बुलंदशहर की घटना सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की साजिश: सीपीआई(एम)
सीपीआई(एम) ने कहा, "आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इस तरह की घटनाओं की साजिश पहले से रची गई हैं. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ द्वारा दिए गए सांप्रदायिक उत्तेजक भाषणों ने भी भीड़ को निर्भय होकर हमला करने के लिए एक माहौल तैयार किया है."

नई दिल्ली: बुलंदशहर हिंसा की निंदा करते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी सीपीआई(एम) ने मंगलवार को कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव से पहले यह सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की साजिश है. इस हिंसा में एक पुलिस निरीक्षक और एक नागरिक की मौत हो गई थी. सीपीआई(एम) ने कहा, "हम उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में भीड़ द्वारा पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह की क्रूर हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं. उनके साथ एक बेगुनाह की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई."
बयान के मुताबिक, "सियाना क्षेत्र के एक गांव में संदिग्ध परिस्थिति में पाए गए पशु शवों के कारण गौ हत्या के बहाने अचानक विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया. यह विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा देने वाले हिंदुत्ववादी अन्य संगठनों के पैटर्न के साथ फिट बैठता है."
बयान में कहा गया है, "आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इस तरह की घटनाओं की साजिश पहले से रची गई हैं. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ द्वारा दिए गए सांप्रदायिक उत्तेजक भाषणों ने भी भीड़ को निर्भय होकर हमला करने के लिए एक माहौल तैयार किया है."
पार्टी ने सोमवार को हुई हिंसा के अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और कोई सांप्रदायिक घटना न हो, इसके लिए कदम उठाने को कहा.
हिंसा के मद्देनजर विहिप कार्यकर्ता उपेंद्र राघव, बीजेपी की शहर युवा शाखा के अध्यक्ष शिखर अग्रवाल और बजरंग दल के जिला समन्वयक योगेश राज के नाम एफआईआर में शामिल हैं.
Source: IOCL

























