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बरेली: सावन आते ही पुलिस-प्रशासन की चिंता बढ़ी, पिछले साल भड़क उठे थे दंगे
गौरतलब है की 2010 में हुए दंगे के बाद से बरेली काफी साम्प्रदायिक हो गया है. यहां मामूली बातों से भी साम्प्रदायिक तनाव फ़ैल जाता है. पिछले वर्ष भी बरेली के खैलम में कावड़ यात्रा के दौरान दोनों समुदाय के लोग आमने सामने आ गए थे और जमकर बवाल हुआ था.

बरेली: सावन आते ही बरेली पुलिस-प्रसासन के की चिंता बढ़ गई है. बरेली अतिसंवेदनशील जिलों में आता है जहां सावन के दिनों में कावड़ यात्रा को सकुशल निकालना बरेली पुलिस-प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता है. जिस वजह से बरेली के जिलाधिकारी वीरेंदर कुमार सिंह और एसएसपी के मुनिराज ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मजिस्ट्रेटों, पुलिस अधिकारियों एवं विभिन्न विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर श्रावण मास में शांति एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. अविश्वास प्रस्ताव: जब पत्रकार ने पूछा क्या है एसपी का स्टैंड, तो रामगोपाल यादव ने दी गाली डीएम ने दिए हैं ये तैयारी करने के निर्देश डीएम ने कहा कि पुलिस थानावार कार्य योजना बना लें जिसमें वहां से जाने और निकलने वाले जत्थों, कावड़ियों की संख्या, कहां से जल लेगें, कहां जल चढ़ाएंगे, रुट क्या होगा, भण्डारा, कैम्प के आयोजन, मिश्रित आवादी क्षेत्र, वहां पड़ने वाली शराब की दुकान, मीट की दुकान, मस्जिद आदि विवरण हो और उसी के दृष्टिगत व्यवस्थाएं कर लें. कावड़ यात्रा के साथ चलने वाला साउन्ड सिस्टम सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरुप हो. सावन माह के शनिवार, रविवार और सोमवार विशेष रुप से कावड़ यात्रा की दृष्टि से संवेदनशील होते हैं. 42 साल से किराया नहीं चुकाने पर कांग्रेस को दफ्तर खाली करने का नोटिस, कभी वहां से कमान संभालते थे नेहरू और इंदिरा सीसीटीवी और ड्रोन से होगी निगरानी, सोशल मीडिया पर भी रखी जाएगी नजर शहर के 6 प्रमुख स्थानों पर जलाभिषेक के लिए भारी भीड़ होती है. यहां सिविल डिफेंस के वालटियर भी लगेंगे. आवश्यकतानुसार सीसीटीवी, ड्रोन से भी निगरानी होगी. अधिकारी त्यौहार रजिस्टर का भली भांति अध्यन कर लें. गत पांच वर्षो के प्रकरण, विवाद को दृष्टिगत रखते हुए कार्यवाही करें. सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जाएगी. कोई भी आपत्ति जनक मैटर पोस्ट करने वाले के विरुद्ध सख्त कार्यवाही होगी. कावड़ियों में महिलाएं भी होती हैं उनसे किसी भी प्रकार की अभद्रता न हो. हर जत्थे को क्या करें क्या नही करें कि प्वाइंट की सूची दी जाएगी. शहरों के रुटों पर आवश्यकतानुसार एम्बुलेंस होगी. अस्पतालों में इमरजेंसी सुविधा उपलब्ध रहेगी. मंदिरों कैपों पर चेंकिग होगी कि कही कोई बिजली का तार न हो. डीएम ने कहा कि कावड़ यात्रा के श्रद्धालुओं को समस्त यथा सम्भव व्यवस्थाओं और सुविधायें उपलब्ध होगी. किसी के द्वारा किसी भी प्रकार की खुराफात का प्रयास करने वाले के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही होगी. देवरिया जेल में पड़ी रेड, अतीक अहमद के बैरक से दो सिमकार्ड और चार पैन ड्राइव बरामद पिछले वर्ष सावन में हुआ था बवाल गौरतलब है की 2010 में हुए दंगे के बाद से बरेली काफी साम्प्रदायिक हो गया है. यहां मामूली बातों से भी साम्प्रदायिक तनाव फ़ैल जाता है. पिछले वर्ष भी बरेली के खैलम में कावड़ यात्रा के दौरान दोनों समुदाय के लोग आमने सामने आ गए थे और जमकर बवाल हुआ था. कावड़ियों पर दूसरे समुदाय के लोगों ने जमकर पथराव किया था जिसमे दर्जनों कावड़ियों और सुरक्षाबलों के चोटें आई थीं.
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Source: IOCL

























