एक्सप्लोरर

दुनिया भर में अचानक से इंटरनेट गुल क्यों हो जाता है? इतनी सारी साइट क्यों काम करना बंद कर देती हैं?

मंगलवार को दुनिया भर में कई प्रमुख वेबसाइट अचानक से दिखनी बंद हो गईं और इसका तत्काल साफ कारण भी नहीं दिया गया.

जूनडलूप (ऑस्ट्रेलिया): अगर आप मंगलवार को कोई वेबसाइट तलाश रहे थे और वह आपको नहीं मिल पा रही थी तो यकीन मानिए इस समस्या से जूझने वाले आप अकेले इंसान नहीं थे. मंगलवार को दुनिया भर में कई प्रमुख वेबसाइट अचानक से दिखनी बंद हो गईं और इसका तत्काल साफ कारण भी नहीं दिया गया. हालांकि एक घंटे बाद ये साइट फिर से दिखने लगीं.

इस तरह से इन साइट का न दिखना हमें परेशान कर देता है. यह तब और परेशान करता है जब ऐसा बड़े स्तर पर होता है. मंगलवार को ऐसी वेबसाइट अचानक से दिखनी बंद हो गईं जिनका एक दूसरे से कोई लेना-देना नहीं है. इनमें बीबीसी, पिनटेरेस्ट, द फाइनेंशियल टाइम्स, रेडिट यहां तक कि द कन्वरसेशन भी शामिल है.

ऐसा कैसे हो सकता है कि इतने सारे अलग-अलग संगठनों की इतनी सारी साइट एक ही तरह की घटना से प्रभावित हो? जवाब जानने के लिए आपको समझना पड़ेगा कि सीडीएन (कंटेंट डिलिवरी नेटवर्क) क्या है और यह इंटरनेट के सुचारु रूप से चलने के लिए कितने जरूरी हैं.

तो मंगलवार को क्या हुआ था और सीडीएन क्या है?
हालांकि घटना को लेकर इतनी जल्दी एक व्यापक आकलन प्रदान नहीं किया जा सकता, इंटरनेट (एक बार फिर से उपलब्ध होने पर) ने तेजी से दोषी की तरफ इशारा किया.

फास्टली एक क्लाउड कंप्यूटिंग कंपनी है जो अमेजन और डिलिवरू सहित कई वेबसाइट को सीडीएन सेवा उपलब्ध कराती है. लेकिन एक अकेली कंपनी किस तरह से इंटरनेट के एक बड़े हिस्से को इस तरह प्रभावित कर सकती है?

हम जब कोई वेबसाइट खोलते हैं, हम अनुमान कर सकते हैं कि हमारा ब्राउजर इंटरनेट से दूर जाता है, दूर की साइट से संपर्क करता है और फिर हमारे स्क्रीन पर वह पेज दिखाता है. जहां यह पूरी प्रक्रिया का सार है, यह एक ज्यादा जटिल प्रक्रिया को हमें सीधे-सीधे नहीं दिखाता, वह प्रक्रिया जिसमें सीडीएन सेवाएं शामिल हो सकती हैं.

सीडीएन एक ऐसी सेवा है जिसकी मदद से लोकप्रिय वेबसाइट को अपने पेजों की प्रतियां अपने ग्राहकों के करीब रखती हैं. उदाहरण के तौर पर अगर हम बीबीसी की वेबसाइट ब्राउज करना चाहते हैं तो हम ब्रिटेन के किसी सर्वर से सीधा संपर्क कर सकते हैं. जहां इंटरनेट ब्रिटेन से कहीं भी वेब पेज पर ट्रांसफर कर सकता है, इसमें देरी होना तय है (शायद कुछ सौ मिलीसेकेंड की). और किसी को भी देरी अच्छी नहीं लगती.

