भारत को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर जाता है- अमित शाह
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री बनने का रास्ता लखनऊ से होकर जाता है, उसी तरह भारत को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का मार्ग भी उत्तर प्रदेश से ही होकर गुजरता है.

लखनऊ: केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री बनने का रास्ता लखनऊ से होकर जाता है, उसी तरह भारत को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का मार्ग भी उत्तर प्रदेश से ही होकर गुजरता है. शाह ने यहां दूसरी ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी में 65 हजार करोड़ रुपये की 250 से अधिक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद कहा, 'मैं जब 16 साल का था तब से सुनता हूं कि प्रधानमंत्री बनने का रास्ता लखनऊ से होकर जाता है. मैं आज कहना चाहता हूं कि पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का रास्ता भी लखनऊ से ही होकर जाता है. मैं आश्वस्त हूं कि उत्तर प्रदेश एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनकर इसमें अपना योगदान सुनिश्चित करेगा.'
उन्होंने कहा कि जिस तरह से उत्तर प्रदेश में परियोजनाओं को धरातल पर लाने का काम हो रहा है. एक साल के अंदर एक लाख 20 हजार करोड़ के निवेश को जमीन पर उतारना बहुत बड़ा काम है. शाह ने प्रदेश में प्रशासन को राजनीतिकरण से दूर रखे जाने को सूबे में आये मूलभूत परिवर्तन की नींव करार देते हुए कहा, 'पिछली सरकारों में प्रशासन का इस कदर राजनीतिकरण हुआ कि पारदर्शिता दूर-दूर तक नहीं रह गयी थी. मगर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राजनेताओं के बजाय जनता का सेवक बनाने का काम किया है. मैं मानता हूं कि यह मूलभूत परिवर्तन ही उत्तर प्रदेश के विकास की नींव बना है.'
उन्होंने निवेशकों का आह्वान करते हुए कहा, 'जो लोग उत्तर प्रदेश में निवेश के बारे में अभी सोच रहे हैं, उन्हें मैं कहना चाहता हूं कि योगी सरकार की तरह मोदी सरकार भी उत्तर प्रदेश को विकसित बनाने की दिशा में उतनी ही प्रयासरत है. 14वें वित आयोग ने उत्तर प्रदेश को मिलने वाली धनराशि तीन लाख 30 हजार करोड़ से बढ़ाकर 8 लाख 80 हजार करोड़ रुपये कर दी. राज्य सरकार ने जो भी योजनाएं हाथ में ली हैं, उनका परिपूर्ण होना तय है और प्रदेश में बदलाव आना भी सुनिश्चित है. आने वाले दिनों में यहां चमत्कारिक प्रदर्शन होगा. आपको निराश नहीं होना पड़ेगा.'
शाह ने मुख्यमंत्री योगी की प्रशंसा करते हुए कहा,"जब योगी को उत्तर प्रदेश की कमान देने का फैसला किया गया तो बहुत सवाल उठे थे. किसी ने कहा कि योगी ने कभी नगर निगम तक का प्रशासन नहीं सम्भाला तो वह इतना बड़ा प्रदेश कैसे चलाएंगे. मगर भाजपा ने निष्ठा और परिश्रम करने की क्षमता को मानक बनाकर उत्तर प्रदेश का भविष्य योगी आदित्यनाथ के हाथ सौंपा. योगी ने प्रदेश के 22 करोड़ लोगों में यह आत्मविश्वास जगाने का काम किया कि उत्तर प्रदेश भी देश में सर्वोत्तम प्रदेश बन सकता है. मैं आज बड़े संतोष से कह सकता हूं कि हमारा निर्णय उचित था."
गृह मंत्री ने मोदी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा,"देश में वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नयी सरकार बनी, तब मोदी ने ढेर सारे क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित करना शुरू किया था. उन्होंने एक बैठक में कहा था कि अतीत में जितनी सरकारें आयीं, उन्होंने बस सरकार चलाने के लिये सरकार चलायी, मगर हम देश को बदलने के लिये सरकार चलाएंगे. मोदी ने सुरक्षा, आर्थिक विकास, सांस्कृतिक संवर्द्धन और जनभागीदारी को साथ लेकर आगे बढ़ने के सर्वसमावेशी और सर्वविकास के मॉडल को दुनिया के सामने रखा."
उन्होंने कहा,"मोदी खुली आंख से सपने देखने की आदत रखते हैं. जो ऐसे ख्वाब देखते हैं उनको तब तक नींद नहीं आती जब तक सपना साकार नहीं होता. आज प्रधानमंत्री के पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के संकल्प पर टीका टिप्पणी हो रही है. मगर 2014 से 2019 तक के कार्यकाल में वह इसकी बुनियाद रख चुके हैं. पांच साल में देश की अर्थव्यवस्था में जो परिवर्तन आया है, उसे देखने से इसका अंदाजा भी लग जाता है."
शाह ने कहा,"वर्ष 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार का कार्यकाल खत्म होने के बाद दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं की सूची में भारत 11वें स्थान पर था. उसके बाद 10 साल कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार चली, मगर कोई सुधार नहीं हुआ. संप्रग के लोग कहते थे कि हम नीचे नहीं गये. पिछले पांच साल में हम 11वें से छठे स्थान पर पहुंच गये. प्रधानमंत्री ने पांच साल के लिये देश को टॉप - 3 में पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का इरादा इसी से निकला है."
शाह ने कहा कि जीएसटी के बारे में कहा जा रहा था कि भारत जैसे बड़े देश में जीएसटी लागू नहीं हो सकता. मगर आज कश्मीर से कन्याकुमारी और कामाख्या से कच्छ तक जीएसटी सफलतापूर्वक काम कर रहा है. गृह मंत्री ने कहा,"हमारे देश की सरकारों के कार्यकलापों को सुधारने की बहुत जरूरत थी. मोदी ने 'ईज आफ डूइंग बिजनेस' पर बहुत जोर दिया. राज्यों के बीच इस मामले में एक—दूसरे पर बढ़त बनाने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा शुरू की. राज्यों की रैंकिंग सुधरने से सिर्फ पांच साल में विश्व बैंक की ‘ईज आफ डूइंग बिजनेस’ की रैंकिंग में भारत 142वें से 77वें स्थान पर पहुंच गया."
शाह ने कहा,"उत्तर प्रदेश में योगी के नेतृत्व में ढेर सारे परिवर्तन आये हैं. प्रदेश में कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति सबसे बड़ी बाधा थी. योगी के शासनकाल में सिर्फ दो साल में ही जमीन-आसमान का अंतर आया है. इतने बड़े प्रदेश में विकास तभी हो सकता है जब कानून-व्यवस्था अच्छी हो. पांच साल बाद मूलभूत ढांचे के मामले में उत्तर प्रदेश देश का सबसे अग्रणी राज्य बनेगा."
Source: IOCL

























