इस्लामाबाद मस्जिद हमला: ISKP ने ली जिम्मेदारी, पाक की धरती पर पल रहा ‘प्रॉक्सी जिहाद’ फिर बेनकाब
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार (6 फरवरी) दोपहर में शिया मस्जिद कैसर ख़दीजजातुल कुबरा में हुए फ़िदायीन आत्मघाती हमले की ज़िम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट खोरासान (ISKP) ने ली है.

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार (6 फरवरी) दोपहर में शिया मस्जिद कैसर ख़दीजजातुल कुबरा में हुए फ़िदायीन आत्मघाती हमले की ज़िम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट खोरासान (ISKP) ने ली है, जिसे ख़ुद पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI ने बलूचिस्तान में बलूच लड़ाकों के ख़िलाफ़ और ख़ैबर पख्तूनख़्वाह में लश्कर ए तैयबा के साथ मिलकर भारत पर हमला करने के लिए पनाह दी है.
ISKP के आधिकारिक प्रोपेगंडा चैनल अमाक एजेंसी की तरफ़ से जारी बयान में इस्लामिक स्टेट खोरासान ने बताया कि उसने कल शिया मस्जिद पर इसलिए आत्मघाती हमला करवाया था क्यूंकि पाकिस्तानी शिया लड़ाके सीरिया में उसके ख़िलाफ़ ज़ैनब्योन संगठन बनाकर लड़ रहे हैं. बयान के साथ ISKP ने फ़िदायीन आत्मघाती हमलावर का चेहरा ब्लर करके तस्वीर भी जारी की है.
पहले भी हुए हैं आतंकी हमले
यह पहला मौक़ा नहीं है जब सीरिया में ISKP के ख़िलाफ़ लड़ने की वजह से शिया समुदाय पर हमला हुआ हो. इससे पहले दिसंबर 2015 में आतंकी संगठन सिपाह ए सहाबा के प्रॉक्सी लश्कर ए झांगवी ने खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के परचिनार में शिया समुदाय पर फिदायीन हमला किया था जिसमें 25 शिया मारे गए थे और 30 घायल हुए थे. उस समय भी सिपाह ए सहाबा ने लश्कर ए झांगवी के नाम से धमकी दी थी की अगर पाकिस्तानी शिया समुदाय के लोग सीरिया और इराक में जाकर ज़ैनब्योन की तरफ़ से ISKP से लड़ना बंद नहीं करेंगे तो उन पर इससे भी दर्दनाक हमले किए जाएंगे.
क्या है सिपाह ए मोहम्मद
पाकिस्तानी शियाओं ने आतंकी संगठन सिपाह ए सहाबा से लड़ने के लिए साल 1994 में सिपाह ए मोहम्मद पाकिस्तान नाम का आतंकी संगठन बनाया था, जो शिया लोगों पर हमला करने वाले सिपाह ए सहाबा और उसके प्रॉक्सी लश्कर ए झांगवी के बड़े कमांडरों पर हमले करता था और सिपाह ए सहाबा की मदद करने वाले सुन्नी मुसलमानों को निशाना बनाता था. पाकिस्तान ने सिपाह ए साहब को 2002 में बैन कर दिया था लेकिन फिर भी 2010 तक पाकिस्तानी शिया समुदाय का आतंकी संगठन सिपाह ए मोहम्मद पाकिस्तान पाकिस्तान के अलग अलग प्रांतों में मजबूती से एक्टिव रहा. इस संगठन को ईरान की मदद हासिल थी और ईरान के रिपब्लिक गार्ड्स (IRGC) इन शिया आतंकियों को ट्रेनिंग और पैसा देते थे.
ईरान की क्या है भूमिका
साल 2012 में ईरान के कहने पर शिया आतंकी संगठन सिपाह ए मोहम्मद पाकिस्तान के 2 हज़ार से ज़्यादा लड़ाकों को सीरिया और इराक में इस्लामिक स्टेटस और अमेरिका के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए भेजा गया. साथ ही सीरिया और इराक में इस नए संगठन का नाम रखा गया लिवा ज़ैनब्योन या फिर लश्कर ए ज़ैनब्योन. लश्कर ए ज़ैनब्योन में 2 हज़ार से ज़्यादा आतंकी ऐसे थे जो पाकिस्तान में शिया आतंकी संगठन सिपाह ए मोहम्मद पाकिस्तान के लिए पंजाब, बलूचिस्तान, ख़ैबर पख्तूनख्वाह में सिपाह ए सहाबा के ख़िलाफ़ काम करते थे जबकि 1 हज़ार के आस-पास ऐसे लड़ाकों को भी ईरान ने ट्रेन करने लश्कर ए ज़ैनब्योन में शामिल करवाया था जो पाकिस्तानी शिया थे लेकिन ईरान में अवैध रूप से रह रहे थे.
वर्तमान में लिवा ज़ैनब्योन या फिर लश्कर ए ज़ैनब्योन में 5 हज़ार से ज़्यादा आतंकी काम करते हैं. इनका प्रमुख इस समय आबिद हुसैन तुरी उर्फ़ तेहरान तुरी है जो ख़ैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के ऊपरी कुर्रम में रहता है. साथ ही आए दिन खैबर पख्तूनख़्वाह में भी आबिद हुसैन तुरी उर्फ़ तेहरान तुरी के लड़कों और सिपाह ए सहाबा के लड़ाकों के बीच टकराव होता रहता है.
पाकिस्तान में कहां-कहां एक्टिव है ISKP
पाकिस्तान में इस्लामिक स्टेट खोरासान (ISKP) बलूचिस्तान के माष्टुंग इलाक़े में और खैबर पख्तूनख़्वाह के ख़ैबर जिले में एक्टिव है और उसके बेस हैं. बलूचिस्तान में ISKP का संचालन ISKP का प्रमुख शहाब अल मुज़ाहिर ISI के एसेट, लश्कर ए तैयबा के पूर्व आतंकी कमांडर और मुसल्लाह दिफ़ा तंज़ीम के प्रमुख मीर शफीक मेंगल के साथ मिलकर करता है. साथ ही सिपाह ए सहाबा और लश्कर ए झांगवी भी इस नेटवर्क का हिस्सा है. बलूचिस्तान के माष्टुंग से संचालित होने वाला ISKP का प्रमुख गुट अफ़ग़ानिस्तान, ईरान, उज़्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान समेत मध्य एशिया और दक्षिण एशिया में आतंकी हमले करता है और पाकिस्तान के बलूच लड़ाकों और शिया आबादी को निशाना बनाता है.
रिटायर्ड मेजर आदिल राजा ने क्या बताया
पाकिस्तानी सेना के रिटायर्ड मेजर आदिल राजा ने इस्लामाबाद में शिया मस्जिद पर हुए हमले को आतंकी संगठन सिपाह ए सहाबा और इस्लामिक स्टेट खोरासान का मिलकर किया गया हमला करार दिया है और अपने यूट्यूब चैनल @Soldierspeaks पर तस्वीरें जारी करके दिखाया है कि किस तरह से पाकिस्तान की सरकार सेना और ISI इस्लामिक स्टेट खोरासान के साथ सांठगाठ में जुड़ी हुई है और वीडियो में रिटायर्ड मेजर आदिल राजा ने इस्लामिक स्टेट खोरासान (ISKP) के कॉर्डिनेटर शफीक मेंगल की बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती और पूर्व प्रधानमंत्री अनवार उल हक के साथ तस्वीरें भी जारी की है.
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Source: IOCL




























