एक्सप्लोरर

Fusion Power: पृथ्वी पर 'सूरज' हो रहा तैयार, धरती को नुकसान पहुंचाए बिना मिलती रहेगी बेहिसाब ऊर्जा!

Nuclear Fusion Reaction Experiment: अमेरिका के वैज्ञानिक ऊर्जा का ऐसा स्रोत तैयार कर रहे हैं, जिसके जरिए पृथ्वी को नुकसान पहुंचाए बिना बेहिसाब ऊर्जा तैयार की जा सकेगी.

Nuclear Fusion Reaction: सौरमंडल में मौजूद सूर्य ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है. पृथ्वी से करोड़ों मील दूर होने के बाद भी इसकी रोशनी के जरिए सोलर एनर्जी तैयार की जाती है. लेकिन क्या हो, अगर सूरज जितनी ऊर्जा को पृथ्वी पर तैयार किया जाने लगे. अगर हमारे हाथ इतनी ज्यादा ऊर्जा लग जाए, तो हमें कोयले-पेट्रोल की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. पृथ्वी पर स्वच्छ ऊर्जा का एक बड़ा भंडार होगा. 

दरअसल, अमेरिकी वैज्ञानिकों ने न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन में नेट एनर्जी गेन (NEG) हासिल किया है. आसान भाषा में कहें तो न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन के दौरान जितनी ऊर्जा का इस्तेमाल किया गया, उससे ज्यादा ऊर्जा तैयार की गई. न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन के जरिए ऊर्जा का असीमित, सुरक्षित और साफ स्रोत खोजने की तैयारी चल रही है, ताकि ऊर्जा हासिल करते हुए पृथ्वी को हरा-भरा रखा जा सके. 

दिसंबर में भी हुआ था प्रयोग

कैलिफोर्निया के 'लॉरेंस लिवरमोर नेशनल लेबोरेटरी' के वैज्ञानिकों ने 30 जुलाई को नेशनल इग्निशन फैसिलिटी (NIF) में न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन की सफलता को दोहराया. ऐसा लगातार दूसरी बार किया गया है. इससे पहले दिसंबर में भी न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन से ऊर्जा तैयारी की गई थी. लेबोरेटरी के प्रवक्ता ने बताया कि दिसंबर की तुलना में इस बार ज्यादा ऊर्जा तैयार हुई है. 

क्या है न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन?

न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन वो प्रोसेस है, जिसमें दो या दो से अधिक हल्के परमाणु नाभिक (Atomic Nucleus) की टक्कर करवाई जाती है. इससे एक भारी नाभिक (Nucleus) तैयार होता है. इस प्रोसेस में बहुत ज्यादा ऊर्जा पैदा होती है. न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन सूर्य और अन्य तारों में ऊर्जा पैदा करने का मुख्य स्रोत है. यही वजह है कि लोग कई बार इसे पृथ्वी पर सूर्य को तैयार करने की प्रक्रिया कहते हैं. 

हालांकि, सबसे बड़ी समस्या ये है कि न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन को नियंत्रित करना बहुत मुश्किल होता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि इस प्रक्रिया के लिए बहुत अधिक तापमान और दबाव की जरूरत होती है. अगर न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन को नियंत्रित करने में सफलता मिल जाए, तो दुनिया को एक ऐसा ऊर्जा का स्रोत मिल सकता है जो सुरक्षित और स्वच्छ हो.

पृथ्वी को न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन से क्या फायदा है?

  • न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन स्वच्छ ऊर्जा स्रोत है, क्योंकि इसमें कोई प्रदूषण नहीं होता है.
  • इसे पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा का स्रोत माना जाता है क्योंकि यह ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन नहीं करता है.
  • ये कभी नहीं खत्म होने वाला ऊर्जा स्रोत है, क्योंकि हाइड्रोजन का भंडार बहुत विशाल है.
  • न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन से जो ऊर्जा हमें मिलता है, उसमें से किसी तरह का रेडिएशन भी नहीं निकलता है. 

न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन को काबू करने में सफलता पाने से हमें एक ऐसा ऊर्जा का स्रोत मिलेगा, जो दुनिया की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है. इंसान की कोयले-पेट्रोल जैसे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता भी खत्म हो जाएगी. हमें इसके जरिए जलवायु परिवर्तन से लड़ने में भी मदद मिलेगी. हालांकि, अभी इसमें पूरी सफलता हासिल करने में लंबा वक्त लगने वाला है. 

यह भी पढ़ें: अमेरिका ने यूरोप के किन-किन हिस्सों में परमाणु बम तैनात किए और क्यों, चौंकाने वाली रिपोर्ट!

