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हंगामे के बीच सरकार ने पेश किया अनुपूरक बजट, विपक्ष ने की जोरदार नारेबाजी
उत्तर प्रदेश विधान परिषद में प्रदेश की खराब कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर विपक्षी सदस्यों के जोरदार हंगामे के बीच सरकार ने अनुपूरक बजट पेश किया. हालांकि शोरशराबे के कारण इस पर कोई चर्चा नहीं हो सकी और सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद में प्रदेश की खराब कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर विपक्षी सदस्यों के जोरदार हंगामे के बीच सरकार ने अनुपूरक बजट पेश किया. हालांकि शोरशराबे के कारण इस पर कोई चर्चा नहीं हो सकी और सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के सदस्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था खराब होने के आरोप लगाते हुए सदन के बीचोंबीच आ गये और नारेबाजी करने लगे. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे. विधानसभा में विपक्ष का जोरदार हंगामा, कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर साधा निशाना हाथों में काले रंग के बैनर और पोस्टर लिये विपक्षी सदस्य ‘देवरिया कांड के दोषियों को फांसी दो’, ‘महिलाओं की रक्षा करो, उत्पीड़न बंद करो’, ‘बिगड़ती कानून-व्यवस्था का जिम्मेदार कौन’ के नारे लगा रहे थे. सभापति रमेश यादव ने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपने-अपने स्थान पर जाने का आग्रह किया. मगर हंगामा थमता ना देख उन्होंने सदन की कार्यवाही को पहले आधे घंटे के लिये स्थगित किया, फिर उसे दोपहर 12 बजे तक के लिए बढ़ा दिया. यूपी का बजट: कुंभ मेले के लिए 800 करोड़, जेवर एयरपोर्ट को 80 करोड़, जानें बजट की मुख्य बातें सवा 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने से पहले ही सपा के सभी सदस्य अध्यक्ष के आसन के पास मौजूद थे. कार्यवाही प्रारम्भ होते ही सपा सदस्य फिर से सरकार विरोधी नारे लगाने लगे. इसी शोर-शराबे के बीच नेता सदन उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने वित्त वर्ष 2018-19 के अनुपूरक अनुदानों को प्रस्तुत किया. इसके अलावा विधान परिषद के प्रमुख सचिव राजेश सिंह ने 11 अधिनियमों को सदन की मेज पर रखा. इस बीच, विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा. इस दौरान अनुसूची की सभी मदों को सदन की पटल पर रखा गया और बैठक मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. यूपी के बलिया की मतदाता सूची में दिखी सनी लियोनी की फोटो तो मच गया हड़कंप सदन में सपा और विपक्ष के नेता अहमद हसन ने बाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर पूरी तरह विफल हो चुकी है. देवरिया में सरकार की नाक के नीचे बालिका संरक्षण गृह में बच्चियों से जबरन वेश्यावृत्ति कराने का कांड हो गया. प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सपा सरकार के तमाम जनकल्याणकारी कार्यों को बंद कर दिया गया है. सपा द्वारा शुरू गयी लैपटॉप वितरण योजना बंद कर दी गयी और उसके कार्यकाल में शिक्षक के तौर पर समायोजित शिक्षा मित्र अब सड़क पर हैं. सिर्फ नफरत फैला रही वर्तमान सरकार व्यापारी विरोधी, छात्र विरोधी, किसान और गरीब विरोधी है.
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Source: IOCL


























