यूपी में बच्चा चोरी की अफवाहें जोरों पर, भीड़ की हिंसा का शिकार बन रहे निर्दोष
यूपी से लगातार बच्चा चोरी की अफवाहें सामने आ रही हैं और भीड़ के हाथों निर्दोष लोग पीटे जा रहे हैं. हालांकि इस बीच बच्चा चोरी के कुछेक मामले सच भी निकले हैं लेकिन अधिकतर मामले फर्जी ही निकले हैं.

लखनऊ: यूपी भर से लगातार बच्चा चोरी की अफवाहें सामने आ रही हैं. ताजा मामला नोएका का है जहां थाना सेक्टर 39 क्षेत्र के भूड़ा कॉलोनी में कुछ लोगों ने एक व्यक्ति पर बच्चा चोरी का आरोप लगाकर उसे पीट दिया. मौके पर पहुंची पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि यह आरोप निराधार है. पुलिस ने बच्चा चोरी की झूठी सूचना देने वाले राजेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.
थाना सेक्टर 39 के थानाध्यक्ष नीरज मलिक ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि भूड़ा कॉलोनी वालों ने इस शक के आधार पर एक व्यक्ति को पीट रहे हैं कि वह बच्चा चोरी कर रहा था.
थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि यह आरोप निराधार है. कॉलोनी के लोग रामनिवास नामक एक व्यक्ति को पकड़कर पीट रहे थे. उसे इनके चंगुल से छुड़ाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, तथा बच्चा चोरी की झूठी सूचना देने वाले राजेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
बांदा और बलिया में बच्चा चोरी के शक में महिला व मजदूरों की पिटाई
उत्तर प्रदेश में बच्चा चोरी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच बच्चा चोरी के शक में बलिया और बांदा में लोगों ने एक महिला और चार मजदूरों की पिटाई कर दी. बलिया से मिली खबर के मुताबिक शहर कोतवाली क्षेत्र के बाहरी इलाके में भीख मांगने वाली रीना नामक महिला को शुक्रवार मोहल्ले के लोगों ने बच्चा चोर समझकर घेर लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी.
पुलिस ने शनिवार को बताया कि सूचना पाकर बलिया के यातायात उपनिरीक्षक सुरेश चन्द्र द्रिवेदी मौके पर पहुंचे और भीड़ के आक्रोश से उस महिला को बाहर निकाला. इसके बाद पुलिस महिला को कोतवाली ले गई, जहां जांच पड़ताल के बाद यह पता चला कि महिला बैरिया इलाके की रहने वाली है और भीख मांग कर जीविकोपार्जन करती है.
उधर बांदा के अतर्रा कस्बे में बच्चा चोर समझ कर भीड़ ने शुक्रवार को चार मजदूरों को पिटाई कर दी और बाद में पुलिस हवाले कर दिया. पुलिस ने शनिवार को बताया कि ग्रामीण क्षेत्र से कस्बे में मजदूरी करने आये चार मजदूर काम नहीं मिलने पर लोहिया नहर पुल के पास बैठे हुए थे.
पुलिस के मुताबिक कुछ लोगों ने बच्चा चोर की अफवाह फैला दी, जिससे भीड़ इकट्ठा हो गई और उनकी पिटाई कर पुलिस को सौंप दिया था. करीब तीन घण्टे की पूछताछ में मजदूरों से हकीकत का पता चला तो उन्हें छोड़ दिया गया है.
थानाध्यक्ष रामेंद्र तिवारी ने कहा, 'शुक्रवार को मैं एक साक्ष्य के सिलसिले में जिले से बाहर था. शाम को थाने वापस आने पर घटना की जानकारी मिली है. भीड़ में शामिल लोगों की पहचान कर अगली कार्रवाई की जाएगी."























