स्मृति ईरानी ने अपने खर्चे पर दो सौ बीजेपी कार्यकर्ताओं को तीर्थ यात्रा पर भेजा
रविवार को सब अलग-अलग पांच बसों में सवार होकर हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए रवाना हो गए हैं. जाना आना, रहना और खाना-पीना सब मुफ्त में.

अमेठी: अमेठी में एक हाईवोल्टेज चुनावी लड़ाई की तैयारी शुरू हो गई है. राहुल गांधी और स्मृति ईरानी इसी हफ्ते अमेठी का दौरा करने वाले हैं. एक बार फिर स्मृति ईरानी अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ने के मूड में हैं. उससे पहले वे बीजेपी कार्यकर्ताओं को 'अपना' बना लेना चाहती हैं. इसी चक्कर में उन्होंने दो सौ लोगों को तीर्थ यात्रा पर भेजा है. रविवार को सब अलग-अलग पांच बसों में सवार होकर हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए रवाना हो गए हैं. जाना आना, रहना और खाना-पीना सब मुफ्त में.
स्मृति ने अपने खर्चे से बीजेपी कार्यकर्ताओं और नेताओं को तीर्थ यात्रा पर भेजा है. अमेठी संसदीय सीट में पांच विधानसभा क्षेत्र आते हैं. जगदीशपुर, तिलोई, गौरीगंज, सलोन और अमेठी से 40-40 लोगों को चुना गया. पांच अलग अलग एसी बसों में इन्हें हरिद्वार भेजा गया है.अपने दो दौरे में स्मृति ईरानी एक दलित बस्ती में विवाह घर का शिलान्यास करेंगी. इस दौरान वे सात जनसभाएं भी करेंगी.
पिछले लोक सभा चुनाव में भी दोनों के बीच मुकाबला रोमांचक रहा था. तीन लाख से भी अधिक वोटों से जीतने वाले राहुल बस एक लाख वोट से ही स्मृति को हरा पाए थे. अब वे कांग्रेस के अध्यक्ष बन गए हैं.
16 और 17 अप्रैल को राहुल गांधी दो दिनों के दौरे पर अमेठी जा सकते हैं. चुनाव हारने के बाद भी सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने अमेठी को नहीं छोड़ा. वे यहां लगातार आती रही और लोगों से मिलती जुलती रही.
2004 से ही अमेठी से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चुनाव जीतते रहे हैं. उनसे पहले इस सीट पर गांधी नेहरू परिवार का ही कब्जा रहा है. अपने दो दिनों के दौरे में राहुल दलित बस्ती समेत कई गांव में जा सकते हैं. लेकिन विजिलेंस कमेटी की बैठक अगर टल गयी तो फिर राहुल भी अपना दौरा रद्द कर सकते हैं.
Source: IOCL

























