हिंदी न्यूज़न्यूज़इंडियाWest Bengal Elections: बंगाल में परिवर्तन या दीदी की वापसी? आजादी के बाद रिकॉर्ड वोटिंग, ममता और शाह ने किए ये दावे
West Bengal Elections: बंगाल में परिवर्तन या दीदी की वापसी? आजादी के बाद रिकॉर्ड वोटिंग, ममता और शाह ने किए ये दावे
पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में भी भारी मतदान देखने को मिला. कूचबिहार में 94.80 प्रतिशत, दक्षिण दिनाजपुर में 95 प्रतिशत, बीरभूम में 93.94 प्रतिशत, मुर्शिदाबाद में 93.10 प्रतिशत और मालदा में 92.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.
Written By : एबीपी लाइव | Edited By: राजेश कुमार | Updated at : 23 Apr 2026 09:15 PM (IST)
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सीएम ममता बनर्जी
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West Bengal Assembly Polls: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है. पश्चिम बंगाल में अब तक 92 प्रतिशत से अधिक वोटिंग हुई है, जबकि तमिलनाडु में 84.98 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसे आज़ाद भारत के बाद इन दोनों राज्यों में अब तक का सबसे अधिक मतदान बताया है. साथ ही, उन्होंने इसके लिए दोनों ही राज्यों के मतदाताओं का आभार जताया है.
जबकि, पश्चिम बंगाल के सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल ने बंगाल चुनाव के पहले चरण को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि लोगों ने बिना किसी डर के वोट डाला। मुझे रिपोर्ट मिली है कि वे व्यवस्थाओं से काफी खुश थे और घटनाएँ भी कम हुईं. उन्होंने आगे कहा कि वे निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनावों के लिए सभी राजनीतिक दलों और सभी संबंधित पक्षों को धन्यवाद देना चाहते हैं. मतदान केंद्रों पर सुरक्षा पूरी तरह से CAPF के नियंत्रण में थी. लोग बिना किसी डर के अपना वोट डालने के लिए बाहर निकले। इस बार वेबकास्टिंग 100 प्रतिशत त्रुटिरहित थी.
बंगाल-तमिलनाडु में रिकॉर्ड वोटिंग
पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में भी भारी मतदान देखने को मिला. कूचबिहार में 94.80 प्रतिशत, दक्षिण दिनाजपुर में 95 प्रतिशत, बीरभूम में 93.94 प्रतिशत, मुर्शिदाबाद में 93.10 प्रतिशत और मालदा में 92.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. इसके अलावा जलपाईगुड़ी (93.65), झारग्राम (91.94), बांकुड़ा (91.59), पश्चिम मेदिनीपुर (91.90) और उत्तर दिनाजपुर (92.87) जैसे जिलों में भी 90 प्रतिशत से अधिक वोटिंग हुई, जो मतदाताओं की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है.
ममता बोली- ये है जीत के संकेत
इस बीच राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस भारी मतदान को अपनी पार्टी के पक्ष में संकेत बताया. कोलकाता में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक के मतदान रुझान बताते हैं कि तृणमूल कांग्रेस जीत की स्थिति में है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें किसी पद या कुर्सी में दिलचस्पी नहीं है, बल्कि उनका लक्ष्य केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को हटाना है. ममता ने यह भी दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ लोगों ने बड़ी संख्या में मतदान किया और उनके प्रयासों से 32 लाख नाम फिर से जोड़े गए.
शाह बोले- डूब गया भ्रष्टाचार का सूरज
दूसरी ओर, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह अमित शाह ने भी रिकॉर्ड मतदान के बाद राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह मतदान तृणमूल कांग्रेस सरकार के “भ्रष्टाचार के अंत” का संकेत है. हुगली के बालागढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने दावा किया कि भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी और राज्य में घुसपैठ की समस्या को खत्म किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर अवैध प्रवासियों को चिन्हित कर बाहर निकाला जाएगा. रिकॉर्ड मतदान ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है, जहां सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं.