एक्सप्लोरर

कोविड वैक्सीन लगवाने के बाद क्या ‘वायरल शेडिंग’ से दूसरे लोग संक्रमित हो सकते हैं? जानें

वायरल शेडिंग प्रक्रिया के दौरान ऐसा हो सकता है कि संक्रमित व्यक्ति किसी भी लक्षण का अनुभव न करें लेकिन वे बात करते, सांस छोड़ते, खाते और अन्य सामान्य दैनिक गतिविधियों के दौरान संक्रमण फैला रहे हों.  

न्यूकैसलः कोविड-19 रोधी टीकों के कारण कुछ कारोबारियों ने टीका लगवा चुके उपभोक्ताओं को अपने परिसर में आने से प्रतिबंधित कर दिया और उनका मानना है कि टीके से दूसरे लोगों के स्वास्थ्य को खतरा है जिसके बाद ‘‘वायरल शेडिंग’’ और अन्य चिंताएं पैदा हो गयी है.

‘वायरल शेडिंग’ प्रक्रिया के दौरान ऐसा हो सकता है कि संक्रमित व्यक्ति किसी भी लक्षण का अनुभव न करें लेकिन वे बात करते, सांस छोड़ते, खाते और अन्य सामान्य दैनिक गतिविधियों के दौरान संक्रमण फैला रहे हों. ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी न्यू साउथ वेल्स शहर मुल्लुमबिम्बी और क्वींसलैंड में गोल्ड कोस्ट में यह देखा है. अंतरराष्ट्रीय रूप से भी यह देखा है.

अमेरिका में एक शिक्षिका ने अपने छात्रों को इसी वजह से टीका लगवा चुके अपने माता-पिता को गले न लगाने को लेकर आगाह किया. लेकिन कोविड टीके किसी भी जीवित वायरस को प्रसार के लिये नहीं रखते. कोविड टीके के बाद वायरल शेडिंग के मिथक को तोड़ने के लिए विज्ञान में यह बात कही गयी है.

असल में वायरल शेडिंग है क्या?
लोग सार्स-सीओवी2 जैसे वायरल संक्रमण के बाद वायरस को छिपा (या छोड़) सकते हैं. अगर लोग संक्रमित हैं तो वे खांसने और छींकने के जरिए वायरस को फैला सकते हैं. महामारी के दौरान इसलिए हमने सामाजिक दूरी बनायी, मास्क पहना और बीमार पड़ने पर घर पर रहें. हम किसी को तभी संक्रमित कर सकते हैं जब वायरस जीवित होता है.

दूसरी बीमारियों के लिए कुछ टीके जीवित वायरस रखते हैं जो कमजोर हो जाते हैं. खसरा, रूबेला, कंठमाला और हर्पीस जोस्टर (दाद) के खिलाफ टीके इसके उदाहरण हैं. ये आपके शरीर को वायरस के ऐसे स्वरूप से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं जो अधिक खतरनाक नहीं होता.

उदाहरण के लिए हर्पीस जोस्टर के खिलाफ काफी असरदार टीकों में कमजोर वायरस के संक्रमण फैलाने का खतरा बहुत कम होता है. हालांकि दस साल से अधिक तक इसका टीका लगवाने वाले 20,000 से अधिक लोगों में से एक प्रतिशत से कम के साथ ऐसा हुआ. इस तरीके से संक्रमित हुए ज्यादातर लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर थी.

कोविड वैक्सीन में नहीं है जीवित वायरस 
कोविड टीकों में जीवित वायरस नहीं होते. कोविड टीके आपको बीमारी नहीं देते या आपको कोविड-19 से संक्रमित जांच रिपोर्ट नहीं देते. उनमें स्पाइक प्रोटीन के अंश होते हैं. अगर आप टीका लगवाने के बाद भी स्पाइक प्रोटीन फैला सकते हैं तो वह भी संक्रमण फैलाने के लिए पर्याप्त नहीं है. संक्रमण फैलाने के लिए पूरा वायरस जिम्मेदार होता है और टीको में यह नहीं होता.

फाइजर और मॉडर्ना टीकों में एमआरएनए बहुत कम समय तक जीवित रहता है और तेजी से हमारी कोशिकाओं में कम होता रहता है. एक बार फिर एमआरएनए संक्रमण फैलाने के लिए पर्याप्त नहीं होगा

टीका लगवा चुके लोगों के ‘सुरक्षित’ रहने की संभावना
वायरस शेडिंग के डर से कारोबारी परिसरों में आने से टीका लगवा चुके लोगों को प्रतिबंधित करने के बजाय मालिकों को खुले दिल से उनका स्वागत करना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि इसके सबूत बढ़े हैं कि टीका लगवा चुके लोगों में दूसरे लोगों में संक्रमण फैलाने की आशंका कम होती है.इंग्लैंड में फाइजर या एस्ट्राजेनेका टीका लगवाने के बावजूद जो लोग संक्रमित पाए गए, उनमें से आधे के अपने संपर्क में आए लोगों में संक्रमण फैलाने की आशंका उन लोगों से आधी थी जिन्होंने टीका नहीं लगवाया.