ब्रिटेन का कोई पेज किसी दूसरे देश में देखने में थोड़ी देरी हो सकती है. इसलिए दुनिया भर में हर किसी के लिए तेजी से कंटेंट उपलब्ध कराने के मकसद से सीडीएन आमतौर पर वैश्विक स्तर पर काम करते हैं. सीडीएन सेवा प्रदाता आमतौर पर दुनिया भर के डेटा सेंटर में काम करते हैं, हर क्षेत्र में कंटेंट उपलब्ध कराने के लिए प्रमुख जनसंख्या केंद्रों में लोकप्रिय कंटेंट की प्रतियां रखते हैं.

ऐसा हो सकता है कि किसी एक तस्वीर या पेज एलीमेंट की डिलिवरी सीडीएन से आते हुए बहुत ज्यादा तेज न हो, बहुत सारे उपयोगकर्ता 200 मिलीसेकेंड और 20 मिलीसेकेंड के बीच का अंतर महसूस न कर पाएं. हालांकि आधुनिक वेबसाइट में प्राय: बहुत सारी चीजें होती हैं जिनमें तस्वीरें, वीडियो आदि शामिल हैं. एक साथ मिलने पर सीडीएन के जरिए रफ्तार में काफी सुधार हो सकता है.

तो, इतनी सारी साइट क्यों दिखनी बंद हो गईं?
सीडीएन सेवाएं हमारे वेब ब्राउजिंग के अनुभव को सुधारने के लिहाज से एक महत्वपूर्ण सेवा है- लेकिन इसकी एक कीमत चुकानी पड़ती है. जब फास्टली जैसा कोई प्रमुख सीडीएन प्रदाता काम करना बंद कर देता है तो इससे न केवल एक वेबसाइट बल्कि हर वह वेबसाइट प्रभावित हो सकती है, जिसे वह मदद करता है.

मंगलवार को दुनिया भर में कई साइट अचानक से दिखनी बंद हो गईं क्योंकि सीडीएन की मदद से उपलब्ध कराए जाने वाले कंटेंट की सेवा नहीं मिल रही थी. अगर इनमें से हर वेबसाइट ने अपना कंटेंट खुद होस्ट किया होता तो हमें इन दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता. हालांकि उस स्थिति में हमारा वेब ब्राउजिंग का अनुभव धीमा होता.

क्या ऐसा फिर से हो सकता है?
फास्टली इकलौता सीडीएन प्रदाता नहीं है. दूसरी प्रमुख सेवाओं में अकामाई और क्लाउडफ्लेयर शामिल हैं. इंटरनेट का गुल होना असामान्य नहीं है लेकिन यह आमतौर पर थोड़ी देर के लिए होता है.

यह भी पढ़ें:

Instagram: जानिए- ऐप पर स्क्रॉल करने पर कुछ निश्चित फीड ही क्यों नजर आती हैं ?

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

तेहरान को लेकर भारतीय दूतावास की एडवाइजरी, कहा- नागरिक ईरान यात्रा से बचें; हेल्पलाइन नंबर जारी
तेहरान को लेकर भारतीय दूतावास की एडवाइजरी, कहा- नागरिक ईरान यात्रा से बचें; हेल्पलाइन नंबर जारी
41 साल बाद कनाडा को आया होश, पहली बार कबूला सच, AIR INDIA 182 में हुए बम ब्लास्ट में खालिस्तानी का हाथ
41 साल बाद कनाडा को आया होश, पहली बार कबूला सच, AIR INDIA 182 में हुए बम ब्लास्ट में खालिस्तानी का हाथ
Venezuela Earthquake LIVE: वेनेजुएला में भूकंप से भीषण तबाही, मृतकों की संख्या 164 हुई, 1 हजार से ज्यादा घायल, भारत ने की मदद की पेशकश
LIVE: वेनेजुएला में भूकंप से भीषण तबाही, मृतकों की संख्या 164 हुई, 1 हजार से ज्यादा घायल, भारत ने की मदद की पेशकश
भारत के पड़ोसी देश नेपाल को फांसने की फिराक में ड्रैगन, चीनी राजदूत ने पेश किया 4-सूत्रीय प्लान, कैसे बचेंगे PM बालेंद्र शाह?
भारत के पड़ोसी देश नेपाल को फांसने की फिराक में ड्रैगन, चीनी राजदूत ने पेश किया 4-सूत्रीय प्लान, कैसे बचेंगे PM बालेंद्र शाह?

