यूपी: गैंगरेप पीड़ित ने बच्चे के साथ किया आत्मदाह, 6 महीने तक पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद
महिला पुलिस के पास दौड़ती रही पर कोई कार्रवाई न होने पर उसने अपना जीवन खत्म करने की ठान ली. महिला के आत्मदाह के बाद पुलिस की नींद खुली. एसएसपी ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं. इस मामले में 3 पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया गया है.

शाहजहांपुर: यूपी के शाहजहांपुर में एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया जहां एक गैंगरेप की पीड़िता ने आत्मदाह कर लिया. रोज-रोज की प्रताड़ना से तंग आकर महिला ने अपने और अपने बच्चे पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली. पीड़िता ने गुरुवार शाम जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया, जबकि बेटे की हालत गंभीर है. कहा जा रहा है कि दंबगों ने महिला से 6 महीने तक रेप किया. महिला पुलिस के पास दौड़ती रही पर कोई कार्रवाई न होने पर उसने अपना जीवन खत्म करने की ठान ली. महिला के आत्मदाह के बाद पुलिस की नींद खुली. एसएसपी ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं. इस मामले में 3 पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया गया है.
इलाज के दौरान महिला ने जिला अस्पताल मे दम तोड़ दिया,लेकिन मरने से पहले उसने जो कुछ भी बयां किया उससे प्रदेश की योगी सरकार की महिला सुरक्षा की पोल खुल गयी है. पुलिस अभी भी इस मामले मे कोरी कारवाई का आश्वासन दे रही है.
मामला थाना परौर का है. मरने से पहले अस्पताल में महिला ने बयान दिया कि छह महीने पहले मुकेश यादव, प्रमोद यादव और विनय कुशवाहा नाम के लोगों ने उसका गैंगरेप किया था. घटना के बाद से लगातार उसके साथ गैंगरेप किया जा रहा था और मुंह खोलने पर बेटे को मारने की धमकी भी दी जा रही थी. लेकिन, एक महीना पहले उसने अपने पति को अपने साथ हो रही बरबरता की पूरी कहानी बताई, जिसके बाद पुलिस में शिकायत की गई.
महिला ने पुलिस पर बड़ा आरोप लगाते हुआ कहा कि मुझसे जबरन राजीनामा कराया गया. पुलिस समझौता करने का दबाव बनाती रही. महिला ने कहा कि बीते 18 अगस्त दबंगों ने फिर उसे अपनी हवस का शिकार बनाया था. महिला के बयान ने पुलिस की भूमिका और काम करने के तरीके पर एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है.
Source: IOCL

























