हिंदू-मुस्लिम खेल: आखिर 'सियासी दूसरा' फेंकने को क्यों मजबूर हुए हरभजन सिंह?
इस सब के बीच बड़ा सवाल है कि आखिर अपने मैदानी कौशल से लोगों का दिल जीतने वाले हरभजन ने ऐसी सियासी गेंद क्यों फेंकी?

नई दिल्ली: अपनी घूमती हुई गेंदों से अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों को चकमा देने वाले टीम इंडिया के टर्मिनेटर हरभजन सिंह ने ट्वीट की ऐसा दूसरा डाला कि देश की राजनीति क्लीन बोल्ड हो गई. देश चुनाव के मुहाने पर खड़ा है उससे पहले हरभजन के तंज ने देश को नया मुद्दा दे दिया. दरअसल कल फुटबॉल वर्ल्डकप के फाइनल से पहले 'भज्जी' ने ट्वीट किया, ''लगभग 50 लाख की आबादी वाला देश क्रोएशिया फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल खेल गया और हम 135 करोड़ भारतीय हिंदू-मुसलमान खेल रहे हैं.'' हरभजन सिंह के अलावा आप के बागी नेता कुमार विश्वास ने भी लिखा, ''125 करोड़ नागरिकता वाले भारत के सभी भाइयों-बहनों से निवेदन है कि अपने-अपने जाहिल कप्तानों द्वारा आपको निरंतर खिलाए जा रहे 'हिंदू-मुस्लमान' नामक खूंखार खेल से कुछ समय निकालकर आज रात 42 लाख की आबादी वाले सुविधाशून्य क्रोएशिया के जांबाजों का कौशल जरूर देखें.''
इस सब के बीच बड़ा सवाल है कि आखिर अपने मैदानी कौशल से लोगों का दिल जीतने वाले हरभजन ने ऐसी सियासी गेंद क्यों फेंकी? पिछले कुछ दिनों में देश की राजनीति पर नजर डालें तो साफ पता चलता है कि जैसे जैसे देश में चुनाव नजदीक आ रहे हैं विकास का मुद्दा पीछे छूट रहा है और हिंदू-मुस्लिम हावी होता जा रहा है. प्रधानमंत्री से लेकर कांग्रेस के उच्च शिक्षा वाले शशि थरूर ने कहीं ना कहीं इस मुद्दे को हवा देने का काम किया है. प्रधानमंत्री ने क्या कहा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ''मैंने अखबार में पढ़ा, कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष ने ये कहा कि कांग्रेस मुस्लिमों की पार्टी है. पिछले दो दिन से इस पर चर्चा चल रही है, मुझे इस पर आशचर्य नहीं है. क्योंकि स्वंय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि देश के प्राकृतिक संसाधनों पर सबसे पहला अधिकार मुस्लिमों का है. मैं कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष से पूछना चाहता हूं कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ मुस्लिम पुरुषों की पार्टी है या महिलाओं की भी है. क्या मुस्लिम महिलाओं की इज्जत, सम्मानऔर हक के लिए कोई जगह है क्या? संसद में कानून रोक कर बैठ जाते हैं, संसद चलने नहीं देते हैं. बीजेपी जीती तो देश 'हिंदू-पाकिस्तान' बन जाएगा: शशि थरूर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर हमला करते हुए शशि थरूर ने कहा, ''अगर बीजेपी 2019 में जीतने में कामयाब हुई और लोकसभा में इतना बहुमत हासिल किया. हमारा लोकतांत्रिक ढांचा बरकरार नहीं रहेगा क्योंकि उनके पास संविधान बदलने के लिए तीन चीजें होंगी.. संविधान को खत्म करके नया लिखेंगे. नया संविधान हिंदू राष्ट्र की अवधारणा पर होगा जहां अल्पसंख्यकों के लिए अधिकार नहीं होंगे.. ऐसा करके वो भारत को हिंदू पाकिस्तान बना देंगे.'' सांप्रदायिक पार्टी है कांग्रेस, दिल्ली में सिखों और भागलपुर में मुस्लिमों को मारा- जावड़ेकर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा है कि कांग्रेस घोर सांप्रदायिक पार्टी है. इस पार्टी ने 1984 में सिखों और भागलपुर में मुस्लिमों को मारा है. प्रकाश जावडेकर ने कहा है कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण की राजनीति करके देश का बहुत नुकसान किया है. जावडेकर ने कहा, ‘’1984 का नरसंहार हो, भागलपुर दंगे हो या शाहबानो केस, किस प्रकार से कांग्रेस पार्टी ने एक सांप्रदायिक सोच के आगे आत्मसमर्पण कर संविधान ही बदल डाला था. ये सब दर्शाता है कि कांग्रेस पार्टी एक घोर सांप्रदायिक पार्टी है.’’ कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी को इसमें गलत क्या?- नदीम जावेद कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम जावेद ने कहा, ''कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है क्योंकि वो कमजोर हैं तो इसमें गलत क्या है. क्या हम सच्चर कमेटी की रिपोर्ट भूल गए, जिसमें कहा गया है कि मुसलमानों की हालत दलितों से भी खराब है." नदीम जावेद ने तर्क दिया, '' मुल्क की तरक्की किसी एक तबके की तरक्की से नहीं हो सकती. अगर मुल्क को सुपरपावर बनाना है और दुनिया के विकसित देशों के साथ खड़ा करना है तो फिर देश के कमज़ोर तबके की बात करनी होगी. हमें मुसलमानों के मुद्दे उठाने होंगे.'' नदीम जावेद का कहना है कि कांग्रेस हमेशा कमज़ोरों की पार्टी रही है. हत्या के दोषियो से मिले केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा पिछले साल 29 जून को झारखंड के रामगढ़ में बीफ ले जाने के शक में अलीमुद्दीन नाम के शख्स की हत्या कर दी गई थी. मॉब लिंचिंग की इस वारदात में अदालत में 11 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी. इन लोगों को झारखंड की अदालत से जमानत मिली, जमानत मिलने के बाद ये लोग जेल से निकलकर सीधे केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा के घर पहुंचे. यहां जयंत सिन्हा ने इनका माला पहनाकर स्वागत किया. हालांकि बाद में जयंत सिन्हा ने कहा अगर इससे किसी को तकलीफ हुई तो वो खेद व्यक्त करते हैं.Source: IOCL
























