COVID-19 से लड़ने में कितनी कामयाब रही है बिहार सरकार, अभी क्या है कोरोना का ग्राफ?
बिहार में अब डोर टू डोर स्क्रीनिंग की जाएगी. सिवान, बेगूसराय,नवादा और नालंदा में इस अभियान को चलाया जाएगा. बिहार में स्कूलों में कुल 2356 क्वॉरन्टीन कैंप चल रहे हैं.

पटना: बिहार के 27 जिले ऐसे हैं जहां कोरोना वायरस का एक भी मामला नहीं है. अब तक मिली जानकारी के हिसाब से राज्य में कुल 66 कोरोना संक्रमित मरीज़ हैं जबकि 29 लोग इलाज के बाद अपने घर जा चुके हैं. वहीं इस वायरस की वजह से एक शख्स की मौत हुई है. यानी अब बिहार में कोरोना वायरस के 35 मरीज रह गए हैं. सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सचिव अनुपम कुमार ने आज सरकारी की तरफ से किए गए काम का ब्यौरा दिया.
अनुपम कुमार के मुताबिक, सरकार द्वारा लगातार स्थिति की समीक्षा की जा रही है और विभागों को आवश्यक निर्णय और निर्देश दिए जा रहे हैं. मुख्य सचिव द्वारा प्रतिदिन क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक की जाती है. इसमें जो भी निर्णय होते हैं उसके अनुपालन का सभी को निर्देश दिया जाता है. अभी की जो स्थिति है इसमें कुल 66 पॉजिटिव केस पाए गए हैं.
अनुपम कुमार ने बता कि जो पंचायत स्तरीय क्वॉरन्टीन कैंप स्कूलों में चल रहे हैं उनकी संख्या आज के दिन में 2356 हैं. अभी यहां कुल 23760 लोगों को रखा गया है जिन्हें भोजन और चिकित्सीय सुविधा दी जा रही है. अभी तक राज्य में कुल 7781 लोगों का टेस्ट किया गया है.
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विशेष सहायता के लिए अब तक कुल 11 लाख 66 हजार आवेदन रजिस्टर हो चुके हैं और अभी तक उसमे 6.65 लाख लोगों को एक हजार की राशि ट्रांसफर कर दी गई है. जो भी आवेदन लगातार आ रही है उन सभी की जांच हो रही है और जांच के बाद ये राशि उनके खाते में ट्रांसफर की जा रही है.
बिहार फाउंडेशन के द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष से 12 शहरों में जो कैंप चल रहे हैं, उनकी संख्या 48 है और आज तक इनमें कुल 6 लाख 11 हजार लोगों ने इसका लाभ लिया है. इसके अलावा राज्य सरकार की तरफ से जो तीन महीने की हर तरह की पेंशन दी जाती है, उसमें कुल 84.76 लाख पेंशनर हैं. इनमें आज तक 80 लाख लोगों को ये तीन महीने का पेंशन दिया गया है और जो बचे हुए हैं उनके खाते भी जल्द ही ट्रांसफर किया जाएगा.
अभी तक कुल 87 लाख 34 हजार राशनकार्ड धारी लोगों के खाते हैं जिसमें एक हजार की राशि ट्रांसफर की गई है. 21 लाख ऐसे हैं जिन्हें अगले दो दिनों में ये राशि ट्रांसफर की जानी है और जो पेंडिंग या रिजेक्टेड राशनकार्ड थे उनकी समीक्षा कार्य भी पूरी तरह से चल रहा है.
वहीं स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमारने बताया कि लगातार चर्चा हो रही थी मुख्यमंत्री के स्तर पर और मुख्य सचिव के स्तर पर भी आगे की क्या रणनीति होगी. इसपर काफी व्यापक चर्चा हुई और निर्णय यह लिया गया है कि 16 तारीख से हमलोग पल्स पोलियो के तर्ज पर डोर टू डोर स्क्रीनिंग कराएंगे.
कुछ जिले ही ऐसे हैं जिनमे हम इस अभियान को चलाएंगे. इनमें सिवान, बेगूसराय,नवादा और नालंदा शामिल हैं. इसके अतिरिक्त जो 66 केस हुए हैं उसके 3 किलो मीटर की रेडियस में जितने भी घर हैं उन सभी घरों में भी डोर टू डोर स्क्रीनिंग कराई जाएगी. इसके बाद जितने लोग भी 1 मार्च से 23 मार्च के बीच विदेश से आये हैं, उन सभी के गांव के हर एक घर को स्क्रीनिंग किया जाएगा. ये हमारी रणनीति है. जो कैलकुलेट किया गया है उसमें लगभग 8 हजार ऐसे गांव हैं, जहां हम स्क्रीनिंग करेंगे.
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Source: IOCL























