बिहार: सीट बंटवारे पर आज अमित शाह से मिल सकते हैं 'नाराज' उपेंद्र कुशवाहा
बीजेपी और जेडीयू के बीच तय हुए फॉर्मूले के तहत गठबंधन के अन्य सहयोगियों की सीटों के बंटवारे के बाद बाकी बची सीटों पर 50-50 फीसदी सीटों का बंटवारा जेडीयू-बीजेपी के बीच होगा.

नई दिल्ली: बीजेपी और जेडीयू के बीच सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय होने के बाद नाराज चल रहे आरएलएसपी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा आज अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं. सीट बंटवारे के बीच उपेंद्र कुशवाहा की नजर फायदे और घाटे के गणित पर भी है. जब नीतीश कुमार दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात कर रहे थे तो उसी वक्त उपेंद्र कुशवाहा और तेजस्वी यादव की मुलाकात वाली फोटो वायरल हो रही थी.
अमित शाह ने कहा था- उपेंद्र कुशवार जी हमारे साथ हैं दिल्ली में बीजेपी और जेडीयू के बीच सीटों बराबर सीटों पर लड़ने का फॉर्मूला तय होने के बाद अमित शाह ने कहा था कि उपेंद्र कुशवाह जी हमारे साथ ही हैं. उन्होंने कहा था कि जल्द ही हम सीटों की संख्या का एलान करेंगे. माना जा रहा है कि अमित शाह और नीतीश कुमार के फॉर्मूले के बाद से उपेंद्र कुशवाह नाराज चल रहे हैं.
क्या है बीजेपी-जेडीयू के बीच सीटों का फॉर्मूला? इस फॉर्मूले के तहत गठबंधन के अन्य सहयोगियों की सीटों के बंटवारे के बाद बाकी बची सीटों पर 50-50 फीसदी सीटों का बंटवारा जेडीयू-बीजेपी के बीच होगा. यानी दोनों दल बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. जेडीयू सूत्रों के मुताबिक इस फॉर्मूले पर बीजेपी ने अपनी सहमति दे दी है. सूत्रों की माने तो इस फॉर्मूले के तहत जेडीयू 16, बीजेपी-17, एलजेपी-5 और आरएलएसपी-2 सीटें मिल सकती हैं.
सीट शेयरिंग पर एलजेपी का फॉर्मूला, बीजेपी रामविलास को राज्यसभा भेजे सूत्रों के मुताबिक एलजेपी चीफ रामविलास पासवान 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने पर विचार कर रहे हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ एलजेपी के भीतर इस बात पर मंथन चल रहा है कि रामविलास पासवान को राज्यसभा भेजा जाए. उन्हें कहां से राज्यसभा के लिए भेजा जाएगा इन मुद्दे पर भी सहमति बन जानें की खबरें हैं.
यहां मालूम हो कि 2019 में देश के केवल दो राज्यों, असम और तमिलनाडु में ही राज्यसभा की सीटें खाली हो रही हैं. वहीं, राज्यसभा से रामविलास को भेजने का सारा दारोमदार बीजेपी के कंधे पर होगा क्योंकि एलजेपी के पास इन राज्यों में कोई विधायक नहीं है. ऐसे में रामविलास के असम से राज्यसभा जाने की संभावना प्रबल है, क्योंकि वहीं बीजेपी के पास राज्यसभा लायक संख्या है.
























