नीतीश के 'सुशासन' की पोल खोल रहे हैं लड़कियों से छेड़खानी के ये Viral वीडियो
बिहार में लड़कियों से छेड़खानी और उसके बाद वीडियो वायरल किये जाने का यह पहला मामला नहीं है. 26 अगस्त को ही गया में कुछ लोगों ने एक युवक-युवती को पकड़ लिया और उसके साथ बदसलूकी की.

पटना: बिहार में एक बार फिर बड़ा सवाल उभर रहा है कि क्या जंगलराज की वापसी हो चुकी है? लोगों में कानून का डर खत्म हो चुका है? महिलाओं की सुरक्षा चुनावी जुमलों तक सीमित है? दरअसल कल ही सहरसा में दिनदहाड़े मनचलों ने स्कूल जाती लड़की से छेड़खानी की और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. लड़की मनचलों से छोड़ देने के लिए भी गिड़गिड़ाई लेकिन उसकी एक नहीं सुनी. यही नहीं जिसने लड़की को बचाने की कोशिश की तो इन लोगों ने उसके साथ भी बदसलूकी की. इस मामले में अब तक एक शख्स को हिरासत में लिया गया है.
बिहार में लड़कियों से छेड़खानी और उसके बाद वीडियो वायरल किये जाने का यह पहला मामला नहीं है. 26 अगस्त को ही गया में कुछ लोगों ने एक युवक-युवती को पकड़ लिया और उसके साथ बदसलूकी की. भीड़ 'मजनूगिरी निकालने' की बात करते हुए मारपीट की. लोग इस दौरान वीडियो बनाते रहे.
पहले छेड़खानी और फिर उसका वीडियो बनाकर वायरल किये जाने का पैटर्न जहानाबाद से शुरू हुआ था. जहां 29 अप्रैल जहानाबाद को कुछ युवकों ने एक लड़की को पकड़ लिया और उसके साथ बदसलूकी की. लड़की बचाव के लिए भैया छोड़ दो- भैया छोड़ दो चिल्लाती रही, लेकिन वे नहीं माने. इसी तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में कुछ मनचलों ने लड़की से छेड़खानी की. 10 जुलाई को नालंदा के चंडी थाना क्षेत्र में हुई इस घटना का वीडियो आरोपियों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.
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इसी तरह 17 मई को गया में, 29 मई को कैमूर में, 29 जून को मोतिहारी में बेखौफ मनचलों ने लड़कियों से छेड़खानी की और पुलिस हाथ पर हाथ डाले बैठी रही. हद तो तब हो गई जब भोजपुर जिले के बिहिया में पुलिस की मौजूदगी में भीड़ ने एक महिला को पहले घर से उठाया, उसके साथ मारपीट की. फिर उसे निर्वस्त्र कर शहर में घुमाया. इस दौरान भीड़ महिला पर हाथ-पैर चलाती रही. इस मामले में पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया और आठ पुलिसकर्मी को सस्पेंड किया गया था.
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इन घटनाओं के बाद 'सुशासन बाबू' की छवि वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. विपक्षी दलों का आरोप है कि बिहार में बीजेपी के साथ सरकार बनाने के बाद से जंगलराज स्थापित हो चुका है. वहीं सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) आरजेडी को पुराने दिनों की याद दिला रही है.
सहरसा की घटना पर बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा, ''महिलाओं के खिलाफ अपराध, छेड़छाड़ और दुष्कर्म की घटनाओं से बिहार शर्मसार हो रहा है. नालंदा, गया, मधुबनी, कैमूर, जहानाबाद, रोहतास, सासाराम, आरा के बाद अब सहरसा का वीडियो वायरल हो रहा है. पटना शेल्टर होम में तो महापाप हुआ. चाचा, नींद से जागिये.''
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उन्होंने पूछा कि नीतीश जी कब अंत होगा ऐसी घटनाओं का? तेजस्वी ने आगे कहा, ''नीतीश सरकार ने बेशर्मी ओढ़ रखी है. लूट,अपहरण,हत्या और सामूहिक दुष्कर्म की ख़ौफनाक वारदातों के बावजूद किसी अधिकारी पर कारवाई तो दूर उसका ट्रान्स्फ़र भी नहीं हुआ. सीएम कैसे करेंगे क्योंकि RCP Tax के तहत करोड़ो की खुली बोली लगाकर पोस्टिंग जो की थी. जिसने टैक्स दिया वह क्यों सुनेगा?''
नीतीश सरकार ने बेशर्मी ओढ़ रखी है।लूट,अपहरण,हत्या और सामूहिक दुष्कर्म की ख़ौफनाक वारदातों के बावजूद किसी अधिकारी पर कारवाई तो दूर उसका ट्रान्स्फ़र भी नहीं हुआ।
सीएम कैसे करेंगे क्योंकि RCP Tax के तहत करोड़ो की खुली बोली लगाकर पोस्टिंग जो की थी। जिसने टैक्स दिया वह क्यों सुनेगा? — Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) August 28, 2018
सत्तारूढ़ दल सभी मामलों में सभी मामलों में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दे रही है. नीतीश कुमार खुद कई मौकों पर क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म से समझौता नहीं करने की बात करते रहे हैं. लेकिन सहरसा, नालंदा, जहानाबाद, गया और भोजपुर आदि-आदि जगहों पर लड़कियों और महिलाओं से हुई छेड़खानी यह बताने के लिए काफी है कि कानून-व्यवस्था की हालत क्या है.






















