पाकिस्तान फिर बेनकाब! ISIS ने बलूचिस्तान में आतंकी ठिकानों के होने का किया दावा, BLA, BLF के खिलाफ जंग का ऐलान
ISKP ने बलूचिस्तान के विद्रोही संगठनों BLA और BLF के खिलाफ युद्ध का ऐलान किया है.अल अजैम की ओर से जारी वीडियो ने पाकिस्तान में ISKP कैंप के होने की पुष्टि कर दी है

Pakistan Terrorist Camp: पाकिस्तान की जमीन पर मौजूद आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट्स खुरासान (ISKP) ने वीडियो जारी करके बलूचिस्तान के विद्रोही ग्रुप बलूच लिबरेशन आर्मी, बलूच लिबरेशन फ्रंट के खिलाफ युद्ध का ऐलान किया है. इतना ही नहीं आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट्स ने वीडियो में आरोप लगाया की दो महीने पहले बलूच लिबरेशन आर्मी ने बलूचिस्तान के मष्टुंग इलाके में इस्लामिक स्टेट्स के कैंप पर हमला किया है.
इस्लामिक स्टेट्स खुरासान (ISKP) की प्रोपेगंडा विंग अल अजैम (Al-Azaim) की तरफ से जारी 34 मिनट के वीडियो में ISIS ने बलूचिस्तान के विद्रोही ग्रुप के खिलाफ युद्ध का ऐलान करके और पाकिस्तान के बलूचिस्तान के मष्टुंग इलाके में अपने कैंप होने की बात कहकर खुद पाकिस्तान की पोल खोल दी है .
तालिबान सरकार का पाकिस्तान पर आरोप
यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है, जब पाकिस्तान की सेना ने बलूच विद्रोहियों पर पिछले हफ्ते फिदायीन हमले का आरोप लगाते हुए उसे खत्म करने का ऐलान किया था. ऐसे में इस्लामिक स्टेट्स की ओर से बलूच विद्रोहियों के खिलाफ युद्ध के ऐलान ने पाकिस्तानी सेना के साथ इस्लामिक स्टेट के संबंधों को सामने ला दिया है. साथ ही पिछले कुछ समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार लगातार पाकिस्तान पर इस्लामिक स्टेट्स (ISKP) को पाकिस्तान में शरण देने का आरोप लगा रही थी, जिसे पाकिस्तान नकार कर रहा था. तालिबानी सरकार ने आरोप लगाया है पाकिस्तान आंतरिक विद्रोह को दबाने के लिए आतंकवादी संगठनों का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन वीडियो जारी करके आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने पाकिस्तान की पोल खोल दी और दावा किया कि मार्च में BLA के हमले में उसके 30 लड़ाके बलूचिस्तान के ISKP के कैंप में में मारे गए थे.
कब हुई थी इस्लामिक स्टेट्स खुरासान की स्थापना
ISK इस्लामिक स्टेट (IS) की अफगानिस्तान स्थित शाखा है. इसकी स्थापना वर्ष 2015 में अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में की गई. ISK में मध्य एशिया के आतंकवादी शामिल हैं और अगस्त 2021 में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद यह प्रभावशाली हुआ. ISK अफगानिस्तान के शिया अल्पसंख्यकों को निशाना बनाता है और मध्य एशिया तथा अफगानिस्तान के ताज़िक एवं उज़्बेक अल्पसंख्यकों के कट्टरपंथी युवाओं को अपने संगठन में शामिल करता है.
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