चुनाव से पहले जेल से लालू यादव ने लिखी चिट्ठी, कहा- ये देश तोड़ने वालों के खिलाफ लड़ाई है
लालू ने अपनी चिट्ठी में कहा कि गठबंधन में कई दल हैं इसलिए सीट बंटवारे में सबका ध्यान रखना पड़ा है. जिन्हें टिकट नहीं मिला है उनसे अपील है कि सबकुछ भुलाकर दलित बहुजन समाज का आरक्षण और संविधान बचा लीजिए.

Lok Sabha Election 2019: चुनाव के मौसम में जेल से बाहर आने के आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव की कोशिश को आज तगड़ा झटका लगा. खराब स्वास्थ्य को आधार बना कर जमानत मांग रहे लालू की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी. इस बीच बिहार के लोगों के नाम लालू यादव ने एक चिट्ठी लिखी है जिसे उन्होंने अपने ट्विटर पर शेयर किया है.
लालू ने ट्वीट करते हुए लिखा, ''44 वर्षों में पहला चुनाव है जिसमें आपके बीच नहीं हूँ. चुनावी उत्सव में आप सबों के दर्शन नहीं होने का अफ़सोस है. आपकी कमी खली रही है इसलिए जेल से ही आप सबों के नाम पत्र लिखा है. आशा है आप इसे पढ़ियेगा एवं लोकतंत्र और संविधान को बचाइयेगा. जय हिंद, जय भारत.''
44 वर्षों में पहला चुनाव है जिसमें आपके बीच नहीं हूँ। चुनावी उत्सव में आप सबों के दर्शन नहीं होने का अफ़सोस है। आपकी कमी खली रही है इसलिए जेल से ही आप सबों के नाम पत्र लिखा है। आशा है आप इसे पढ़ियेगा एवं लोकतंत्र और संविधान को बचाइयेगा। जय हिंद, जय भारत। pic.twitter.com/QDAR03adSf
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) April 10, 2019
अपनी लंबी चिट्ठी में लालू यादव ने लिखा, ''जैसे गांधी जी ललकारकर अंग्रजों भारत छोड़ोकहने के बाद करो या मरो का नारा दिए थे वैसे ही ये लड़ाई देश तोड़ने वाले लोगों के खिलाफ है. संविधान में दिए हक की हिफाजत की लड़ाई है है...आपको बस यह याद रखना है कि गुरुगोलवलकर के चेले लोग आप दलित-बहुजन को मिटाने की हर संभव कोशिश करेंगे. जागते रहना है और बाबा साहब और महात्मा फुले का अलख जगाते हुए इन्हें दिल्ली से खदेड़ना है.''
लालू यादव ने इस चिट्ठी में गठबंधन और सीट बंटावारे का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ''गठबंधन में कई दल हैं इसलिए सीट बंटवारे में सबका ध्यान रखना पड़ा है. हमारे कई नेता और कार्यकर्ता जिन्हें टिकट नहीं मिला उन सबसे अपील करते हैं कि सब मिलकर सबकुछ भुलाकर दलित बहुजन समाज का आरक्षण बचा लीजिए...बहुत कुछ कहने को है लेकिन फिर लिखूंगा.''
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