 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत ने किया रुख साफ, इंडोनेशिया में पीएम मोदी की दुनिया को दो टूक
फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत ने किया रुख साफ, इंडोनेशिया में पीएम मोदी की दुनिया को दो टूक
इस्लामाबाद जान ले हम सब देख रहे...पाक की मध्यस्थता पर उठे सवाल, यूएस ने लगाई शहबाज शरीफ की क्लास
खामनेई के जनाजे में जाकर शहबाज ने की बड़ी भूल? US की आखों में चुभा पाक, अब ट्रंप लगाएंगे क्लास
ट्रंप की धमकी का खामनेई के जनाजे पर असर, डर गए दुनिया के इन 13 देशों ने शामिल होने से किनारा
ट्रंप की धमकी का खामनेई के जनाजे पर असर, डर गए दुनिया के इन 13 देशों ने शामिल होने से किनारा
सीरिया दौरे पर हुए दो बम धमाकों के बीच इमैनुएल मैक्रों का आया पहला रिएक्शन, बोले - 'मेरी यात्रा...'
सीरिया दौरे पर हुए दो बम धमाकों के बीच इमैनुएल मैक्रों का आया पहला रिएक्शन, बोले - 'मेरी यात्रा...'

वीडियोज

क्या ₹15 लाख में यही सबसे Best SUV है? नई Hyundai Venue N Line full Review | #hyundai #autolive
DR. Aarambhi: Aarambhi की सूझबूझ के आगे हारी Avantika, खुद को बेइज्जत होने से बचाया #sbs
Bollywood News: पुरानी यादों की कसक, नए इश्क़ का जुनून! 'आवारापन 2' का पहला गाना 'वे जुनून' बन गया चर्चा का केंद्र (07.07.26)
Gold Silver Price: औंधे मुंह गिरा सोना-चांदी! खरीदने का इससे बेस्ट मौका नहीं मिलेगा? ABPLIVE
Shilpa Shinde और Sunita Ahuja की बहस ने मचाया बवाल

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
क्या एथेनॉल वाले पेट्रोल से खराब हो रहीं आपकी गाड़ियां? उठते सवालों पर गडकरी का बड़ा खुलासा
क्या एथेनॉल वाले पेट्रोल से खराब हो रहीं आपकी गाड़ियां? उठते सवालों पर नितिन गडकरी का बड़ा खुलासा
युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष, कायस्थ फेस, कौन हैं बांकीपुर से BJP के प्रत्याशी अभिषेक कुमार? जानिए
युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष, कायस्थ फेस, कौन हैं बांकीपुर से BJP के प्रत्याशी अभिषेक कुमार? जानिए
बदलेगी एशियन गेम्स के लिए भारत की टीम, यहां भी संजू सैमसन पर गिरेगी गाज! सामने आया बड़ा अपडेट
बदलेगी एशियन गेम्स के लिए भारत की टीम, यहां भी संजू सैमसन पर गिरेगी गाज!
कौन हैं 'तारक मेहता' फेम एक्टर शैलेश लोढ़ा की लाडली स्वरा? लाइमलाइट से दूर रह कर करती हैं ये काम
कौन हैं 'तारक मेहता' फेम एक्टर शैलेश लोढ़ा की लाडली स्वरा? लाइमलाइट से दूर रह कर करती हैं ये काम
Explained: जून 2026 में 3.6 लाख EV गाड़ियां बिकीं! जबकि पूरे देश में सिर्फ 27 हजार चार्जिंग स्टेशन, क्या बढ़ेगा 'चार्जिंग संकट'?
जून 2026 में 3.6 लाख EV गाड़ियां बिकीं! देश में सिर्फ 27,737 स्टेशन, क्या बढ़ेगा चार्जिंग संकट?
सीरिया दौरे पर हुए दो बम धमाकों के बीच इमैनुएल मैक्रों का आया पहला रिएक्शन, बोले - 'मेरी यात्रा...'
सीरिया दौरे पर हुए दो बम धमाकों के बीच इमैनुएल मैक्रों का आया पहला रिएक्शन, बोले - 'मेरी यात्रा...'
मानसून की एक गलती और बर्बाद हो जाएगा केंचुआ खाद का बिजनेस, ऐसे बचाएं अपनी लागत
मानसून की एक गलती और बर्बाद हो जाएगा केंचुआ खाद का बिजनेस, ऐसे बचाएं अपनी लागत
ट्रंप की धमकी का खामनेई के जनाजे पर असर, डर गए दुनिया के इन 13 देशों ने शामिल होने से किनारा
ट्रंप की धमकी का खामनेई के जनाजे पर असर, डर गए दुनिया के इन 13 देशों ने शामिल होने से किनारा
Embed widget