बिहार शराबबंदी: थाना क्षेत्र में बिकती पकड़ी गई शराब तो थानेदार को 10 साल तक थाने में नहीं मिलेगी पोस्टिंग
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने को लेकर काफी सख्त दिखे. विभागिय बैठक के दौरान नीतीश कुमार ने राज्य में शराब पर रोक लगाने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश जारी किए.

पटनाः बिहार में अवैध शराब की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए नीतीश कुमार ने अधिकारियों और सभी थानेदारों को सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी थानेदार यह लिखित में गारंटी दें कि उनके इलाके में शराब की बिक्री नहीं होती है. बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मद्य निषेध, उत्पाद व निबंधन विभाग की समीक्षा करते हुए हर थानेदार से यह गारंटी लेने का आदेश दिया.
राज्य में जारी अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने को लेकर नीतीश कुमार ने कहा कि जिस थाना क्षेत्र में शराब पकड़ी जाएगी, वहां के थानेदार को 10 साल तक किसी भी थाने में पोस्टिंग नहीं दी जाएगी.
नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए आईजी प्रोहिबिशन शराबबंदी को और प्रभावी बनाएं. इस दौरान उन्होंने कहा कि अब तक जिनकी गिरफ्तारियां हुई हैं, वे कौन हैं, उनका विश्लेषण कर सख्त कार्रवाई हो.
शराबबंदी के कारण दिखा है सामाजिक परिवर्तन
सीएम ने कहा कि माफिया गिरोह और धंधेबाज पकड़े जाएंगे, तभी शराब के अवैध धंधे पर पूरी तरह से पाबंदी लगेगी. अगर कार्रवाई में कमी हो रही है तो आईजी प्रोहिबिशन को खुद तफ्तीश करके कार्रवाई करनी चाहिए.
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी से बिहार में सामाजिक बदलाव आया है. महिलाओं-बच्चों को काफी राहत मिली है. इसलिए इस काम में आईजी प्रोहिबिशन के साथ-साथ इंटेलिजेंस, एक्साइज, स्पेशल ब्रांच पुलिस को लगाया जाए.
बैठक में मंत्री समेत आला अधिकारी थे शामिल
सीएम ने कहा कि बिहार में शराबबंदी के कारण सामाजिक परिवर्तन देखने को मिला है. इस पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए सभी अधिकारियों को एक्शन और डेडिकेशन के साथ काम करना होगा.
बैठक में ऊर्जा, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, मुख्य सचिव दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह आमिर सुबहानी, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार और सचिव मनीष कुमार वर्मा व अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पुलिस महानिदेशक सीआइडी विनय कुमार समेत कई आला अधिकारी मौजूद थे.
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