उत्तर कोरिया ने दागी संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल, जापान सागर की ओर बढ़ा तनाव
North Korea ballistic missile: जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी उत्तर कोरिया द्वारा संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च किए जाने की पुष्टि की है

उत्तर कोरिया ने एक बार फिर बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण कर कोरियाई प्रायद्वीप और आसपास के इलाके में तनाव बढ़ा दिया है. दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट के पास समुद्र की दिशा में एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी है. इस घटनाक्रम पर जापान और अमेरिका समेत क्षेत्रीय देश नजर बनाए हुए हैं.
दक्षिण कोरिया की सेना की पुष्टि
दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बयान जारी कर कहा, 'उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर (जापान सागर) की ओर एक अज्ञात बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की है.' फिलहाल मिसाइल की रेंज और प्रकार को लेकर विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है.
जापान ने भी दी जानकारी
जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी उत्तर कोरिया द्वारा संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च किए जाने की पुष्टि की है. हालांकि, अभी तक किसी तरह के नुकसान या आपात स्थिति की कोई सूचना नहीं दी गई है.
हथियार उत्पादन बढ़ाने के निर्देश
इस मिसाइल परीक्षण से पहले उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने एक हथियार निर्माण फैक्ट्री का दौरा किया था. सरकारी मीडिया के अनुसार, किम ने सामरिक निर्देशित हथियारों के उत्पादन को मौजूदा स्तर से दोगुना से भी अधिक बढ़ाने का आह्वान किया है.
सैन्य गतिविधियां तेज
हाल के हफ्तों में किम जोंग उन लगातार हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों का दौरा कर रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने एक परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी का निरीक्षण भी किया और कई मिसाइल परीक्षणों की निगरानी की है. ये सभी गतिविधियां अगले साल होने वाली वर्कर्स पार्टी की नौंवी पार्टी कांग्रेस से पहले की जा रही हैं, जिसमें देश की प्रमुख नीतियों पर फैसला होना है.
नवंबर में भी किया था मिसाइल परीक्षण
उत्तर कोरिया ने नवंबर में भी एक बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था. यह परीक्षण उस समय किया गया था, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी बनाने की योजना को मंजूरी दी थी.
बढ़ते मिसाइल परीक्षणों से चिंता
हाल के वर्षों में प्योंगयांग ने मिसाइल परीक्षणों की संख्या में काफी इजाफा किया है. विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर कोरिया इस अभियान के जरिए अपनी सटीक हमला क्षमता को मजबूत करना चाहता है, अमेरिका और दक्षिण कोरिया को चुनौती देना चाहता है और भविष्य में इन हथियारों को रूस जैसे देशों को निर्यात करने की संभावनाएं भी परख रहा है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















