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दुनिया भयावह स्थिति में है और अमेरिका को मजबूत सीमाओं की जरूरत है: ट्रंप

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आव्रजन (immigration), बॉर्डर और शरणार्थियों (refugee) की कठोरतम जांच-पड़ताल से संबंधित अपने विवादित कार्यकारी आदेशों का बचाव करते हुए कहा कि दुनिया भयावह स्थिति में है और अमेरिका को मजबूत सीमाओं की जरूरत है. ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘‘हमारे देश को मजबूत सीमाओं और कठोरतम जांच-पड़ताल की जरूरत है. देखिए, पूरे यूरोप में क्या हो रहा है और दुनिया एक भयावह स्थिति में चली गई है.’’ राष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद अपने पहले सप्ताह में ट्रंप ने कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किये जिनमें शरणार्थियों के प्रवेश पर तत्काल रोक और सात मुस्लिम बहुल देशों के लोगों को वीजा जारी करने पर अस्थायी रोक और दूसरे लोगों की कठोरतम जांच-पड़ताल की बात की गई है. उनके कार्यकारी आदेशों का विपक्षी डेमोक्रेटिक नेताओं ने पुरजोर विरोध किया है. विरोध करने वालों में गूगल के भारतीय मूल के सीईओ सुंदर पिचाई और फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग भी शामिल हैं. अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग ने कहा कि वह राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकारी आदेशों को क्रियान्वित करने का काम जारी रखेगा, हालांकि वह उन अदालती आदेशों का भी अनुपालन करेगा जिनमें अस्थायी बैन पर आंशिक रूप से रोका लगाई गई है. इराकी संसद के विदेश मामलों की समिति ने इराक के लोगों को वीजा जारी करने पर अस्थायी रोक लगाने के ट्रंप प्रशासन के कार्यकारी आदेश को लेकर पलटवार करने का आह्वान किया. उसने कहा कि अमेरिकी नागरिकों को इराक का वीजा जारी करने पर रोक लगाई जानी चाहिए. इराकी अर्धसैनिक बलों के समूह ‘हाशद अल शाबी’ ने भी इराक में अमेरिकी नागरिकों के आने पर रोक लगाने की मांग की है. वीजा को लेकर बैन वाले देशों में ईरान भी शामिल है. ईरान ने इस मामले को लेकर स्विट्जरलैंड के राजदूत गुइलिसो हास को तलब किया. स्विट्जरलैंड का दूतावास तेहरान में अमेरिकी हितों का प्रतिनिधित्व करता है.
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Source: IOCL

