वीडियोज

Ram Mandir Daan Chori | Sanjay Singh | Champat Rai | Sandeep Chaudhary:राम नाम की लूट का पूरा सच!
Ketan Murder Case | Siya Goyal | ABP News | ABP Report : मर्डर के बाद सिया ने मनाया था जश्न
Ram Mandir Daan Chori | Sanjay Singh | Mahadangal: क्या खतरे में है हिंदुओं की आस्था?
Ram Mandir Donation Scam Exposed | Sanjay Singh: SIT की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा!
Electric Sierra Finally Revealed! Tata की सबसे Iconic SUV की वापसी #autolive

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अलर्ट: भारत के 'चिकन नेक' तक पहुंचा चीन! नई दिल्ली से बौखलाए ढाका के साथ ड्रैगन ने की बड़ी डील
अलर्ट: भारत के 'चिकन नेक' तक पहुंचा चीन! नई दिल्ली से बौखलाए ढाका के साथ ड्रैगन ने की बड़ी डील
केतन अग्रवाल हत्याकांड से चर्चा में आया लोहागढ़ का किला, छत्रपति शिवाजी महाराज से क्या कनेक्शन? जानें इतिहास
केतन अग्रवाल हत्याकांड से चर्चा में लोहागढ़ किला, शिवाजी महाराज से क्या कनेक्शन? जानें इतिहास
भारत के टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने क्यों बदली अपने जन्म की तारीख? जानें क्या है इसके पीछे का रहस्य
भारत के टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने क्यों बदली अपने जन्म की तारीख? जानें क्या है रहस्य
OTT Releases: एक्शन से एडवेंचर तक, भूलकर भी मिस ना करें नेटफ्लिक्स की ये 6 धांसू फिल्में, एक ने तो की थी रिकॉर्ड तोड़ कमाई
एक्शन से एडवेंचर तक, भूलकर भी मिस ना करें नेटफ्लिक्स की ये 6 धांसू फिल्में, एक ने तो की थी रिकॉर्ड तोड़ कमाई
पासपोर्ट मुद्दे पर विपक्ष ने केंद्र को घेरा, उठाए सवाल सवाल? पूछा-किस दस्तावेज पर करें यकीन
पासपोर्ट मुद्दे पर विपक्ष ने केंद्र को घेरा, उठाए सवाल सवाल? पूछा-किस दस्तावेज पर करें यकीन
‘अमेरिका के साथ कोई समझौता तब तक नहीं होगा, जब तक...’, US-भारत ट्रेड डील को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का बड़ा बयान
‘अमेरिका संग समझौता तब तक नहीं होगा, जब तक...’, US-भारत ट्रेड डील पर पीयूष गोयल का बड़ा बयान
गूगल से लेकर अमेजन तक, जानिए क्यों भारत में चेक बुक लेकर कतार में खड़े हैं दुनिया के दिग्गज
गूगल से लेकर अमेजन तक, जानिए क्यों भारत में चेक बुक लेकर कतार में खड़े हैं दुनिया के दिग्गज
Explained: PM मोदी की अपील के बाद लगातार सस्ता हो रहा सोना! इस महीने 16,000 रुपए गिरा, एक्सपर्ट्स से समझें- खरीदें या नहीं?
PM मोदी की अपील के बाद सोना सस्ता! जून में 16,000 रुपए गिरा, एक्सपर्ट से जानें- खरीदें या नहीं?
Embed widget