एक्सप्लोरर

सुन्‍नी और शिया वक्‍फ बोर्ड के विलय पर विचार करेगी योगी सरकार

मालूम हो कि केन्द्रीय वक्फ परिषद ने उत्तर प्रदेश के शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड में अनियमितताओं की शिकायत पर जांच करायी थी. गत मार्च में आयी जांच रिपोर्ट में तमाम शिकायतों को सही पाया गया था.

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश सरकार भ्रष्‍टाचार के आरोपों से घिरे सुन्‍नी और शिया वक्‍फ बोर्ड का विलय करके ‘उत्‍तर प्रदेश मुस्लिम वक्‍फ बोर्ड’ के गठन पर विचार करेगी. इसके लिये शासन से प्रस्‍ताव मांगा गया है. प्रदेश के वक्‍फ राज्‍यमंत्री मोहसिन रजा ने बताया कि उनके विभाग के पास पत्रों के माध्‍यम से ऐसे अनेक सुझाव आये हैं कि शिया और सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड का परस्‍पर विलय कर दिया जाए. ऐसा करना कानूनन सही भी होगा. उन्‍होंने कहा “उत्‍तर प्रदेश और बिहार को छोड़कर बाकी 28 राज्‍यों में एक-एक वक्‍फ बोर्ड है. वक्‍फ एक्‍ट-1995 भी कहता है कि अलग-अलग शिया और सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड गठित करने के लिये कुल वक्‍फ इकाइयों में किसी एक तबके की कम से कम 15 प्रतिशत हिस्‍सेदारी होना अनिवार्य है. यानी अगर वक्‍फ की कुल 100 इकाइयां हैं तो उनमें शिया वक्‍फ की कम से कम 15 इकाइयां होनी चाहिये. उत्‍तर प्रदेश इस वक्‍त इस नियम पर खरा नहीं उतर रहा है.” उन्‍होंने कहा कि इस समय सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड के पास एक लाख 24 हजार वक्‍फ इकाइयां हैं जबकि शिया वक्‍फ बोर्ड के पास पांच हजार से ज्‍यादा इकाइयां नही हैं, जो महज चार प्रतिशत ही है. कानूनन देखा जाए तो यह पहले से ही गलत चल रहा है. रजा ने कहा कि सुन्‍नी और शिया मुस्लिम वक्‍फ बोर्ड के विलय के सुझाव को गम्‍भीरता से लेते हुए सरकार ने इस बारे में शासन से प्रस्‍ताव मांगा है. विधि विभाग के परीक्षण के बाद प्रस्‍ताव आएगा तो उस पर विचार करके ‘उत्‍तर प्रदेश मुस्लिम वक्‍फ बोर्ड’ बना दिया जाएगा. उन्‍होंने बताया कि संयुक्‍त बोर्ड बनने की स्थिति में उसमें वक्‍फ सम्‍पत्तियों के प्रतिशत के हिसाब से शिया और सुन्‍नी सदस्‍य नामित कर दिये जाएंगे. अध्‍यक्ष उन्‍हीं में से किसी को बना दिया जाएगा. शिया वक्‍फ बोर्ड के अध्‍यक्ष वसीम रिजवी ने रजा के इस बयान पर प्रतिक्रिया में कहा कि फिलहाल तो शिया और सुन्‍नी वक्‍फ बोर्डों का गठन अप्रैल 2015 में हो चुका है. उनका कार्यकाल पांच वर्ष का होगा. वक्‍फ कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि चलते हुए बोर्ड को भंग कर दिया जाए. जब बोर्ड का समय खत्‍म हो जाए, तब सरकार जांच कराए कि किसके कितने वक्‍फ हैं और उनकी आमदनी क्‍या है. उन्‍होंने कहा कि वक्‍फ एक्‍ट में यह भी कहा गया है कि वक्‍फ की कुल आमदनी में किसी एक वक्‍फ बोर्ड का योगदान कम से कम 15 प्रतिशत होना चाहिये. अगर हुसैनाबाद ट्रस्‍ट की आमदनी को शामिल कर दिया जाए तो कुल आय में शिया वक्‍फ बोर्ड की हिस्‍सेदारी 15 प्रतिशत से ज्‍यादा हो जाएगी. फिलहाल यह मामला अदालत में लम्बित है. रजा ने कहा कि केन्‍द्रीय वक्‍फ परिषद के मुताबिक, उत्‍तर प्रदेश शिया वक्‍फ बोर्ड के पास मात्र तीन हजार वक्‍फ इकाइयां हैं. अगर हम उसको पांच हजार भी मान लेते हैं तो भी अलग शिया वक्‍फ बोर्ड रखने का कोई मतलब नहीं है. अलग-अलग अध्‍यक्ष, मुख्‍य अधिशासी अधिकारी और अन्‍य स्‍टाफ रखने से फुजूलखर्ची ही होती है. इससे सरकार पर बोझ बढ़ता है. मालूम हो कि केन्‍द्रीय वक्‍फ परिषद ने उत्‍तर प्रदेश के शिया तथा सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड में अनियमितताओं की शिकायत पर जांच करायी थी. गत मार्च में आयी जांच रिपोर्ट में तमाम शिकायतों को सही पाया गया था. वक्‍फ राज्‍यमंत्री रजा ने शिया और सुन्नी बोर्ड को लेकर अलग-अलग तैयार की गयी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी थी. रजा के मुताबिक, भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे उत्तर प्रदेश के शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड जल्द ही भंग किए जाएंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी मिलने के बाद इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जुफ़र फ़ारूकी से प्रतिक्रिया के लिए, प्रयासों के बावजूद संपर्क नहीं हो पाया.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'राजनीतिक दबाव में...', अमृतसर CP के तबादले पर पूर्व DGP का खुलासा
'राजनीतिक दबाव में...', अमृतसर CP के तबादले पर पूर्व DGP का खुलासा
'ऐसी सजा दिलवाएंगे...', JPSC में धांधली को लेकर भड़के निशिकांत दुबे
'ऐसी सजा दिलवाएंगे...', JPSC में धांधली को लेकर भड़के निशिकांत दुबे
ताज सिटी या गड्ढा सिटी? आगरा में खराब सड़कों को लेकर सपा का प्रदर्शन
ताज सिटी या गड्ढा सिटी? आगरा में खराब सड़कों को लेकर सपा का प्रदर्शन
यूपी में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, 63 जिलों में बारिश का अलर्ट
यूपी में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, 63 जिलों में बारिश का अलर्ट

