'हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन...', डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर ईरान की दो टूक, आर-पार के मूड में खामेनेई!
Iran Protests: ट्रंप ने बार-बार धमकी दी थी कि अगर तेहरान प्रदर्शनकारियों को मारता है तो वह सैन्य हस्तक्षेप करेंगे. इस बीच ईरान ने कहा कि वह युद्ध नहीं चाहता, लेकिन युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है.

ईरान में देशव्यापी प्रदर्शन के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य हस्तक्षेप की धमकी दी, जिसके बाद सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई आर-पार के मूड में नजर आ रहे हैं. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार (12 जनवरी 2026) को तेहरान में विदेशी राजदूतों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा ईरान का इस्लामी गणराज्य युद्ध नहीं चाहता, लेकिन युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार है.
ईरान बातचीत के लिए तैयार: अब्बास अराघची
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (11 दिसंबर 2025) को कहा था कि ईरान का नेतृत्व उनके प्रशासन के साथ बातचीत करना चाहता है. ट्रंप ने बार-बार धमकी दी थी कि अगर तेहरान प्रदर्शनकारियों को मारता है तो वह सैन्य हस्तक्षेप करेंगे. देश में बढ़ती महंगाई के विरोध में दो हफ्ते पहले शुरू हुए प्रदर्शनों में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं. अब्बास अराघची ने कहा, 'हम बातचीत के लिए भी तैयार हैं, लेकिन ये बातचीत निष्पक्ष होनी चाहिए, जिसमें सभी के अधिकार समान हों और आपसी सम्मान पर आधारित हो.'
ईरान में हस्तक्षेप का बहाना खोज रहे ट्रंप: अराघची
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघची ने कहा कि देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर हुई कार्रवाई के बाद हालात पूरी तरह नियंत्रण में आ गए हैं. उन्होंने कहा कि उनके देश में हुए विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए ताकि ट्रंप को हस्तक्षेप करने का बहाना मिल सके. ईरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि हमारे विदेश मंत्री और संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के विशेष दूत के बीच संवाद का माध्यम खुला है.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश के नाम अपने संबोधन में कहा कि ट्रंप का भी पतन होगा. उन्होंने कहा, 'ट्रंप को ये बात ध्यान में रखनी चाहिए कि फिरौन, निमरूद, रजा शाह और मोहम्मद रजा तानाशाह जैसे तानाशाह अपने घमंड के चरम पर गिराए गए. उनका (ट्रंप) भी पतन होगा.'
ईरान में सरकार के समर्थकों ने किया शक्ति प्रदर्शन
देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद ईरान में सरकार के हजारों समर्थकों ने सड़कों पर आकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया. ईरान की संसद के अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इन प्रदर्शनों को लेकर उस पर हमला करता है तो अमेरिकी सेना और इजरायल उसके निशाने पर होंगे. 84 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी ईरान में इंटरनेट सेवा बंद है और लोग फोन पर भी एक-दूसरे से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं.
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Source: IOCL


























