अमेरिका ने चीन के परमाणु परीक्षण करने का किया था दावा, भड़के ड्रैगन ने किया पलटवार, जानें क्या कहा
China US News: अमेरिका ने चीन पर 22 जून 2020 को किए गए परीक्षण सहित भारी क्षमता वाले और परीक्षणों की तैयारी करने का आरोप लगाया. चीन ने अमेरिका के बयान को झूठा बताया.

चीन ने अमेरिका के उन आरोपों पर जवाब दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि बीजिंग ने गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण किया है. चीन ने अमेरिका के आरोपों को झूठा बताया और वाशिंगटन पर परमाणु परीक्षण करने के बहाने तलाशने का आरोप लगाया. संयुक्त राष्ट्र में पिछले हफ्ते अमेरिकी अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट थॉमस डिनानो ने चीन पर 22 जून 2020 को किए गए परीक्षण सहित भारी क्षमता वाले और परीक्षणों की तैयारी करने का आरोप लगाया.
चीन ने अमेरिका के आरोपों को झूठा बताया
न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका के आरोप पूरी तरह निराधार और सरासर झूठ है. चीन ने अमेरिका से अपनी गैरजिम्मेदार कार्रवाइयों को तुरंत रोकने के लिए कहा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अक्टूबर 2025 में कहा था कि वाशिंगटन चीन और रूस के साथ समान आधार पर परमाणु हथियारों का परीक्षण शुरू करेगा. ट्रंप भविष्य की किसी भी परमाणु संधि में चीन को शामिल करना चाहते हैं.
परमाणु हथियारों पर नई सीमाएं तय करना चाहता अमेरिका
थॉमस डिनानो का ये बयान ऐसे समय में आया है जब वे एक नई अमेरिकी योजना पेश कर रहे थे, जिसमें रूस और चीन के साथ परमाणु हथियारों पर नई सीमाएं तय करने के लिए त्रिपक्षीय वार्ता का आह्वान किया गया था. यह योजना अमेरिका और रूस के बीच न्यू स्टार्ट ट्रीटी की समाप्ति के बाद बनाई गई है. दुनिया की इस आखिरी परमाणु हथियार नियंत्रण संधि के समाप्त होते ही वैश्विक सुरक्षा को लेकर चिंताएं और गहरा गई हैं.
थॉमस डिनैनो ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, 'अमेरिकी खुफिया एजेंसी को जानकारी मिली है कि चीन ने वैश्विक निगरानी एजेंसियों की नजर से बचने के लिए सीक्रेट तरीके से न्यूक्लियर टेस्ट किया था. 2 जून 2020 को चीन ने ऐसा ही एक परीक्षण किया था. यह तारीख इसलिए अहम है क्योंकि इससे सात दिन पहले गलवान घाटी में भारत-चीन के बीच की हिंसक झड़प हुई थी.
Source: IOCL



























