दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में बाप-बेटे साथ शराब पी सकते हैं, बिहार में ये कल्चर कभी नहीं था- सुशील मोदी
Poorvodaya 2019: सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में शराब पीने का कल्चर नहीं रहा है. बिहार में शराबबंदी का जिक्र करते हुए कि आम लोग इस फैसले से बहुत खुश हैं. इस तरह के फैसले के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है.

रांची: बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने 'पूर्वोदय 2019' कार्यक्रम में एबीपी न्यूज़ से कहा कि पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में शराब पीना कल्चर का हिस्सा है. वहां बाप-बेटा बैठकर एक ही घर में आमने सामने बैठकर शराब पी सकते हैं. शराब पीकर कोई घर में आता है तो उसका बुरा नहीं माना जाता है. आने वाले अतिथियों को शराब परोसकर स्वागत करते हैं लेकिन बिहार में ऐसा कभी नहीं था.
कार्यक्रम में सुशील मोदी बिहार में लागू शराबबंदी पर बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि बिहार में कभी भी शराब पीने का कल्चर नहीं रहा है. उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार ने 2016 में शराबबंदी नहीं लागू किया होता तो पांच साल बाद इसे लागू नहीं कर पाते. शराबबंदी का जिक्र करते हुए सुशील मोदी ने कहा कि इससे बिहार को बहुत फायदा हुआ है. सामाजिक शांति आई है और घरेलू हिंसा में कमी आई है. सड़क पर छेड़खानी और बदसलूकी जैसी घटनाएं अब बिहार में देखने को नहीं मिलेंगी. शराब की वजह से जो सड़क दुर्घटनाएं होती थीं उसमें काफी कमी आई है.
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हालांकि इस दौरान सुशील मोदी ने ये स्वीकार किया कि बिहार में शराब की अवैध बिक्री हो रही है लेकिन इसके साथ ही कार्रवाई और गिरफ्तारियां भी हो रही हैं. कुल मिलाकर इससे बिहार में शांति है. राज्य के लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है. कुछ बड़े और संपन्न लोगों को कठनाई हो रही है, वो बिना शराब के नहीं रह सकते. लेकिन राज्य में जो सामान्य आदमी है वो खुश है. नीतीश सरकार की पीठ थपथपाते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले के लिए राजनीतिक इच्छा शक्ति की जरुरत है. सुशील मोदी ने ये भी कहा कि जरूरी नहीं है कि अगर बिहार में शराबबंदी कानून लागू है तो ये दूसरे राज्यों में भी लागू हो. ये वहां की सरकार को फैसला लेना है कि वे इसे लागू करना चाहते हैं या नहीं.
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