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अनंत कथाः अपराध की दुनिया के बेताज बादशाह अनंत सिंह कभी थे नीतीश कुमार के चहेते, अब आतंकी घोषित

बिहार के बाहुबली नेताओं में शुमार मोकामा से निर्दलीय विधायक अनंत सिंह पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. अपने कारनामों के कारण चर्चा में रहे अनंत सिंह एक बार फिर कानून के घेरे में हैं.

नई दिल्लीः अपने बाहुबल के दम पर राजनीति में राज करने वाले अनंत सिंह की पहचान एक क्रिमिनल नेता के तौर पर की जाती है. अनंत सिंह की अलग-अलग पहचान है. अपने समर्थकों के बीच उनकी पहचान मसीहा के रुप में होती है तो विरोधी उनसे खौफ खाते हैं. खौफ ऐसी कि विरोध करने पर जिंदगी से हाथ धो देना पड़ता है. यही कारण है कि अनंत सिंह न सिर्फ अपने क्षेत्र या जिले बल्कि पूरे बिहार में कुख्यात हैं. समर्थक उन्हें 'छोटे सरकार' के नाम से पुकारते हैं.

मोकामा क्षेत्र से विधायक अनंत सिंह के कारनामे भी नाम की तरह अनंत है. उनके जुल्म के एक से बढ़कर एक किस्से हैं.

अनंत सिंह हमेशा किसी न किसी रूप में खबरों में बने रहते हैं. कभी सोनपुर मेले में सबसे महंगा घोड़ा खरीदने को लेकर तो कभी अपने बयान को लेकर. लेकिन, इस बार वह चर्चा में हैं अपने पैतृक घर से बरामद AK-47 और ग्रेनेड को लेकर.

लोकसभा चुनाव के दौरान ही ललन-अनंत के बीच बढ़ी थी दूरियां

अपने बहुबल के कारण चर्चा में रहे अनंत सिंह का इस बार सामना हुआ है मुंगेर लोकसभा के सांसद और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी नेता ललन सिंह से. ललन सिंह ने मुंगेर से लोकसभा चुनाव लड़ने का एलान किया जिसके बाद अनंत सिंह ने उनके विरोध में अपनी पत्नी को कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतारा.

चुनावी प्राचर के दौरान दोनों नेताओं ने अपनी ताकत झोंकी. लेकिन जीत मिली ललन सिंह को. इसके पहले से ही दोनों के बीच रिश्तों में दरार पड़ गई थी. यही कारण है कि ललन सिंह अपने राजनीतिक विरोधी को पूरी तरह से चित कर देना चाहते हैं.

खुद अनंत सिंह इस बात को कई बार दोहरा चुके हैं कि उनके खिलाफ ललन सिंह साजिश रच रहे हैं. अक्सर वह कैमरे के सामने आकर कहते हैं कि मैं अपने खिलाफ हो रहे ज्यादतियों को लेकर अमित शाह से भी गुहार लगाउंगा.

घर से बरामद हुआ AK-47

बिहार पुलिस को जानकारी मिली थी कि अनंत सिंह के पैतृक घर में जमीन के अंदर हथियार रखे गए हैं. सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने छापेमारी की और घर से AK-47 और ग्रेनेड बरामद किया. हथियार बरामदगी के बाद अनंत सिंह के खिलाफ आर्म्स एक्ट, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. यूएपीए के तहत मामला दर्ज होने का मतलब हुआ कि सरकार उन्हें आतंकवादी मानती है. इस मामले में गिरफ्तारी के बाद छह महीने तक जमानत नहीं मिल सकती है.

इससे पहले हत्या की सुपारी दिए जाने के आरोप में ऑडियो वायरल होने के मामले में विधायक का टेस्ट करवाया गया था. जिसकी रिपोर्ट का इंतजार पुलिस टीम कर रही है. अब हथियार मिलने से विधायक की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं.

हाल ही में बिहार पुलिस ने अनंत सिंह के आवाज का नमूना लिया था. दरअसल, अनंत सिंह पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति की हत्या की सुपारी दी थी. इसका ऑडियो जब वायरल हुआ तो उनकी आवाज का नमूना लिया गया. हालांकि, अनंत सिंह ने हत्या की सुपारी मामले को लेकर साफ इंकार कर दिया है.

