बिहार: RSS पदाधिकारियों का ब्यौरा जुटाने वाली चिट्ठी पर एडीजी की सफाई, कहा- सरकार के पास इसकी जानकारी नहीं
आरएसएस पदाधिकारियों का ब्यौरा जुटाने वाली चिट्ठी पर एडीजी ने सफाई देते हुए कहा कि सरकार और पुलिस मुख्यालय के पास इस चिट्ठी की कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि ये चिट्ठी एसपी के स्तर से लिखी गई है. जो तत्कालीन एसपी थे वे अभी पुलिस अधीक्षक की ट्रेनिंग में है. नाम बताना अभी उचित नहीं है. उनसे बात नहीं हुई है.

पटना: आरएसएस और उसको सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों की जानकारी इकट्ठा करने वाली स्पेशल ब्रांच की चिट्ठी ने बिहार का सियासी पारा चढ़ा दिया है. बिहार विधान परिषद में बीजेपी ने इसको लेकर जमकर हंगामा किया. इस बीच बिहार पुलिस के एडीजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस चिट्टी को लेकर सफाई दी है. एडीजी जेएस गंगवार ने कहा कि ये चिट्ठी एसपी के स्तर से लिखी गई है और इसकी जानकारी पुलिस मुख्यालय या सरकार को नहीं है. उन्होंने कहा कि जिस चिट्ठी की बात हो रही है या जो मीडिया में वर्णित हो रहा है, उसके संबंध में जांच की गई है. जांच में ये स्पष्ट हुआ है कि ये पत्र पुलिस अधीक्षक स्तर से ही निर्गत हुआ है जिसकी कोई भी जानकारी किसी अन्य पदाधिकारी को नहीं थी. पुलिस अधीक्षक ने अपने ही स्तर से पत्र भेजकर समान्य सूचना और जानकारी मांगी है.
जो तत्तकालीन एसपी थे अभी वे ट्रेनिंग में हैं- एडीजी
जेएस गंगवार ने कहा कि इसपर जांच कर आगे की कार्रवाई करेंगे. उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से उन्हें ये जानकारी हुई है. एसपी ने संचिका में कोई इनपुट नहीं दिया कि ये कॉपी कहां- कहां गई. जो तत्कालीन एसपी थे वे अभी पुलिस अधीक्षक की ट्रेनिंग में है. नाम बताना अभी उचित नहीं है. उनसे बात नहीं हुई है. एडीजी ने आगे कहा कि विशेष शाखा को विभिन्न स्रोत से इनपुट मिलती है. सुरक्षा के संबंध में लगातार सूचनाएं भी प्राप्त होती हैं. इसके आधार पर विशेष शाखा काम करती है.
क्या लिखा था स्पेशल ब्रांच का चिट्ठी में?
दरअसल 28 मई को पटना के एसपी (स्पेशल ब्रांच) ने डिप्टी एसपी (स्पेशल ब्रांच) को एक चिट्ठी लिखी थी. इसमें कहा गया था कि आरएसएस और उससे जुड़े 19 सहयोगी सगंठनों के पदाधिकारियों का नाम, पता, फोन नंबर और पेशे का ब्यौरा एक हफ्ते के अंदर जुटाया जाए. पदाधिकारियों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष या संयुक्त सचिव और ऐसे ही दूसरे पदभार संभाल रहे लोगों का ब्यौरा मांगा गया. इस चिट्ठी में आरएसएस के अलावा विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, हिंदू जागरण समिति, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, हिंदू राष्ट्र सेना, राष्ट्रीय सेविका समिति, शिक्षा भारती, दुर्गा वाहिनी, स्वदेशी जागरण मंच, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय रेलवे संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अखिल भारतीय शिक्षक महासंघ, हिंदू महासभा, हिंदू युवा वाहिनी और हिंदू पुत्र संगठन का नाम शामिल हैं.
Source: IOCL


























