एक्सप्लोरर

Kamala Harris: कमला हैरिस का नेहरू से क्या है कनेक्शन! भारत के लिए वो बेहतर हैं या ट्रंप?

Kamala Harris: डोनल्ड ट्रंप के प्रधानमंत्री मोदी से शानदार व्यक्तिगत रिश्ते रहे हैं. वहीं कमला हैरिस के पूर्वज भारतीय ही थे, वो साल 2009 में अपनी मां की अस्थियों को विसर्जित करने के लिए चेन्नई आई थीं.

Kamala Harris: अब ये तो तय है कि जो बाइडेन अमेरिका के राष्ट्रपति नहीं होंगे. अब रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनल्ड ट्रंप को चुनौती मिलेगी अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से, जिन्हें जो बाइडेन ने भी सपोर्ट कर दिया है और कमला हैरिस का भारत से पुराना नाता है, ये भी अब सब जानते हैं. लेकिन क्या भारतीय मूल की होने के नाते कमला हैरिस अमेरिका में राष्ट्रपति बनने के बाद भी भारत के लिए कुछ खास करेंगी. या फिर कमला हैरिस से ज्यादा फायदेमंद डोनल्ड ट्रंप हैं. आखिर भारत के लिए ट्रंप और कमला हैरिस में से कौन है बेहतर और आखिर कमला हैरिस का देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू से क्या है कनेक्शन, आज इसको विस्तार से समझते हैं. 

सबसे पहले आपको बताते हैं कमला हैरिस का नेहरू कनेक्शन और फिर जानेंगे कि ट्रंप और हैरिस में से भारत के लिए बेहतर कौन है. जवाहर लाल नेहरू 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक देश के प्रधानमंत्री थे. देश में जॉइंट सेक्रेटरी की नियुक्ति और उनके तबादले का अधिकार प्रधानमंत्री के ही पास होता था. पंडित नेहरू ने 1960 में एक जॉइंट सेक्रेटरी की नियुक्ति की. उनका नाम था पीवी गोपालन. पूरा नाम पैनगंडू वेंकटरमन गोपालन. इन्हीं पीवी गोपालन की सबसे बड़ी बेटी का नाम था श्यामला.

पीवी गोपालन दिल्ली में थे तो उन्होंने अपनी बेटी को लेडी इर्विन कॉलेज से होम साइंस में बीएससी में एडमिशन दिलवाया. श्यामला ने बीएससी पूरी भी की. इसी दौरान यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले के लिए न्यूट्रिशन और एंडोक्राइनोलॉजी में मास्टर्स के लिए श्यामला ने अप्लाई किया. वो सेलेक्ट भी हो गईं. उन्हें स्कॉलरशिप भी मिल गई. इसके बाद पीवी गोपालन ने अपनी जमा-पूंजी इकट्ठा करके श्यामला को अमेरिका भेज दिया.

कमला हैरिस का भारत से कनेक्शन

इसी पढ़ाई के दौरान श्यामला की मुलाकात जमैका मूल के डोनल्ड जे हैरिस से हुई. बाद में दोनों ने शादी कर ली. इन्हीं दोनों की बेटी हैं कमला हैरिस, जो अब अमेरिका की नई उपराष्ट्रपति हैं. हालांकि श्यामला ने 1970 के आस-पास डोनल्ड जे हैरिस से तलाक ले लिया था. दोनों बेटियों कमला हैरिस और माया हैरिस के साथ श्यामला कई बार चेन्नई अपने पिता के यहां आ चुकी थीं. कैंसर की वजह से 11 फरवरी, 2009 को श्यामला की मौत हो गई थी. कमला हैरिस साल 2009 में ही उनकी राख लेकर चेन्नई आई थीं और उसे समंदर में बहाया था. जब कमला हैरिस अमेरिका की उपराष्ट्रपति बनीं तो इसी चेन्नई कनेक्शन की वजह से भारत के लोगों के मन में एक उम्मीद जगी थी.

