एक्सप्लोरर

Explained: NTA की ओवरहॉलिंग से लेकर नए सख्त कानून! क्या मोदी सरकार बचा लेगी धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी?

CJP Protest: CJP का कहना है, 'सिस्टम बदलो, लेकिन जवाबदेही भी तय करो.' CJP के मुताबिक, NTA के अधिकारियों को निकालना काफी नहीं है. जिम्मेदारी सबसे ऊपर वाले की है और वो हैं शिक्षा मंत्री.

NEET पेपर लीक के बाद सरकार पर जबरदस्त दबाव है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) सड़कों पर है, विपक्ष संसद में हंगामा कर रहा है और सोशल मीडिया पर #DharmendraPradhanResign ट्रेंड कर रहा है. ऐसे में सरकार ने NTA का बड़ा ओवरहॉल और नए सख्त कानून का रास्ता दिखाया है. लेकिन सवाल यह है कि क्या ये कदम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी बचा पाएंगे या नहीं...

NTA में क्या-क्या बदला और एक महीने का रोडमैप क्या है?

केंद्र सरकार ने NTA में एक बड़ा ओवरहॉल शुरू किया है. यह कोई आम बदलाव नहीं है...

  • 47 अधिकारी बर्खास्त: NTA के 47 अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है. इनमें पूर्व डायरेक्टर जनरल सुबोध कुमार सिंह भी शामिल हैं. खबर है कि और भी अधिकारियों की नौकरी जा सकती है.
  • एक महीने की डेडलाइन: सरकार ने NTA में सुधार के लिए एक महीने का रोडमैप तैयार किया है. सरकार का कहना है कि एक महीने के अंदर NTA की सारी समस्याएं ठीक कर दी जाएंगी.
  • हाई-लेवल कमेटी की सिफारिशें: प्रोफेसर के राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली हाई-लेवल कमेटी ने NTA को दस फंक्शनल वर्टिकल्स में रिस्ट्रक्चर करने की सिफारिश की है. NTA ने जनरल मैनेजर के पदों के लिए विज्ञापन जारी किए हैं. 16 यंग प्रोफेशनल्स की भर्ती के लिए UPSC के प्रतिभा सेतु पोर्टल का इस्तेमाल किया है.
  • आउटसोर्सिंग में बदलाव: NTA की आउटसोर्सिंग व्यवस्था में भी बदलाव किए जा रहे हैं ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़े.

यानी NTA को पूरी तरह से नए सिरे से खड़ा किया जा रहा है.

ये नए कानून का माजरा क्या है और इससे क्या बदलेगा?

सिर्फ NTA नहीं, कानून भी बदल रहा है. 24 जुलाई 2026 को कैबिनेट ने एक ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दी. यह बिल पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 में संशोधन करेगा. इसके तहत:

  • सजा में बड़ा इजाफा: मौजूदा कानून में संगठित पेपर लीक पर 5 से 10 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये का जुर्माना है. नए बिल में 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना होगा. यानी सजा दोगुनी और जुर्माना दस गुना बढ़ रहा है.
  • फास्ट-ट्रैक कोर्ट: बिल में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रावधान है, ताकि मामलों की जल्द सुनवाई हो सके.
  • जांच की समय सीमा: जांच तीन महीने के अंदर पूरी करनी होगी.
  • सोमवार को पेश होगा बिल: इस बिल को संसद के मानसून सत्र में सोमवार यानी 27 जुलाई को पेश किया जाएगा.

यानी सरकार कानून को इतना सख्त बना रही है कि भविष्य में कोई पेपर लीक की हिम्मत न कर सके.

सरकार का स्टैंड: 'इस्तीफा नहीं, सुधार'

बीजेपी सरकार एक बात पर अड़ी है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे. सरकारी सूत्रों का कहना है, 'इस्तीफा देना और जिम्मेदारी से भागना सबसे आसान काम होगा. लोगों ने हमें जनादेश दिया है और हम डिलीवर करेंगे.' एक अन्य सूत्र के मुताबिक, प्रधान का इस्तीफा समस्या से भागने के बराबर होगा, न कि उसे ठीक करने के.

  • पूरा कैबिनेट प्रधान के साथ: कैबिनेट मीटिंग में PM मोदी ने प्रधान को हटाने का कोई संकेत नहीं दिया. यानी पूरा कैबिनेट धर्मेंद्र प्रधान के पीछे खड़ा है.
  • 'प्रतीकात्मक इस्तीफा' नहीं चाहिए: सरकार का कहना है कि वह NTA में 'सुधारात्मक कार्रवाई' करना चाहती है, न कि शिक्षा मंत्री का 'प्रतीकात्मक इस्तीफा' लेना चाहती है.

