शादी के बाद इमरान खान की धर्मगुरु पत्नी बुशरा ने पहली बार की खुलकर बात, कहा- इमरान नहीं है पाकिस्तान के सबसे बड़े नेता
इमरान खान की तीसरी पत्नी बुशरा बीबी ने पहली बार टेलीविजन इंटरव्यू दिया है. इस दौरान पाकिस्तान में बड़े धर्मगुरु का दर्जा रखने वाली बुशरा ने कई बड़ी बातें कहीं. इस दौरान उन्होंने जो सबसे बड़ी बात कही वो ये कि इमरान खान को राजनीतिज्ञ नहीं कहा जा सकता, इमरान खान बड़े नेता हैं. लेकिन पाकिस्तान के सबसे बड़े नेता कायद-ए-आजम (मोहम्मद अली जिन्ना) थे और उन जैसा कोई लीडर नहीं हुआ.

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की तीसरी पत्नी बुशरा बीबी ने पहली बार टेलीविजन इंटरव्यू दिया है. इस दौरान पाकिस्तान में बड़े धर्मगुरु का दर्जा रखने वाली बुशरा ने कई बड़ी बातें कहीं. इस दौरान उन्होंने जो सबसे बड़ी बात कही वो ये कि इमरान खान को राजनीतिज्ञ नहीं कहा जा सकता, इमरान खान बड़े नेता हैं. लेकिन पाकिस्तान के सबसे बड़े नेता कायद-ए-आजम (मोहम्मद अली जिन्ना) थे और उन जैसा कोई लीडर नहीं हुआ.
बुशरा बीबी ने कहा कि इस वक्त मुस्लिम दुनिया में जो दो सबसे बड़े नेता हैं उनमें पहला नाम इमरान खान और दूसरा तैय्यब इर्दोगान का है. पाकिस्तान की खुशकिस्मती है कि इस देश को इमरान खान जैसे नेता मिला और पाकिस्तान की तकदीर इमरान खान ही बदलेंगे. बुशरा बीबी ने कहा कि हालांकि, पाकिस्तान की तकदीर बदलने में जरा वक्त लगेगा. उनका कहना है कि इमरान देश की आवाम के बारे में सोचते हैं.
बुशरा ने ये खुलासा भी किया कि इमरान खान अपने कुत्ते से बेहद प्यार करते है और वो उनकी देखभाल करती हैं. इमरान की पत्नी ने कहा, "हम दोनों ने एक दूसरे से बहुत कुछ सीखा है. लेकिम मैंने उनसे इंसान की खिदमत करना सीखा है." इमरान की पिछली जिंदगी पर बुशरा बीबी का कहना है कि बुनियादी तौर पर इमरान खान एक नेक इंसान हैं. बुशरा बीबी ने मीडिया पर हमला करते हुए कहा कि मीडिया अपने शब्दों पर गौर नहीं कर रहा है और खुद को तबाह कर रहा है.
अपने निकाह का जिक्र करते हुए बुशरा बीबी ने कहा, "जब मेरा निकाह हुआ तो कहा गया कि इद्दत (तलाक के बाद तीन महीने का वक्त) नहीं हुई, मैं बताना चाहती हूं कि जब मैं घर से निकली थी तो इद्दत पूरी करके निकली थी और घर से निकलने के पांच छह महीने के बाद शादी की." उन्होंने कहा कि इमरान खान उनके लिए एक बड़ी दौलत हैं और वो उसे किसी भी हाल में खोना नहीं चाहतीं.
उन्होंने ये भी कहा, "वो (इमरान) हम पर किसी तरह का दबाव नहीं डालते, लेकिन मैंने अब लोगों से मिलना बंद कर दिया है." बुशरा बीबी ने कहा कि औरतों के साथ घर और बाहर हर जगह नाइंसाफी होती है. महिलओं की समस्याओं को लेकर बहुत कम काम किया जाता है. पर्दे के सवाल पर बुशरा बीबी ने कहा कि इस मुद्दे पर बहस कैसे की जा सकती है. उन्होंने कहा, "मेरे ऊपर, मेरी शख्सियत के ऊपर सवाल कर सकते हैं, लेकिन पर्दा पर सवाल कैसे कर सकते हैं. ये दीन का हिस्सा है. पाकिस्तान एक इस्लामी मुल्क है. जो जितने कम लिबास में है उसको मॉडर्न समझा जाता है."
बुशरा बीबी का कहना है कि इमरान के नेतृत्व में पाकिस्तान एक मिसाली मुल्क बनेगा. लेकिन आपको बता दें कि इमरान के नेतृत्व वाली सरकार के दौर में पाकिस्तान ऐसी आर्थिक तंगी से जूझ रहा है कि वहां कार से भैंस और हेलिकॉप्टर तक बेचने की नौबत आ गई है.
पाकिस्तान में भैंस तक बेचने को मजबूर सरकार पैसे की कमी से जूझ रही पाकिस्तान की सरकार ने आठ भैंसों की नीलामी कर गुरुवार को 23 लाख रुपये जुटाए. पाकिस्तान के नये प्रधानमंत्री इमरान खान ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ द्वारा सेहत संबंधी दिक्कतों के लिए प्रधानमंत्री आवास में रखी आठ भैंसों की नीलामी फिजूलखर्ची रोकने के अभियान के तहत की है. इससे पहले पिछले सप्ताह 61 लग्जरी कारें बेचकर पाकिस्तान सरकार ने करीब 20 करोड़ रुपये जुटाये थे.
सरकार की योजना बुलेटप्रूफ कारों समेत 102 कारें और मंत्रिमंडल के इस्तेमाल के चार हेलिकॉप्टर बेचने की है. पाकिस्तान के अखबार ‘डॉन’ की खबर के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास की तीन भैंसों और पांच बछड़ों की इस्लामाबाद में हुई नीलामी से कुल 23,02,000 पाकिस्तानी रुपये मिले हैं. इन भैंसों और बछड़ों को नवाज शरीफ के समर्थकों ने खरीदा है.
शरीफ के एक समर्थक काल्ब अली ने इनमें से एक भैंस 3,85,000 रुपये में खरीदी. अली ने कहा कि उन्होंने इस भैंस से भावनात्मक जुड़ाव के कारण उसकी नीलामी की कीमत 1,20,000 रुपये से तीन गुना बोली लगायी. अली ने कहा, ‘‘मैंने इस भैंस को नवाज शरीफ के प्रति अपने लगाव के कारण खरीदा है. मैं इसे नवाज शरीफ और बहन मरियम शरीफ के प्रतीक के तौर पर रखूंगा.’’
जियो न्यूज के अनुसार, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के कार्यकर्ता फखर वराइच ने चार बछड़ों में से दो को क्रमश: 2,15,000 रुपये और 2,70,00 रुपये में खरीदा. एक अन्य आदमी ने तीसरा बछड़ा 1,82,000 रुपये में खरीदा.
Source: IOCL

