लेकिन क्या वो उम्मीदें पूरी हो पाईं. इसका जवाब हां या न में हो ही नहीं सकता. क्योंकि कमला हैरिस भले ही भारतीय मूल की हैं और इस बात को वो बार-बार कहती भी हैं, लेकिन उनकी प्राथमिकता में सिर्फ और सिर्फ अमेरिका है, कोई और देश नहीं. और डोनल्ड ट्रंप के साथ भी यही है. उनकी भी प्राथमिकता कोई और देश नहीं बल्कि अमेरिका ही है. ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत रिश्ते बड़े शानदार रहे हैं. तभी तो प्रधानमंत्री मोदी भी अमेरिका जाकर कहते हैं अबकी बार ट्रंप सरकार और ट्रंप भी भारत आते हैं तो कहते हैं अबकी बार मोदी सरकार.

कमला या ट्रंप, कौन भारतीयों के लिए फायदेमंद?

वहीं कमला हैरिस भारत के लिए बस इतना सा कहती हैं कि अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों को राजनीति में उतना प्रतिनिधित्व नहीं मिला, जितना मिलना चाहिए. तो ऐसे में भारत के एक देश के तौर पर अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए न तो ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने से कुछ बदलेगा और न ही कमला हैरिस के. हां, जहां पर भारत के लोगों की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं का सवाल है, वो है वीजा. जिसमें ट्रंप के मुकाबले कमला हैरिस का रुख ज्यादा लचीला है.

भारत से अमेरिका में जो लोग नौकरी करने के लिए जाते हैं, उन्हें एच 1 बी वीजा की जरूरत होती है और ट्रंप हमेशा से ऐसे वीजा के खिलाफ हैं, जबकि कमला हैरिस चाहती हैं कि इस तरह के वीजा दिए जाएं और वो भी बिना किसी कैपिंग के. यानी कि जिस देश को जितना वीजा चाहिए, अमेरिका उसे मुहैया करवाए ताकि अप्रवासी लोग अमेरिका में रह सकें. वहीं ट्रंप इसके बिल्कुल खिलाफ हैं.

इस लिहाज से कमला हैरिस का अमेरिका का राष्ट्रपति बनना मुफीद है, क्योंकि अगर इस तरह का वीजा नहीं होता तो कमला हैरिस के पैदा होने के वक्त जिस अमेरिका में महज 12 हजार भारतीय मूल के लोग थे, अब उनकी संख्या 30 लाख के पार नहीं हुई होती. लेकिन अमेरिका की राजनीति में बाइडेन के हटने के बाद भी डोनल्ड ट्रंप का पलड़ा भारी ही नज़र आ रहा है. और ट्रंप भी इस बात को दोहराने लगे हैं कि उनके लिए बाइडेन की तुलना में कमला हैरिस को हराना ज्यादा आसान है.

ब्रिटेन के पूर्व पीएम ऋषि सुनक भी तो थे भारतीय

लिहाजा अभी ये कहना बेहद जल्दबाजी होगी कि महज भारतीय मूल का होने की वजह से कमला हैरिस कुछ ऐसे कदम उठाएंगी, जो भारत के हित में होंगे. ब्रिटेन में ऋषि सुनक इसका उदाहरण रह चुके हैं, जहां प्रधानमंत्री बनने के बाद भी ऋषि सुनक ने ऐसा कुछ भी भारत के लिए नहीं किया, जिसे इतिहास में दर्ज किया जा सके. कमला हैरिस ऐसा कुछ करती हैं या नहीं ये बाद की बात है फिलहाल तो 5 नवंबर तक का इंतजार करना होगा और देखना होगा कि अमेरिका के इस राष्ट्रपति चुनाव में डोनल्ड ट्रंप वापसी करते हैं या फिर बाइडेन के हटने से कमला हैरिस के पक्ष में वोटर लामबंद होकर उन्हें अमेरिका की पहली महिला राष्ट्रपति बना देते हैं.

ये भी पढ़ें: शेख हसीना को हटाने की मांग, बांग्लादेश में कट्टरपंथी ताकतें मजबूत, भारत के लिए बड़ा खतरा

अविनाश राय एबीपी लाइव में प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. अविनाश ने पत्रकारिता में आईआईएमसी से डिप्लोमा किया है और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ग्रैजुएट हैं. अविनाश फिलहाल एबीपी लाइव में ओरिजिनल वीडियो प्रोड्यूसर हैं. राजनीति में अविनाश की रुचि है और इन मुद्दों पर डिजिटल प्लेटफार्म के लिए वीडियो कंटेंट लिखते और प्रोड्यूस करते रहते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

