'हम यहीं तो रहते हैं', वेनेजुएला के तेल पर कब्जे को लेकर सवाल पर बोले मार्को रुबियो; रूस-चीन को दे डाली चेतावनी
अमेरिका ने वेनेजुएला पर हुई सैन्य कार्रवाई को युद्ध या हमला करार नहीं दिया है. इसके अलावा अमेरिका ने तेल भंडारण पर कब्जे की बात पर भी प्रतिक्रिया दी है.

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के एक बयान की चर्चा जोरों पर है. जब उनसे वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन का मतलब पूछा गया कि अगर वहां के नेता निकोलस मादुरो को न्याय के कटघरे में लाना इस हमले का मकसद था तो वेनेजुएला के तेल उद्योग पर कब्जा करने की जरूरत क्या थी. इस पर उन्होंने विस्तार से जबाव दिया है.
NBC News को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि यह पश्चिमी गोलार्ध (वेस्टर्न हेमिस्फेयर) है. हम यहां रहते हैं. अमेरिका इस इलाके में अमेरिकी दुश्मनों को ऑपरेशन बेस नहीं बनने देगा.
उन्होंने कहा कि हमें बैकअप की जरूरत नहीं है. हमारे पास बहुत तेल है. हम वेनेजुएला के तेल उद्योग को अमेरिका के दुश्मनों की तरफ से चलाने की अनुमति नहीं देंगे.
रूस, चीन और ईरान पर भी साधा निशाना
मार्को रुबियो ने कहा कि आपको समझना होगा. चीन को उनके तेल की जरूरत क्यों है? रूस को उनके तेल की जरूरत क्यों है? ईरान को उनके तेल की जरूरत क्यों है? वे तो इस महाद्वीप पर हैं भी नहीं. यह पश्चिम का इलाका है. हम यहां रहते हैं. हम चाहते हैं, कि उस देश के तेल से होने वाली कमाई का फायदा वहां के लोगों को हो.
🚨 HOLY SMOKES. In an incredible moment, Sec. Marco Rubio declares the Western Hemisphere is OURS, Russia, China and Iran must GET OUT
— Eric Daugherty (@EricLDaugh) January 4, 2026
WELKER: Why does the US need Venezuelan oil?!
RUBIO: "Why does CHINA need their oil? Russia? Iran? This is the West, THIS IS WHERE WE LIVE."🔥… pic.twitter.com/ZJU6L2BkNo
2014 से वेनेजुएला में पलायन जारी है
उन्होंने वेनेजुएला में जारी 2014 से पलायन की ओर भी इशारा किया है. उन्होंने इसका दोष वेनेजुएला में बढ़ते विदेशी दखल को दिया है. साथ ही कहा कि इस क्षेत्र को अस्थिर करने का काम भी इन्होंने किया.
रुबियो ने कहा कि यह सभी कुछ अब नहीं होने वाला. वे अब हमारे इलाके में आकर हमारे क्षेत्रों को अस्थिर नहीं करेंगे. नहीं तो उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. राष्ट्रपति ट्रंप के होते ऐसा नहीं होगा.
हम जोखिम लेने के मूड में नहीं थे
इस पर उनसे अमेरिकी कांग्रेस से मंजूरी न लिए जाने की मजबूरी के बारे में भी सवाल किया गया. उन्होंने बताया कि यह ऐसा एक्शन नहीं था, जिसके लिए कांग्रेस की मंजूरी लेने की जरूरत हो. यह कोई हमला नहीं था. यह कोई लंबा मिलिट्री ऑपरेशन भी नहीं था. यह बहुत ही सटीक ऑपरेशन था. कुछ घंटों में एक्शन लिया गया. हम किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं थे.
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Source: IOCL






















