2015 से 2026 तक... अमेरिका-ईरान के बीच कब, कैसे और कितना बढ़ा तनाव, पढ़ें पूरी टाइमलाइन
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मई 2018 में अपने पहले कार्यकाल में अमेरिका को JCPOA से एकतरफा बाहर निकालते हुए अधिकतम दबाव अभियान शुरू किया, तबसे अमेरिका-ईरान संबंध सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं.

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर है, लेकिन ऐसी वो कौन सी वजहें रही हैं, जिनकी वजह से लगातार दोनों देशों में तकरार बढ़ती चली गईं. सबसे पहले जुलाई 2015 में Joint Comprehensive Plan of Action (JCPOA) पर हस्ताक्षर हुए, जिसके तहत ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर कड़ी सीमाएं स्वीकार कीं और बदले में अमेरिका-यूरोपीय संघ से प्रतिबंध पर राहत मिली, जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का भी समर्थन प्राप्त था.
फिर मई 2018 अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में अमेरिका को JCPOA से एकतरफा बाहर निकालते हुए अधिकतम दबाव अभियान शुरू किया और कड़े प्रतिबंध दोबारा लागू किए, जिससे ईरानी अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा.
जनवरी 2020 में अमेरिका ने बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर ड्रोन हमला किया. इस हमले में Islamic Revolutionary Guard Corps की क़ुद्स फ़ोर्स के कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत हो गई. इसी माह ईरान ने इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल दागकर जवाबी कार्रवाई की.
बाइडेन प्रशासन ने की थी सुलह की कोशिश
जनवरी 2021-जनवरी 2025 के बीच जो बाइडेन प्रशासन ने परमाणु समझौता पुनर्जीवित करने की कोशिश की, लेकिन बातचीत लंबी खिंचकर गतिरोध में बदल गईं, जबकि ईरान ने अपने शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाया. 13-24 जून 2025 के बीच इजरायल और ईरान के बीच सीधा सैन्य टकराव हुआ, जिसे Iran–Israel War या “ट्वेल्व-डे वॉर” कहा गया, जिसमें अमेरिका ने इज़राइल को रक्षा समर्थन दिया.
ईरान के अंदर अमेरिका का पहला हमला
अमेरिका ने इज़रायल के साथ मिलकर फोर्दो, नतांज़ और इस्फहान स्थित ईरानी परमाणु सुविधाओं पर हमला किया, जो 1979 के बाद ईरान के भीतर अमेरिका का पहली बार सीधा हमला था. ईरान ने कतर स्थित अल उदीद एयर बेस पर मिसाइल हमले किए और कतर की मध्यस्थता से इज़राइल-ईरान युद्धविराम हुआ, जिससे 12-दिवसीय युद्ध समाप्त हुआ.
फिर हो सकता है हमला
दिसंबर 2025 में तेहरान में महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हुए जो पूरे देश में फैल गए. डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को अंजाम भुगतने की चेतावनी दे डाली. फरवरी 2026 में डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर से ईरान पर शुरुआती लिमिटेड मिलिट्री स्ट्राइक करने पर विचार कर रहे हैं ताकि वह न्यूक्लियर डील के लिए मजबूर हो सके.
(इनपुट- दुष्यंत शेखर)
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