रूस के बाद अब भारत के पड़ोस में भूकंप के जोरदार के झटके, घरों से बाहर दौड़े लोग; कितनी थी तीव्रता?
Earthquake in Afghanistan: अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में शनिवार को 5.5 तीव्रता का भूकंप आया. EMSCके अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से 114 किलोमीटर की गहराई में था.

Earthquake in Afghanistan: अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में शनिवार (2 अगस्त) को भूकंप के झटके महसूस किए गए. यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (EMSC) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई. भूकंप का केंद्र जमीन से 114 किलोमीटर (करीब 70.84 मील) की गहराई में स्थित था. अब तक किसी जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है.
अफगानिस्तान में भूकंपों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, पिछले एक सप्ताह (1-7 दिन) के भीतर देश में चार बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNOCHA) ने इस पर गहरी चिंता जताई है. कार्यालय ने कहा कि अफगानिस्तान प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, मौसमी बाढ़ और भूस्खलन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है.
EQ of M: 5.5, On: 02/08/2025 02:33:32 IST, Lat: 35.86 N, Long: 69.94 E, Depth: 87 Km, Location: Afghanistan.
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) August 1, 2025
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कमजोर समुदायों पर भारी आपदाएं
UNOCHA के मुताबिक, देश में बार-बार आने वाले भूकंप कमजोर समुदायों को सबसे अधिक प्रभावित कर रहे हैं. दशकों से संघर्ष और अविकसितता से जूझ रहे इन इलाकों में आपदाओं से निपटने की क्षमता बेहद सीमित रह गई है. कई क्षेत्रों में सामाजिक और भौगोलिक स्थिति इतनी जटिल है कि एक के बाद एक झटकों से पुनर्वास और राहत कार्यों पर भी असर पड़ता है.
भूगर्भीय रूप से सक्रिय है हिंदू कुश क्षेत्र
रेड क्रॉस के अनुसार, अफगानिस्तान का हिंदू कुश क्षेत्र भूगर्भीय रूप से अत्यंत सक्रिय है, जहां हर साल शक्तिशाली भूकंप आते हैं. अफगानिस्तान भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों के बीच स्थित है और इसमें कई भ्रंश रेखाएं मौजूद हैं. इनमें से एक भ्रंश रेखा सीधे हेरात प्रांत से होकर गुजरती है, जो भूकंपीय गतिविधियों का बड़ा केंद्र मानी जाती है.
फिलहाल नुकसान की कोई पुष्टि नहीं
हाल के भूकंपों में किसी तरह के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई पुष्टि अब तक नहीं हुई है. हालांकि, संबंधित एजेंसियों द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है और विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है.
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Source: IOCL





