तो फिर कोई आशंका नहीं है?
कोविड टीके के कारण वायरल शेडिंग की कोई आशंका नहीं है. अगर आपको किसी ऐसे स्थान पर दुकानों पर जाना है जहां संक्रमण के मामले अधिक है तो मास्क पहने और सामाजिक दूरी का पालन करें. अगर आपने टीका लगवा लिया है तो आपके टीका न लगवाने वाले लोगों के मुकाबले दूसरे के लिए खतरा पैदा करने की आशंका बहुत कम है. अत: कारोबारियों को आपको लुभाना चाहिए न कि आप पर प्रतिबंध लगाना चाहिए.

 

यह भी पढ़ें-
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने साधा सोशल मीडिया मंच पर निशाना, कहा- गलत सूचना फैलने से जा रही ‘लोगों की जान’

दुनिया में कोरोना की तीसरी लहर की दस्तक, 126 देशों में बढ़ने लगे मामले, 33 देशों में 100 फीसदी से ज्यादा बढ़े केस

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'भागने का वक्त नहीं मिला', रूस के बीच पर ड्रोन हमला, 3 बच्चों समेत 7 की मौत
'भागने का वक्त नहीं मिला', रूस के बीच पर ड्रोन हमला, 3 बच्चों समेत 7 की मौत
ट्रंप पर कसेगा शिकंजा! भारत समेत 60 देशों पर टैरिफ के खिलाफ 25 अमेरिकी राज्यों ने किया मुकदमा
ट्रंप पर कसेगा शिकंजा! भारत समेत 60 देशों पर टैरिफ के खिलाफ 25 अमेरिकी राज्यों ने किया मुकदमा
भयंकर गर्मी और सूखा... खतरे में भारत का मानसून, UN चीफ ने क्यों दी चेतावनी
भयंकर गर्मी और सूखा... खतरे में भारत का मानसून, UN चीफ ने क्यों दी चेतावनी
'एयरपोर्ट से सीधे फांसी...' शेख हसीना की वतन वापसी की इच्छा पर नाहिद इस्लाम की धमकी
'एयरपोर्ट से सीधे फांसी...' शेख हसीना की वतन वापसी की इच्छा पर नाहिद इस्लाम की धमकी

वीडियोज

Sansani: स्कूल में Murder से सनसनी! Lady Teacher का कातिल कौन?
Baba Bageshwar Dham | Dhirendra Krishna Shastri: जमीन की 'लूट'...क्या बाबा बागेश्वर ने दी छूट?
Sansani: जंतर-मंतर की 'गालीबाज गर्ल' से सुपारी कांड तक! | Crime News
Triggered Insaan ने 50 घंटे की Live Stream से Assam Flood Relief के लिए जुटाए ₹70 लाख
Ram Gopal Varma-Urmila Matondkar की सीक्रेट शादी का दावा, पुराने किस्से फिर चर्चा में

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
चढ़ावा चोरी पर राज्यसभा में हुआ हंगामा तो गुस्से में आए रिजिजू, बोले- राम विरोधी है सपा-कांग्रेस
चढ़ावा चोरी पर राज्यसभा में हुआ हंगामा तो गुस्से में आए रिजिजू, बोले- राम विरोधी है सपा-कांग्रेस
बांकीपुर में BJP की हार के बाद पीएम मोदी और नीतीश कुमार के बीच मुलाकात
बांकीपुर में BJP की हार के बाद पीएम मोदी और नीतीश कुमार के बीच मुलाकात
'अभिजीत दीपके को तुरंत गिरफ्तार किया जाए', किसने दी दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत?
'अभिजीत दीपके को तुरंत गिरफ्तार किया जाए', किसने दी दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत?
कौन हैं शुभदीप घोष? टीम इंडिया के नए फील्डिंग कोच 
कौन हैं शुभदीप घोष? टीम इंडिया के नए फील्डिंग कोच 
Spider Man BO: मंडे को भी ‘स्पाइडर मैन’ की रही धूम, शानदार हुई कमाई, जानें- 300 करोड़ से रह गई कितनी दूर
मंडे को भी ‘स्पाइडर मैन’ ने शानदार की कमाई, जानें- 300 करोड़ से रह गई कितनी दूर
Xप्लेन: दतिया की सियासत में मौजूद दिग्विजय सिंह! क्या अब भी प्रासंगिक कांग्रेस के 'बुजुर्ग'?
दतिया की सियासत में मौजूद दिग्विजय सिंह! क्या अब भी प्रासंगिक कांग्रेस के 'बुजुर्ग'?
UP Assembly Session LIVE: यूपी विधानसभा में सपा ने उठाया चढ़ावा चोरी का मुद्दा, सपा-बीजेपी के बीच जमकर नारेबाजी
LIVE: यूपी विधानसभा में सपा ने उठाया चढ़ावा चोरी का मुद्दा, सपा-बीजेपी के बीच जमकर नारेबाजी
FSSAI Healthy Food Claims: नैचुरल-हेल्दी टैग्स के नाम पर मिल रहा धोखा? FSSAI सख्त
नैचुरल-हेल्दी टैग्स के नाम पर मिल रहा धोखा? FSSAI सख्त
Embed widget