मुस्लिम औरतों की मदद के लिए योगी सरकार बना रही है ये प्लान

लखनऊ: महाराज के घर इन दिनों सवेरे से ही भीड़ जमा हो जाती है. यूपी के लोग योगी आदित्यनाथ को महाराज कहते है. लखनऊ में मुख्यमंत्री के बंगले के बाहर बुर्के वाली औरतें अपनी फरियादें लेकर पहुंच जाती है. महाराज के बुलावे का इंतजार करती है.

हर तरह की मदद का भरोसा
एक दिन योगी को बहुत काम था. जनता की शिकायतें सुनने उन्होंने अपने अफसरों को भेज दिया. फिर किसी ने बताया मुस्लिम महिलाएं आपसे ही मिलना चाहती है. तो झट से गेरुआ वस्त्र धारी योगी तीन तलाक की मारी औरतों के बीच पहुंच गए.
जितनी बुर्के वाली, उतनी ही कहानियां. कोई बिजनौर से आया था तो कुछ बहराईच से. योगी सबको बारी बारी से सुनते हैं. और हर तरह की मदद का भरोसा भी देते है.
योगी आदित्यनाथ हर दिन अपने जनता दर्शन की फोटो ट्वीट करते हैं. इसमें एक तस्वीर जरूर ऐसी होती है जिसमे बुर्के वाली महिलाएं नज़र आती है.
यूपी का सूचना विभाग भी हर रोज वीडियो जारी करता हैं, जिसमे योगी मुस्लिम औरतों की शिकायतें सुनते हुए दिखते है. क्या ये सब बस एक संयोग है या फिर योगी जी की रणनीति ?
मुस्लिम औरतों की मदद के लिए बड़ी तैयारी में है योगी सरकार
तीन तलाक की मारी मुस्लिम औरतों की मदद के लिए योगी सरकार बड़ी तैयारी में है. पति से तलाक के बाद महिलाओं को अब आश्रमों में ठहराया जाएगा. सीएम योगी आदित्यनाथ ने लक्ष्मी बाई सम्मान फंड से ऐसी औरतों को हर तरह की मदद का मन बनाया है.
हर दिन योगी जी के जनता दरबार मुस्लिम औरतें अपनी फ़रियाद लेकर पहुँचती है. ज्यादा मामले वैसे होते है जिनमे महिला तलाकशुदा होती है. यूपी के कोने कोने से तीन तलाक की पीड़ित औरतें सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने आ रही है. इन महिलाओं की आपबीती सुनने के बाद हाल में ही योगी महिला कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी और अफसरों के साथ मीटिंग की.

तलाक शुदा औरतों को सिलाई से लेकर कम्प्यूटर तक की ट्रेनिंग
मीटिंग में तय हुआ तीन तलाक की मारी औरतों की मदद के लिए कुछ बड़ा किया जाए. जैसे विधवाओं के लिए आश्रम हैं, वैसे ही इन औरतों के लिए भी इंतजाम होगा. इसके लिए वक्फ की ज़मीन की पहचान हो रही है. कौशल विकास विभाग की मदद से तलाक शुदा औरतों को सिलाई से लेकर कम्प्यूटर तक की ट्रेनिंग दी जाएगी. जिससे वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें.

घरेलू हिंसा, एसिड अटैक और बलात्कार की शिकार महिलाओं की मदद के लिए लक्ष्मी बाई सम्मान कोष बना हुआ है. यूपी में इसके लिए सालाना सौ करोड़ का फंड है. अब इसी फंड से तीन तलाक के बाद घर से निकाली गयी महिलाओं की मदद की जाएगी. पर कैसे ?
मुस्लिम लड़कियों का सामूहिक विवाह
इस पर कागजी काम हो रहा है. बाद में कैबिनेट से इसे पास करा लिया जाएगा. जिन मुस्लिम औरतों के बच्चे है, उनकी पढ़ाई के इंतजाम पर भी विचार हो रहा है. जिन मुस्लिम औरतों का मामला कोर्ट में है. उन्हें फ्री कानूनी सलाह कैसे मिले.
योगी आदित्यनाथ ने इस पर एक रिपोर्ट बनाने को कहा है. योगी सरकार पहले ही तय कर चुकी है कि मुस्लिम लड़कियों का सामूहिक विवाह कराया जाएगा.
Source: IOCL























