नाबाद 175 रनों की रिकॉर्ड पारी खेल कर टीम को संकट से निकालते हुए जीत दिलाई थी लेकिन इस बार भारत के लिए ये कारनामा कोई नहीं कर पाया.