अनंत सिंह पर 50 से अधिक मामले हैं दर्ज

मोकामा से विधायक अनंत सिंह के खिलाफ 50 से अधिक मामले दर्ज हैं. यह भी कहा जाता है कि अनंत सिंह ने 12 साल की उम्र में ही पहली घटना को अंजाम दिया था. इस घटना को अंजाम देने के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. अपहरण, फिरौती, हत्या और बलात्कार के कई घटनाओं को अंजाम देने के बाद अनंत सिंह अपराध की दुनिया में एक विख्यात और क्रूक चेहरा बन गया. लोगों को डराने के लिए अनंत सिंह का नाम ही काफी हो गया.

2005 में रखा राजनीति में कदम

अनंत सिहं ने साल 2005 में मोकामा से पहली बार चुनाव जीते. अपराध में राजनीति का लड़का लग जाने से इलाके में उनकी तूती बोलने लगी. हनक ऐसी कि किसी भी व्यक्ति में इतनी हिम्मत नहीं कि अनंत सिंह का विरोध कर दे.

लालू यादव की सरकार जाने के बाद राज्य में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने. सुशासन का वादा कर राज्य की कुर्सी तक पहुंचे नीतीश कुमार ने एक के बाद एक कई बड़े-छोटे अपराधियों पर शिकंजा कसा लेकिन अनंत सिंह को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई.

माना जाता है कि अनंत सिंह, नीतीश कुमार के करीबी नेताओं में से एक रहे हैं. इस कारण राज्य की पुलिस उन्हें बाला-बांक तक नहीं कर पाई. अनंत सिंह के हर कारनामे पर नीतीश कुमार ने चुप्पी साधे रखा.

अनंत सिंह के ऊपर दो बार जानलेवा हमला भी हुआ लेकिन वह बच निकले. नीतीश कुमार की सरकार में उन्हें दो बार गिरफ्तार भी किया गया. तीसरी बार गिरफ्तारी से पहले उन्होंने पुलिस को चकमा दे दिया और घर से फरारा हो गए.

अनंत-नीतीश के बीच दोस्ती का किस्सा

अनंत सिंह और नीतीश कुमार के बीच दुश्मनी भले आज दिखने लगा है लेकिन दोस्ती के किस्से भी कुछ कम नहीं हैं. एक जनसभा के दौरान अनंत सिंह ने नीतीश कुमार को चांदी के सिक्कों से तौल दिया था.

मांझी को दी थी धमकी

अनंत सिंह के आतंक का अंदाजा और नीतीश कुमार से करीबी होने का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि उन्होंने जीतनराम मांझी को भी धमकी दे दिया था. जब अनंत सिंह ने मांझी को धमकाया था तब वह मुख्यमंत्री तो थे लेकिन नीतीश कुमार से बगावत कर चुके थे. इससे पहले अनंत नीतीश सरकार में मंत्री रहीं परवीन अमानुल्लाह को भी खुल्लेआम धमकी दी थी.

घोड़ा, बग्घी और सोने के शौकीन हैं अनंत सिंह

साल 2013 में अनंत सिंह उस समय चर्चा में आए जब उन्होंने अपनी गाड़ी छोड़ बग्घी पर सवार होकर विधानसभा पहुंचे. इस बग्घी को काफी शानदार तरीके से डिजाइन करवाया गया था. खास बात ये है कि इस बग्घी में लाइट और म्यूजिक सिस्टम भी लगा हुआ था.

अनंत सिंह घोड़े के शौकीन माने जाते हैं. छुट्टियों के समय वह अधिकतर समय घोड़े के साथ बिताते हैं. उन्हें सोना पहनने का भी काफी शौक है. वह गले में सोने की मोटी चेन और हाथों में कड़ा पहनते हैं.

अनंत की अदालत में होती है सुनवाई

इलाके के लोग किसी भी घटना को लेकर पुलिस से पहले अनंत सिंह के पास जाते हैं. एक मामला तब सामने आया था जब बाढ़ बाजार से कुछ गुंडों ने एक व्यापारी का अपहरण कर लिया था.

इस मामले में पुलिस कुछ नहीं कर पाई और मामला अनंत सिंह के पास गया. अनंत सिंह ने अपने गुर्गों के साथ कथित अपहर्ता के घर धावा बोल दिया. दोनों ओर से गोलीबारी हुई. अनंत जब धावा बोलने आया तो घोड़े पर सबसे आगे वही था और सिर पर सोने का मुकुट पहना हुआ था.

बिहार का बाहुबली विधायक अनंत सिंह फरार, घर से एके 47-ग्रेनेड बरामद होने पर UAPA के तहत केस दर्ज

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