भटककर भारत आए पाकिस्तानी दिव्यांग बच्चे को उसके वतन वापस भेजा गया
पाकिस्तानी हाई कमीशन ने एक बयान में कहा कि लड़के को उसके अधिकारियों की मौजूदगी में सौंपा गया.

चंडीगढ़: (नयी दिल्ली): पाकिस्तान के 12 साल के एक लड़के को स्वदेश भेज दिया गया. वे सात महीने पहले गलती से भारतीय सीमा में आ गया था. यह जानकारी नयी दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायुक्त और एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने दी.
हसनैन को पंजाब के फरीदकोट जिले में एक निगरानी घर में रखा गया था. वे मई 2017 में अनजाने में सीमा के भारतीय क्षेत्र में आ गया था. उसके पास से पाकिस्तानी 20 रुपये का नोट मिला था. उसे अटारी-वाघा सीमा से स्वदेश भेजा गया.
पाकिस्तानी हाई कमीशन ने एक बयान में कहा कि लड़के को उसके अधिकारियों की मौजूदगी में सौंपा गया. फरीदकोट के उपायुक्त राजीव पाराशर ने बताया कि लड़के को सीमा पर स्थित ज्वाइंट सर्च पोस्ट पर पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंपा गया.
पाकिस्तानी हाई कमीशन ने बताया कि उसे 21 नवम्बर को हसनैन तक राजनयिक पहुंच मिली. बयान में कहा गया, ‘‘राजनयिक पहुंच के दौरान लड़के ने संकेत भाषा (साइन लैंग्वेज) में बताया कि वह पाकिस्तान से है. उसने पाकिस्तानी मुद्रा और कायदे आजम की तस्वीर तुरंत पहचान ली. उसने अपने घर पर पाकिस्तानी झंडा भी बनाया. वह उर्दू में कुछ शब्द लिख पाया.’’
पाराशर ने बताया कि हाल में एक सक्षम अदालत ने उसे उसके देश भेजने का आदेश जारी किया था.
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