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BJP-शिवसेना के बीच सीट बंटवारे पर सहमति बनाने के लिए 26 सितंबर को मुंबई जाएंगे अमित शाह

सूत्रों के मुताबिक अब शिवसेना के सामने बीजेपी ने 120 सीटों का प्रस्ताव रखा है जिसे शिवसेना ने फिलहाल के लिए नामंज़ूर किया है. लिहाजा सीट बंटवारे पर बात बनाने के लिए खुद अमित शाह 26 सितंबर को मुंबई आने वाले हैं.

मुंबईः महाराष्ट्र में चुनाव घोषित हो गए हैं और एक महीने के कम समय में चुनाव होने को हैं लेकिन बीजेपी शिवसेना गठबंधन में बात अबतक नही बनी है. अब बीजेपी ने शिवसेना के सामने 120 सीटें का प्रस्ताव रखा है जिसे शिवसेना ने नामंज़ूर किया है. यही बिगड़ती बात बनाने के लिए बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 26 सितंबर को मुंबई पहुंच रहे हैं.

हां हां करते करते साल 2014 में शिवसेना गठबंधन टूटा था. क्या इस तरह हां-हां करके 2019 में भी ना हो जाएगी. मौजूदा हालात तो कुछ इस तरफ ही इशारा करते हैं लेकिन क्या इस ना को हां में बदलने में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कामयाब हो पाएंगे. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने अब शिवसेना के सामने 120 सीटों का प्रस्ताव रखा है जिसे शिवसेना ने फिलहाल के लिए नामंज़ूर किया है. लेकिन सूत्रों की मानें तो 120 सीटों के आसपास शिवसेना मान सकती है और शिवसेना को मनाने के लिये खुद अमित शाह मुंबई आनेवाले हैं. अगले दो दिन गठबंधन के लिये काफी अहम हैं. इन दोनों दिनों में बीजेपी-शिवसेना के नेताओं की बीच सीट बंटवारे को लेकर चर्चा होगी और सब कुछ ठीक रहा तो 26 सितंबर को अमित शाह की मौजूदगी में सीट बंटवारे पर मुहर लग सकती है.

गठबंधन में हो रही देरी को लेकर जब पत्रकारों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पूछा तो उन्होंने कहा कि ‘जितनी चिंता आपको गठबंधन को लेकर है उतनी ही चिंता मुझे भी है. गठबंधन के सीट बंटवारे पर बातचीत चल रही है बहुत जल्द निर्णय हो जाएगा.’

दरअसल लोकसभा चुनाव के पहले ही बीजेपी और शिवसेना के बीच विधान सभा में 50-50 का फॉर्मूला तय किया गया था. आज की स्थिति में बीजेपी ये मानती है कि उन्हें ज़्यादा सीटें मिलनी चाहिए लेकिन शिवसेना तय किए गए फॉर्मूले पर अड़ी हुई है. 120 के प्रस्ताव का शिवसेना ने जवाब दिया है कि उन्हें 10–20 सीटें और चाहिये यानि 130-140 के बीच शिवसेना सीटें चाहती है. इसी तरह पिछले एक महीने में तीन से चार बार सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर चर्चा हुई लेकिन किसी पर भी सहमति नहीं बन सकी.

पहले बीजेपी ने 114-174 का फॉर्मूला शिवसेना के सामने रखा जिसे शिवसेना ने नामंजूर किया. फिर 126-162 पर दोनों पार्टियों में चर्चा शुरू हुई जिसपर बीजेपी आलाकमान ने मुहर नहीं लगाई. अब 120-155-13 का प्रस्ताव बीजेपी ने शिवसेना को दिया है जिसे भी शिवसेना ने माना नहीं है. लेकिन सूत्र बताते हैं कि 120 सीटों के आसपास शिवसेना बातचीत के बाद मान जाएगी. वहीं बीजेपी के चुनाव सह प्रभारी उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री भी ये मानते हैं कि ‘बहुत जल्द गठबंधन का ऐलान होगा और रिकॉर्ड सीटों से महाराष्ट्र में कमल खिलेगा.’

बीजेपी जितना भी शिवसेना पर दबाव बनाए लेकिन सच्चाई ये है कि बीजेपी शिवसेना का साथ नहीं छोड़ना चाहती. बीजेपी जानती है कि साल 2014 की शिवसेना और आज की शिवसेना में काफ़ी अंतर है. आज शिवसेना भी अकेले चुनाव लड़ने पर बेहतर प्रदर्शन कर सकती है. साथ ही बीजेपी को ये भी पता है कि अगर गठबंधन तोड़ा तो शिवसेना कांग्रेस-एनसीपी और राज ठाकरे के साथ मिलकर गठबंधन कर बीजेपी का सपना तोड़ सकती है. वहीं शिवसेना भी ये जानती है कि गठबंधन नहीं हुआ तो उनके कई विधायक और नेता बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. सिवाए जिस मोदी लहर पर लोकसभा में उन्हें जीत मिली उसी का सामने उन्हें राज्य में करना पड़ेगा जो आसान नहीं होगा. इसलिए गठबंधन होना तय माना जा रहा है.

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