प्रयागराज: सावन का पहला सोमवार आज, बोलबम के नारों से गूंजा पूरा शहर
पहले सोमवार का विशेष महत्व माना जाता है, मान्यता है कि सावन के महीने में कैलाश पर्वत से शिव अपनी ससुराल कनखल में आ जातें हैं और पूरे सावन के महीने यहीँ पर विराजते हैं.

प्रयागराज: भगवान शिव की आराधना के महीने सावन का आज पहला सोमवार है. सावन के पहले सोमवार पर आज संगम नगरी प्रयागराज के शिवालयों में शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है. भोले भंडारी को खुश करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए कोई मंदिरों में जलाभिषेक कर रहा है तो कोई दूध व बेल की पत्तियों से पूजा- अर्चना कर रहा है. इस खास मौके पर इलाहाबाद के शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है. पूरा शहर बोलबम के नारों से गूंज रहा है.
संगम के नजदीक यमुना नदी के किनारे स्थित मनकामेश्वर मंदिर में तो एक किलोमीटर से ज़्यादा लंबी लाइन लगी हुई है. मान्यता है कि पौराणिक महत्व के इस मंदिर में सच्चे मन से की गई हर कामना ज़रूर पूरी होती है. यहां किये गए रुद्राभिषेक का भी ख़ास महत्व है.
कई कांवडड़िए भी शिव मंदिरों में पूजा- आराधना के बाद संगम का जल लेकर ज्योतिर्लिगों की यात्रा पर निकल पड़े है. कई दशकों बाद विशेष संयोग बनने से श्रद्धालुओं में इस बार ख़ास उत्साह देखने को मिल रहा है.
शहर के मनकामेश्वर मंदिर, दशाश्वमेध मंदिर, तक्षक तीर्थ मंदिर और पड़िला महादेव समेत सभी शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की लम्बी लाइन लगी हुई है. इस मौके पर कई शिव मंदिरों में भजन व आरती के विशेष कार्यक्रम हो रहे हैं.


















