ईरान में घुसेगी अमेरिका की सेना? ईरान की 'ताबूत' वाली धमकी के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने क्या लिया फैसला?
US-Iran War: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि US अपनी जमीनी सेना भेजे बिना भी ईरान में अपने उद्देश्यों को पूरा कर सकता है. हालांकि, सैनिकों की मौजूदगी राष्ट्रपति ट्रंप को ऑपशन्स देती है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के युद्ध को शुरू हुए चार हफ्ते से ज्यादा समय बीच चुका है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह युद्ध किस दिशा में जा रहा है. क्या आने वाले कुछ समय में इसका समाधान होगा या पश्चिमी एशिया के इलाके में और ज्यादा हमले और जान-माल का नुकसान देखने को मिलेगा?
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ईरान पर संभावित रूप से जमीनी हमला करने के लिए मिडिल ईस्ट में करीब 10 हजार सैनिक भेजने की प्लानिंग कर रहा है. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद ईरान ने अपने राष्ट्रीय अंग्रेजी अखबार तेहरान टाइम्स के जरिए अमेरिका को चेतावनी दी.
ईरान ने अखबार के फ्रंट पेज पर अमेरिकी सैनिकों की एक कैरियर में चढ़ने की तस्वीर के साथ लिखा, ‘नरक में आपका स्वागत है. जो अमेरिकी सैनिक ईरान की जमीन पर कदम रखेगा, वो सिर्फ ताबूतों में हीं वापस लौटेगा.’
क्या अमेरिका सच में ईरान पर करेगा जमीनी हमला?
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पेरिस में जी7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि मिडिल ईस्ट में यह युद्ध में महीनों नहीं, बल्कि कुछ ही हफ्तों मे खत्म हो सकता है. वहीं, ईरान में जमीनी हमले के लिए सैनिक भेजने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी जमीनी सेना भेजे बिना भी ईरान में अपने उद्देश्यों को पूरा कर सकता है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सैनिकों की मौजूदगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कई ऑपशन्स देती है.
उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति को कई संभावित परिस्थितियों के लिए तैयार रहना चाहिए, जिन पर मैं मीडिया में बात नहीं करूंगा. हम बिना जमीनी सैनिकों के भी अपने सभी उद्देश्यों को हासिल कर सकते हैं, लेकिन हम हमेशा राष्ट्रपति को ज्यादा से ज्यादा ऑप्शन और परिस्थितियों के अनुसार फैसले लेने का मौका देने के लिए तैयार रहेंगे.’
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