यानी सरकार की रणनीति साफ है- मंत्री को बचाओ, सिस्टम बदलो और आंदोलन को कमजोर करो.

CJP और विपक्ष क्या कह रहे हैं?

 NTA ओवरहॉलिंग और नए कानून से CJP और विपक्ष मानने को तैयार नहीं हैं. CJP का कहना है कि हम सुधारों की बात कर रहे हैं, लेकिन अंतिम जवाबदेही शिक्षा मंत्री की है. वे पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या के लिए सीधे जिम्मेदार हैं. उन्हें इस्तीफा देना होगा. CJP ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने प्रधान के इस्तीफे पर साफ स्थिति नहीं बनाई, तो वे 'टफ स्टैंड' लेंगे. CJP के प्रवक्ता अशुतोष रांका ने कहा, 'अगर प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तो इन मीटिंग्स का कोई मतलब नहीं है.'

CJP ने तीन मांगें रखी हैं:

  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
  • पेपर लीक में मरने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा
  • प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं

सरकार ने दो मांगों पर हामी भर दी है, लेकिन प्रधान के इस्तीफे पर कोई रियायत नहीं दी है. विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, 'भ्रष्ट शिक्षा मंत्री को जाना होगा. जब तक प्रधान को नहीं हटाया जाता, हम कोई चर्चा नहीं करेंगे.' यानी CJP और विपक्ष एक ही मोर्चे पर हैं. प्रधान का इस्तीफा नॉन-नेगोशिएबल है.

क्या कार्रवाई से बच जाएगी प्रधान की कुर्सी?

अब असली सवाल पर आते हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ताजा घटनाक्रम से दो सिनेरियो बनते हैं:

कुर्सी बच जाएगी...

  • सरकार ने पहले ही इस्तीफे से इनकार: सरकारी सूत्रों, कैबिनेट मंत्रियों और PM मोदी के संकेतों से साफ है कि प्रधान को हटाने का कोई इरादा नहीं है.
  • बड़ी कार्रवाई की आड़: 47 अधिकारी बर्खास्त, नया कानून और एक महीने का रोडमैप. यह तीनों कार्रवाई इतनी बड़ी है कि सरकार कह सकती है, 'हमने सिस्टम ठीक कर दिया, अब मंत्री को हटाने की जरूरत नहीं.'
  • राजनीतिक संकेत: अगर सरकार CJP के दबाव में प्रधान को हटाती है, तो यह कमजोरी मानी जाएगी. सरकार यह संदेश नहीं देना चाहती.
  • जनादेश का हवाला: सरकार कह रही है, 'लोगों ने हमें जनादेश दिया है, हम डिलीवर करेंगे.'

कुर्सी बच नहीं पाएगी...

  • CJP की मुख्य मांग इस्तीफा: CJP ने साफ कहा है, 'जब तक प्रधान इस्तीफा नहीं देते, आंदोलन जारी रहेगा. सरकार ने दो मांगें मान ली हैं, लेकिन सबसे बड़ी मांग अभी बाकी है.'
  • विपक्ष संसद नहीं चलने दे रहा: पांच दिनों से संसद में हंगामा है. विपक्ष का कहना है, 'जब तक प्रधान नहीं हटते, सदन नहीं चलेगा.'
  • सिर्फ NEET का मामला नहीं: यह आंदोलन अब एक बड़े सवाल पर पहुंच गया है कि क्या सरकार युवाओं की आवाज सुन रही है? अगर सरकार सिर्फ NTA बदलकर मामला खत्म करने की कोशिश करेगी, तो युवा इसे 'आधा-अधूरा समाधान' मानेंगे.
  • CJP ने 'टफ स्टैंड': CJP ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने इस्तीफे पर साफ जवाब नहीं दिया, तो CJP आंदोलन को और तेज कर सकता है.

आखिर यह खेल किस तरफ जाएगा?

केंद्र सरकार ने NTA ओवरहॉल और सख्त कानून लाकर एक बड़ी शतरंज की चाल चली है: इसके तीन मकसद हैं:

  • CJP के आंदोलन को कमजोर करना
  • विपक्ष के हमले को कुंद करना
    प्रधान की कुर्सी बचाना

लेकिन CJP का कहना है, 'सिस्टम बदलो, लेकिन जवाबदेही भी तय करो.' CJP के मुताबिक, NTA के अधिकारियों को निकालना काफी नहीं है. जिम्मेदारी सबसे ऊपर वाले की है और वो हैं शिक्षा मंत्री. एक बात तय है कि सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है प्रधान की कुर्सी बचाने के लिए. लेकिन CJP और विपक्ष भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.

