होमगार्ड वेतन घोटाला: फर्जी मुहर और साइन से लगती थी ड्यूटी, दस्तावेजों में लगी आग
होमगार्ड वेतन घोटाला मामले में तत्कालीन कमांडेंट राज नारायण को गिरफ्तार किया गया है. होमगार्ड मोंटू और तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है.

नोएडा: होमगार्ड की ड्यूटी लगाने में हुए करोड़ों के घोटाले की जद में आए नोएडा कमांडेंट होमगार्ड कार्यालय में सोमवार देर रात आग लग गई. आग में बक्से में रखे सभी कागजात जलकर खाक हो गए. एसएसपी ने इस मामले में एसआईटी टीम गठित कर मुकदमा दर्ज कराया है और इस मामले में तत्कालीन कमांडेंट राज नारायण को गिरफ़्तार किया है. होमगार्ड मोंटू और तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है.
आग लगने की बात सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पूरे मामले में रिपोर्ट मांगी है. उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने फॉरेंसिक टीम को तत्काल घटनास्थल पर जाने के आदेश दिए. सूत्रों के मुताबिक जिस बक्से में आग लगी, उसमें वर्ष 2014 से अब तक विभिन्न सरकारी विभागों में प्रतिनियुक्त किए गए होमगार्ड के मस्टर रोल रखे थे. वे सभी जल गए हैं.
अधिकारी ने बताया कि इस घटना की जांच के लिए नगर पुलिस अधीक्षक (एसपी सिटी) के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई है. जिले में होमगार्ड की ड्यूटी लगाने को लेकर करोड़ों का घोटाला सामने आया है. इस मामले में सूरजपुर थाने में मुकदमा दर्ज है और पूरे प्रकरण की जांच गौतमबुद्ध नगर की अपराध शखा कर रही है.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जनपद गौतमबुद्ध नगर में होमगार्ड की ड्यूटी लगाने में अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों का घोटाला हुआ है. इस मामले में 13 नवंबर को सूरजपुर थाने में होमगार्ड विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
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अधिकारी कृष्ण वैभव ने बताया, ‘‘ पूर्व में होमगार्ड विभाग के लोगों ने जनपद के विभिन्न थानाध्यक्षों की फर्जी मुहर और हस्ताक्षर का प्रयोग कर करोड़ों का घोटाला किया. इस मामले की जब जांच कराई गई तो पता चला कि होमगार्ड थानों में काम पर नहीं आते थे , लेकिन उनकी हाजिरी लगाकर जनपद के विभिन्न थानाध्यक्षों की फर्जी हस्ताक्षर और मुहर के सहारे बैंक से उनका वेतन ले लिया जाता है.’’
एसएसपी ने बताया कि पिछले छह महीने में किन-किन स्थानों में कितने होमगार्डों की तैनाती हुई, और उनके वेतन किस तरह से निकाले गए इस बात की जांच की गई है. सभी थानों में एक- एक टीम बनाकर छह माह के भीतर होमगार्डों की तैनाती की जांच की जा रही है.’’
Source: IOCL

























