जम्मू-कश्मीर में सर्दी ने तोड़ा पिछले चार दशकों का रिकॉर्ड
साल 1982 के बाद कभी दिसंबर के महीने में लगतार कई दिनों तक तापमान सामान्य से नीचे रिकॉर्ड नहीं किया गया. कश्मीर के साथ-साथ जम्मू में भी रात का तापमान लगातार गिर रहा है और बर्फीली हवाएं चलने से ठिठुरन बढ़ गयी है.

जम्मू: समूचे उत्तर भारत की तरह ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भी शीत लहर की भयंकर चपेट में है. यहां सर्दी ने पिछले करीब 37 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. मौसम विभाग ने राज्य में 31 दिसंबर से बर्फबारी और भारी बारिश की आशंका जताई है. जम्मू-कश्मीर की बात करें तो यहां लगतार पिछले तकरीबन एक महीने से अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 10 डिग्री नीचे रिकॉर्ड किया जा रहा है, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में ठण्ड ने पिछले करीब चार दशकों के रिकॉर्ड को तोड़ा है. कश्मीर के साथ-साथ जम्मू में भी रात का तापमान लगातार गिर रहा है और बर्फीली हवाएं चलने से ठिठुरन बढ़ गयी है.
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक साल 1982 के बाद इस साल तक कभी मौसम इतना ठंडा नहीं रहा है. साल 1982 के बाद कभी दिसंबर के महीने में लगतार कई दिनों तक तापमान सामान्य से नीचे रिकॉर्ड नहीं किया गया. मौसम के जानकार मानते हैं कि इस साल दिसंबर के पहले सप्ताह में बेशक तापमान सामान्य था, लेकिन दूसरे सप्ताह से तापमान लगातार सामान्य से कम रिकॉर्ड किया जा रहा है.
वहीं, मौसम विभाग ने 31 दिसंबर से कश्मीर घाटी और जम्मू के पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फ़बारी की आशंका जताई है जो 2 जनवरी तक जारी रहेगी. जम्मू में पिछले कई हफ्तों से सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए हैं. लगतार बढ़ती सर्दी और ठिठुरन से जम्मू का मौसम सर्द हो गया है और यहां घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. जिन लोगों को कामकाज के लिए अपने घरों से निकलना पड़ रहा है वो अलाव जलाकर सर्दी भगा रहे हैं.
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