27 जुलाई को जब संसद की कार्रवाई फिर शुरू होगी और CJP की तीसरी बैठक होगी, तो यह तय होगा कि आंदोलन किस तरफ जाता है.

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें करीब 9 साल का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

'निर्दयी न बनें, बच्चों तक खाना पहुंचने दें', जंतर-मंतर प्रदर्शन पर कपिल सिब्बल की केंद्र सरकार से अपील
'निर्दयी न बनें, बच्चों तक खाना पहुंचने दें', जंतर-मंतर प्रदर्शन पर कपिल सिब्बल की केंद्र सरकार से अपील
CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी का बड़ा ऐलान, 26 जुलाई को देशभर में निकाला जाएगा कैंडल मार्च
कॉकरोच जनता पार्टी का बड़ा ऐलान, 26 जुलाई को देशभर में निकाला जाएगा कैंडल मार्च
'धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, PM मोदी मांगें माफी', राहुल गांधी ने सरकार के सामने रखी की तीन मांगें
'धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, PM मोदी मांगें माफी', राहुल गांधी ने सरकार के सामने रखी की तीन मांगें
CJP Protest: बैरिकेड्स और लोहे की चादरों से जंतर मंतर प्रोटेस्ट साइट सील, भारी पुलिस फोर्स के साथ सड़कें बंद
बैरिकेड्स और लोहे की चादरों से जंतर मंतर प्रोटेस्ट साइट सील, भारी पुलिस फोर्स के साथ सड़कें बंद
Advertisement

वीडियोज

Ishqnama Review: Shehnaaz Gill और Jai Randhhawa की दिल छू लेने वाली लव स्टोरी
The India Story Review: खाने और सेहत पर बड़ा सवाल उठाती Shreyas Talpade की फिल्म
Bollywood News: युवा सड़कों पर, स्टार्स अपने स्वैग में, ट्रोल्स बोले—
Udne ki Asha: Renuka को चौखट पर देख हक्के-बक्के रहे Sachin-Sailee, बीते दुखों की यादें ताजा
Badshah-Isha Rikhi के Viral Post ने बढ़ाई हलचल, क्या शादी में सब कुछ ठीक नहीं?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'पूरे देश में होगा...', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP, मीटिंग से ठीक पहले केंद्र सरकार को दिया अल्टीमेटम
'पूरे देश में होगा...', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP, मीटिंग से ठीक पहले केंद्र सरकार को दिया अल्टीमेटम
साहिल के बाद अब इन छात्राओं को मीडिया के सामने लाए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, जानें कौन हैं?
साहिल के बाद अब इन छात्राओं को मीडिया के सामने लाए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, जानें कौन हैं?
रोहित शर्मा की साइन की हुई जर्सी पाकर खुश हुए जोस बटलर, इंस्टाग्राम पोस्ट में कही दिल जीतने वाली बात
रोहित शर्मा की साइन की हुई जर्सी पाकर खुश हुए जोस बटलर, इंस्टाग्राम पोस्ट में कही दिल जीतने वाली बात
'जो डर गया सो मर गया…', सलमान खान ने सुबह-सुबह लिख दी ऐसी बात, फैंस बोले- 'भाई से पंगा नहीं'
'सलमान खान डर गया...', एक्टर ने सुबह-सुबह तस्वीरें शेयर कर लिख दी ऐसी बात
जंतर-मंतर प्रोटेस्ट: 18 मेट्रो स्टेशन बंद, सरकार संग आज फिर बैठक; जानें CJP का नया प्लान?
जंतर-मंतर प्रोटेस्ट: 18 मेट्रो स्टेशन बंद, सरकार संग आज फिर बैठक; जानें CJP का नया प्लान?
'AI का गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं...' फर्जी वीडियो पर भड़के केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, थाने में दर्ज कराई FIR
'AI का गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं...' फर्जी वीडियो पर भड़के केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, थाने में दर्ज कराई FIR
Cab Driver Viral Video : मैं पूरा किराया लूंगा'... कैब ड्राइवर की इस बात पर भड़की महिला, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
मैं पूरा किराया लूंगा'... कैब ड्राइवर की इस बात पर भड़की महिला, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
IRCTC Goa Tour Package: मात्र ₹18,680 में गोवा की फ्लाइट, 4-स्टार होटल और खाना! IRCTC का 'गोवा डिलाइट' पैकेज
मात्र ₹18,680 में गोवा की फ्लाइट, 4-स्टार होटल और खाना! IRCTC का 'गोवा डिलाइट' पैकेज
Embed widget