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Nobel Peace Prize 2025: ट्रंप को नोबेल मिलेगा या नहीं! कौन करेगा फैसला, किसी को कैसे चुना जाता है, जानें प्रक्रिया

हर साल अक्टूबर में नोबेल पुरस्कारों का ऐलान किया जाता है. जानिए नोबेल पुरस्कार की चयन प्रक्रिया क्या है, विजेताओं का चयन कौन करता है.

हर साल की तरह इस बार भी अक्टूबर का महीना विज्ञान, साहित्य और शांति के क्षेत्र में योगदान देने वालों के लिए सबसे खास है. इसी महीने नोबेल पुरस्कार विजेताओं (Nobel Prize Winners) की घोषणा की जाती है, जिनमें भौतिकी, रसायन, चिकित्सा, साहित्य, अर्थशास्त्र और शांति के क्षेत्र में असाधारण काम करने वालों को सम्मानित किया जाता है. नोबेल पुरस्कारों को दुनिया भर में मानवता की सर्वोच्च पहचान माना जाता है. इन पुरस्कारों का उद्देश्य है उन लोगों को सम्मानित करना है, जिन्होंने दुनिया को बेहतर और शांतिपूर्ण बनाने में योगदान दिया हो.

नोबेल पुरस्कारों का प्रशासनिक संचालन नोबेल फाउंडेशन (Nobel Foundation) की तरफ से किया जाता है. यह संस्था यह सुनिश्चित करती है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो. विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग संस्थाएं विजेताओं का चयन करती हैं, जो इस प्रकार है:

  • भौतिकी, रसायन विज्ञान और अर्थशास्त्र: रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज (Royal Swedish Academy of Sciences)
  • चिकित्सा: कैरोलिन्स्का इंस्टीट्यूट की नोबेल असेंबली (Karolinska Institute)
  • साहित्य: स्वीडिश एकेडमी (Swedish Academy)
  • शांति: नॉर्वे की संसद द्वारा नियुक्त समिति (Norwegian Nobel Committee)

हर क्षेत्र में विशेषज्ञ अपने-अपने विषय में सबसे योग्य उम्मीदवारों का चयन करते हैं.

नोबेल पुरस्कार चयन प्रक्रिया

नोबेल पुरस्कार विजेताओं का चयन एक लंबी और गोपनीय प्रक्रिया से होता है, जो लगभग 8 महीने तक चलती है. सितंबर में नामांकन प्रक्रिया शुरू होती है. केवल कुछ चुने हुए व्यक्ति या संस्थाएं ही किसी को नामांकित कर सकती हैं, जैसे किसी देश के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री, संसद सदस्य, विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर, पूर्व नोबेल विजेता या नोबेल समिति के सदस्य. सभी नामांकनों की रिपोर्ट तैयार की जाती है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और स्वतंत्र सलाहकारों की मदद ली जाती है. रिपोर्ट पर महीनों तक चर्चा होती है. जिन उम्मीदवारों के कार्य और योगदान को प्रमुख माना जाता है, उनकी गहराई से जांच की जाती है. कुछ ही नाम बाकी रहने के बाद समिति साधारण बहुमत (Majority Vote) से अंतिम विजेता का चयन करती है.

नोबेल प्रक्रिया इतनी गोपनीय क्यों है?

नोबेल फाउंडेशन यह सुनिश्चित करता है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय (Confidential) रहे. किसी उम्मीदवार को किसने नामांकित किया, यह जानकारी 50 साल तक सार्वजनिक नहीं की जाती. कई बार विजेताओं को भी यह नहीं पता होता कि उन्हें नामांकन किसने दिया था. इस गोपनीयता का उद्देश्य राजनीतिक या सामाजिक दबाव से मुक्त निर्णय लेना है.

नोबेल शांति पुरस्कार के पात्र कौन?

नोबेल शांति पुरस्कार के लिए केवल जीवित व्यक्ति या सक्रिय संगठन ही पात्र माने जाते हैं. नामांकन करने के योग्य व्यक्तियों में किसी देश की संसद या सरकार के सदस्य, विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर, पूर्व नोबेल विजेता और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के प्रमुख शामिल होते हैं. हर साल लगभग 300 से अधिक नामांकन आते हैं, लेकिन अंतिम सूची में सिर्फ एक या दो विजेता ही चुने जाते हैं.

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