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यूपी: कुंडा के बाहुबली विधायक राजा भैया पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, वोटिंग के दिन रहेंगे नजरबंद
बता दें कि प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से जिन 14 सीटों के लिए पांचवें चरण में वोट पडेंगे उनमें धौरहरा, सीतापुर, मोहनलालगंज , लखनऊ, बांदा, फतेहपुर, कौशाम्बी , बाराबंकी , फैजाबाद, बहराइच , कैसरगंज और गोण्डा शामिल हैं.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 के पांचवें चरण के तहत उत्तर प्रदेश की 14 सीटों पर सोमवार को मतदान होना है. संवेदनशील सीटों पर निर्बाध चुनाव कराने के लिए प्रशासन ने कुछ लोगों पर नजरबंद करने की कार्रवाई की है. इसी कड़ी में प्रतापगढ़ जिला प्रशासन ने कुंडा के विधायक जनसत्ता दल के मुखिया रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया समेत आठ प्रभावशाली लोगों को नजरबंद कर दिया है. ये सभी लोग चुनाव के दिन नजर बंद रहेंगे. राजा भैया के साथ-साथ बाबागंज विधायक विनोद सरोज,सपा नेता गुलसन यादव,सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव पर भी नजरबंद की कार्यवाही की गई है. ये लोग सिर्फ वोट देने बूथ तक जाएंगे. चुनाव आयोग को कुंडा में इन आठ प्रभावशाली लोगों दवारा अशांति फैलाने की आशंका थी. प्रतापगढ़ जिला प्रशासन ने कौशाम्बी जिले का चुनाव सकुशल कराने के लिए ये कदम उठाया हैय कौशाम्बी लोकसभा सीट की दो आंशिक विधानसभाएं प्रतापगढ़ की कुंडा और बाबागंज हैं. बता दें कि साल 1993 में पहली बार राजा भैया ने कुंडा सीट से चुनाव लड़ा था. आजतक राजा भैया ने निर्दलीय ही चुनाव लड़ा है और जीत हासिल की है. इसके बाद से वे लगातार इसी सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल करते आ रहे हैं. कुंडा विधानसभा सीट से वो लगातार छठी बार विधायक हैं. राजा भैया प्रदेश सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. ठाकुर मतदाताओं पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है. बीएसपी सुप्रीमो मायावती से अदावत रखने वाले राजा भैया का मुलायम सिंह यादव से अपनेपन का संबंध रहा है. मुलायम सरकार में वे मंत्री भी थे. मायावती ने तो राजा भैया को पोटा क़ानून में जेल भिजवा दिया था. वे अखिलेश यादव की सरकार में जेल मंत्री फिर बाद में खाद्य और आपूर्ति मंत्री भी बने. डीएसपी जिया उल हक़ की हत्या के बाद राजा भैया को मंत्री पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था. सीबीआई से क्लीन चिट मिलने के बाद वे दोबारा मंत्री बने. पिछले साल मार्च महीने में राज्य सभा की दस सीटों के लिए चुनाव हुए थे. बीजेपी ने 9, एसपी और बीएसपी ने एक एक उम्मीदवार उतारे थे. दबंग नेता रघुराज प्रताप सिंह और उनके समर्थक विधायक विनोद सरोज ने बीजेपी की लाज बचा ली. समाजवादी पार्टी का साथ छोड़ कर दोनों विधायकों ने बीजेपी के लिए वोट किया. बीएसपी का उम्मीदवार हार गया. यूपी: बाहुबली नेता राजन तिवारी को बीजेपी में लाने से योगी नाराज, अमित शाह से मिले यूपी: नफरत की दीवारें खड़ी कर राजनीति करती है बीजेपी- अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव: पांचवें चरण के तहत यूपी की 14 सीटों के लिए थमा चुनाव प्रचार, मैदान में हैं ये दिग्गज यूपी: PM के हमले पर मायावती का पलटवार, कहा 'मोदी अब फूट डालो, राज करो की नीति अपना रहे हैं'
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Source: IOCL



























