दिल्ली के चुनावी नतीज़े के बाद RJD ने नीतीश के खिलाफ लगाया पोस्टर, JDU ने कहा-तेजस्वी को अब बिहार में जवाब मिलेगा
आरजेडी ने आज बिहार के सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ एक पोस्टर जारी किया और शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी, घोटाला, भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसे कई मामलों पर पोस्टर के जरिए तीर चलाया.

पटनाः दिल्ली में बीजेपी और जेडीयू की करारी हार हुई लेकिन लड़ाई बिहार की है तो लिहाज़ा दोनों पार्टियों ने अपना हमला एक दूसरे पर तेज़ कर दिया है. जेडीयू के सिंहासन वाले पोस्टर के जवाब में ने आरजेडी ने आज फिर से पोस्टर जारी किया. आरजेडी ने दिखाया कि बिहार के नक्शे को तीर से घायल किया, तो खून निकल आया. शिक्षा, स्वास्थ, बेरोजगारी, घोटाला, भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसे कई मामलों पर पोस्टर के जरिए तीर चलाए.
आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि ''बिहार में जेडीयू ने जिस पोस्टर वॉर की शुरुआत की थी तो हम लोगों ने कहा था कि अंत हम करेंगे. जो हमारे पोस्टर का संदेश है, जो सवाल है ,उसका जवाब जेडीयू नहीं दे पा रही है. अब जेडीयू मैदान छोड़ कर भाग चुकी है तो जब बिहार चुनाव का परिणाम आएगा तो ''2020 जेडीयू फिनिश" यह पोस्टर अंत मे लगेगा " इसीलिए पोस्टर के माध्यम से संदेश दिया गया है. जिस तरह से पूरा बिहार लहूलुहान है, दिखाया जा रहा है कि ये जो शिकारी लोग हैं, कुर्सी के लिए पूरे बिहार को लहूलुहान किया जा रहा है.
आगे उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को न तो उनका हक मिला, न रोजी रोजगार की बात हुई, न बिहार को विशेष पैकेज मिला, न बिहार के विशेष राज्य की दर्जे की बात हो रही है. नाले की पानी में राजधानी डूब जाती है. चमकी बुखार में हज़ारों बच्चे की मौत हो जाती है. मुज्जफरपुर बालिका गृह कांड में हज़ारों बालिका की आत्मा कराह रही होगी, कई घोटाले हो जाते हैं, सृजन घोटाला से लेकर शौचालय घोटाला तक, टॉपर घोटाला होता है. ये सब सवाल है? जनता सोच रही होगी कि ऐसा तीर चला मेरे दिल पर जिसकी मार सही न जाये, तो निश्चित रूप से अब जनता सोच रही होगी.
जेडीयू ने पलटवार किया-
जेडीयू प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि "पोस्टर में लिखने से कुछ नहीं होता. बिहार की जनता बेहाल है या बढ़िया यह बिहार की 11 करोड़ जनता तय करेगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पूरे 15 साल कुर्सी पर बैठे हुए हो जाएगा. बिहार के विकास के लिए हमने तो बहुत कुछ किया लेकिन तेजस्वी यादव ये तो बताएं कि जहां इनके माता पिता का घर है वहां कितने बेरोजगार हैं? जो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र था, वहा कितने लोग जाते थे? डॉक्टर बैठते थे कि नहीं बैठते थे? तो पहले ये तो बताएं.अब फिर से तेजस्वी यादव को सरकार बनाना है तो दिल्ली के चुनाव में इनको पता चल गया, कि जहां पूर्वांचल के लोग रहते हैं वहां भी इनका क्या हाल हुआ, मात्र 7 वोट मिले.
संजय सिंह ने आगे कहा कि तो बिहार के लोग यही रहते हैं न? जो दिल्ली गए उन्होंने भी तय कर दिया कि 7 वोट में आप सिमट कर रह गए तो बिहार की जनता को क्यों बेहाल बता रहे हैं. इनका पूरा परिवार भ्रष्टाचार में लिप्त है. क्या थे लालू प्रसाद यादव, कोई स्वतंत्रता आंदोलन में जेल गए थे क्या? भ्रष्टाचार के आरोप में जेल गए हैं, कोर्ट ने उन्हें सजा सुनाई है. बिहार की जनता विकास का स्वाद चख चुकी है.आरजेडी लाख पोस्टर लगाए, होर्डिंग लगाए बिहार की जनता बरगलाने वाली नहीं है.
Source: IOCL
