US Iran Peace Talks In Pakistan Live: युद्ध के बीच इजरायल और लेबनान ने पहली बार की बात, किसने की हमले बंद करने की अपील?
Live: युद्ध के बीच इजरायल और लेबनान ने पहली बार की बात, किसने की हमले बंद करने की अपील?
हॉर्मुज से लेबनान तक… ईरान ने इस्लामाबाद में रखी ये बड़ी शर्तें, अब अमेरिका की बारी
हॉर्मुज से लेबनान तक… ईरान ने इस्लामाबाद में रखी ये बड़ी शर्तें, अब अमेरिका की बारी
ईरान की कौनसी है वो एक शर्त, जिसे मान गया अमेरिका? क्या अब खुलेगा हॉर्मुज
ईरान की कौनसी है वो एक शर्त, जिसे मान गया अमेरिका? क्या अब खुलेगा हॉर्मुज
अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच पाकिस्तान ने सऊदी में तैनात किए फाइटर जेट, शहबाज शरीफ ने क्यों किया ये फैसला?
अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच पाकिस्तान ने सऊदी में तैनात किए फाइटर जेट, शहबाज शरीफ ने क्यों किया ये फैसला?

वीडियोज

Weekend Recap: 😳देखिये इस हफ्ते का weekend reacp, TV की दुनिया की सभी बड़ी हलचल एक साथ #sbs
'दोस्त' ऑफ ईरान... 'Ghosts' ऑफ बेरूत !
बर्गर के अंदर निकला जिंदा कॉकरोच, वीडियो देख उड़ जाएंगे होश!
Islamabad Meeting से पहले बढ़ा तनाव, क्या निकलेगा कोई हल?
शांतिपथ पर लेबनान वाला 'डायवर्जन'

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच पाकिस्तान ने सऊदी में तैनात किए फाइटर जेट, शहबाज शरीफ ने क्यों किया ये फैसला?
अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच पाकिस्तान ने सऊदी में तैनात किए फाइटर जेट, शहबाज शरीफ ने क्यों किया ये फैसला?
CM योगी ने बदला एक और नाम, अब रविंद्र नगर के नाम से जाना जाएगा लखीमपुर खीरी का मियांपुर
CM योगी ने बदला एक और नाम, अब रविंद्र नगर के नाम से जाना जाएगा लखीमपुर खीरी का मियांपुर
'बड़े-बड़े बॉलर्स को डर लग रहा है', वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बैटिंग पर क्या बोले पूर्व भारतीय क्रिकेटर?
'बड़े-बड़े बॉलर्स को डर लग रहा है', वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बैटिंग पर क्या बोले पूर्व भारतीय क्रिकेटर?
संसद भवन में आमने-सामने PM मोदी और राहुल गांधी, दोनों के बीच क्या हुई बात, देखें VIDEO
संसद भवन में आमने-सामने PM मोदी और राहुल गांधी, दोनों के बीच क्या हुई बात, देखें VIDEO
The Kerala Story 2 Box Office: 'धुरंधर 2' के तूफान के बीच 'द केरल स्टोरी 2' ने 6 हफ्ते किए पूरे, जानें- कलेक्शन और बजट
'धुरंधर 2' के तूफान के बीच 'द केरल स्टोरी 2' ने 6 हफ्ते किए पूरे, जानें- कलेक्शन और बजट
ईरान की कौनसी है वो एक शर्त, जिसे मान गया अमेरिका? क्या अब खुलेगा हॉर्मुज
ईरान की कौनसी है वो एक शर्त, जिसे मान गया अमेरिका? क्या अब खुलेगा हॉर्मुज
बदलते मौसम में कहीं खो न जाए आम की मिठास, किसान कर सकते हैं ये 5 उपाय
बदलते मौसम में कहीं खो न जाए आम की मिठास, किसान कर सकते हैं ये 5 उपाय
म्यूजिक स्कूल को आखिरी अलविदा, बम की आवाजों के बीच ईरानी शिक्षक ने बजाई इमोशनल धुन, वीडियो देख रो पड़े यूजर्स
म्यूजिक स्कूल को आखिरी अलविदा, बम की आवाजों के बीच ईरानी शिक्षक ने बजाई इमोशनल धुन, वीडियो देख रो पड़े यूजर्स
Embed widget