वीडियोज

Vasudha: Vasudha-Chandrika को मिलेगा 'Business Women Award', परखने घर पहुंची स्पेशल कमेटी
R. Madhavan बोले- अब उन्हें CM Thalapathy Vijay कहना चाहिए, Politics पर दिया बड़ा जवाब
Kajal Raghwani ने Pawan Singh पर लगाए गंभीर आरोप, Khesari Lal Yadav को भी दिया जवाब
Bhojpuri Bawaal में Pawan Singh ने छोड़ा शो, Amrapali Dubey और Kajal Raghwani में बड़ी बहस
Bollywood News: उल्टा पड़ा दांव! 'आवारापन 2' के मेकर्स का ही दांव पड़ा उन पर भारी, घिरे विवादों में! (07.06.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
यूपी में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, 63 जिलों में बारिश का अलर्ट
यूपी में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, 63 जिलों में बारिश का अलर्ट
'सेंसरशिप नहीं, कानून का पालन', AI कंटेंट-CSAM पर केंद्र की मेटा को दो टूक
'सेंसरशिप नहीं, कानून का पालन', AI कंटेंट-CSAM पर केंद्र की मेटा को दो टूक
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
Xप्लेन: कैंसर से भारत कैसे बच सकता है? ऐसे पहचानें हर रोज दोहराने वाला दर्दनाक सच
कैंसर से भारत कैसे बच सकता है? ऐसे पहचानें हर रोज दोहराने वाला दर्दनाक सच
Bharat Bhhagya Viddhaata OTT Release: कंगना रनौत की 'भारत भाग्य विधाता' की ओटीटी रिलीज कंफर्म, जानें कब-कहां देख सकते हैं
कंगना रनौत की 'भारत भाग्य विधाता' की ओटीटी रिलीज कंफर्म, जानें कब-कहां देख सकते हैं
अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी..., भारत-चीन पर 100% टैरिफ का US सीनेटर ने किया विरोध
अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी..., भारत-चीन पर 100% टैरिफ का US सीनेटर ने किया विरोध
इकलौता समंदर जिसका नहीं कोई किनारा, बिना तट कैसे तय होती है सीमा?
इकलौता समंदर जिसका नहीं कोई किनारा, बिना तट कैसे तय होती है सीमा?
RTE के नियमों पर मौसम और त्योहारों की मार, स्कूलों के सामने आई नई चुनौती
RTE के नियमों पर मौसम और त्योहारों की मार, स्कूलों के सामने आई नई चुनौती
Embed widget