बिहार: अब कैमूर में बंद हुआ शेल्टर हाऊस, कैदियों से भी बदतर जिंदगी जीने को मजबूर थीं बच्चियां
फिलहाल यहां रहने वाली 21 लड़कियों को आरा के अल्पावास गृह में भेज दिया गया है. नवल किशोर ने बताया कि जिला मुख्यालय में जमीन की व्यवस्था कर शेल्टर हाऊस जल्द खोलने के निर्देश दिए गए हैं.

पटना: बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर हाऊस मामला सुर्खियों में हैं. इस बीच कैमूर जिले में भी एक अल्पावास गृह (शेल्टर हाऊस) का मामला सामने आया है. कैमूर के शेल्टर हाऊस को सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरने की वजह से बंद कराया गया है. कुछ ही दिनों पहले यहां रहने वाली लड़कियों की तरफ से छेड़खानी का मामला दर्ज कराया गया था. कैमूर के जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने बताया कि अल्पावास गृह की शिकायत मिली थी और जांच कराने पर मामला सही पाया गया.
फिलहाल यहां रहने वाली 21 लड़कियों को आरा के अल्पावास गृह में भेज दिया गया है. नवल किशोर ने बताया कि जिला मुख्यालय में जमीन की व्यवस्था कर शेल्टर हाऊस जल्द खोलने के निर्देश दिए गए हैं. यहां एक कमरे में 21 बच्चियों को बिना बिस्तर के चौकी पर सुलाया जाता था. खाने में भी सिर्फ चावल, सब्जी, दाल और रोटी ही दी जाती थी. यहां के कमरे गंदगी से भरे रहते थे.
यहां के संचालकों को लाखों रुपये हर महीने आवंटित होता था ताकि बच्चियों को कपड़े, भोजन, मनोरंजन, घूमने और प्रशिक्षण दिया जा सके. इसके बावजूद भी यहां रहने वाली बच्चियां कैदियों से भी बदतर जिंदगी जीने को मजबूर थीं. नवल किशोर के मुताबिक जिला मुख्यालय में नए तरीके से सभी मानकों के अनुरूप अल्पावास गृह खोजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
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