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Exclusive: अमित शाह के बाद उत्तराखंड के सीएम रावत ने भी माना, दिल्ली में ज्यादा आक्रामक होने पर हारे

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली चुनाव में हार के बारे में भी बात की.

नई दिल्ली: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि उनको हटाने की अफवाह फैलाने वालों में पार्टी के भीतर के भी लोग शामिल हैं. उन्होंने कहा कि हम दिल्ली का विधानसभा चुनाव ज्यादा एग्रेसिव होने की वजह से हारे. भारत की यह तासीर नहीं है. उदारता हमारी तासीर है. उन्होंने शाहीन बाग को लेकर कहा कि शाहीन बाग में जो कुछ चल रहा है उसे कोई भी जायज नहीं ठहरा सकता. लोगों को परेशान करके विरोध प्रदर्शन नहीं होना चाहिए.

सवाल- त्रिवेंद्र सिंह रावत जी आप के 3 साल पूरे हो गए हैं सरकार में आए हुए आपका जो काम देश दुनिया को याद है वह केदारनाथ का पुनर्निर्माण लेकिन इन 3 सालों में आप ने जनता से जुड़े ऐसे कौन से काम किए जिनको लगता है आपको कि वह 70 साल में नहीं हो पाए थे आपने पूरे किए?

त्रिवेंद्र सिंह रावत -जब सरकार बनी थी तो राज्य में सबसे बड़ा मुद्दा भ्रष्टाचार था पिछली सरकार ने शराब माफिया, खनन माफिया और ट्रांसफर पोस्टिंग एक बड़ा धंधा था. हमने इस पर रोक लगाई. हमने 3 साल में डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों को भ्रष्टाचार में पकड़ाया और करोड़ों रुपया राज्य का बचाया है. इसमें पीसीएस अफसर भी शामिल है और आईएएस ऑफिसर भी शामिल हैं. इसका परिणाम यह रहा कि राज्य में परियोजनाएं चल रही हैं. हर परियोजना में जो बड़ी परियोजना है किसी में 2 परसेंट बचा है किसी में डेढ़ परसेंट बचा है. यहां तक कि एक परियोजना में 50 परसेंट तक बचा है. एक परियोजना 56 करोड़ की थी. उसको पिछली सरकारों में 130 करोड़ में बनाया गया था. आप समझ लीजिए कि भ्रष्टाचार जो राज्य में जड़े जमा चुका था हमने खत्म किया है. राज्य में फ्लाईओवर बनवाए.

सवाल -गंगा को निर्मल बनाने का एक मुद्दा भी बड़ा मुद्दा रहा है लेकिन आपकी सरकार इस पर रोकथाम नहीं लगा पाई ऋषिकेश का गंगा का पानी पीने लायक नहीं है?

त्रिवेंद्र सिंह रावत- ऋषिकेश का पानी पीने योग्य बताया गया और हरिद्वार का पानी नहाने योग्य बताया गया है. मैं आपको करेक्ट कर दूं. दो एसटीपी प्लांट चालू किए गए हैं ताकि गंगा में गंदगी ना हो. देश में अगर गंगा पर नंबर वन काम कहीं हुआ है तो वह हरिद्वार में हुआ. प्रधानमंत्री जी ने बनारस से चुनाव लड़ा और उनका निर्मल गंगा का सपना है. जिसका काम उत्तराखंड से शुरू हुआ है.

सवाल- दिल्ली विधानसभा चुनाव में आपने भी प्रचार किया और उस समय कुछ ऐसे बयान हैं जिनकी वजह से यह कहा गया कि विधानसभा चुनाव हार गए और वह बयान नहीं दिए जाने चाहिए थे चाहे वह बयान भारत-पाकिस्तान के मैच का हो या फिर करंट लगने वाला बयान हो या गोली मारो वाला बयान?

त्रिवेंद्र सिंह रावत-  बीजेपी सिद्धांत वादी पार्टी है और सिद्धांतों से हम अलग नहीं होते हैं ना होना चाहिए. कुछ बयान दिल्ली विधानसभा चुनाव में दिए गए जिनसे लगता होगा कि फायदा होगा लेकिन हमें फायदा नहीं हुआ और यह बयान बाजी नहीं होनी चाहिए थी. माननीय अमित भाई शाह ने खुद बाद में ऐसे बयानों के बारे में खुद कुछ कहा है और यह बातें उन्होंने अनुभव के आधार पर कहीं है. मेरा यह मानना है कि बहुत ज्यादा जो हम लोग एग्रेसिव होते हैं वैसी तासीर हिंदुस्तान की नहीं है हमारी तासीर उदारता की है और हमें उदारता पूर्वक की बयानबाजी करनी चाहिए.

सवाल -शाहीन बाग में जो धरना प्रदर्शन चल रहा है उससे लाखों लोग परेशान होते हैं. एक सर्वे के मुताबिक लाखों लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है और ऐसे धरने प्रदर्शन देश के कई हिस्सों में चल रहे हो लोगों को परेशानी हो रही है आपको लगता है कि ऐसे धरने प्रदर्शन रास्ता रोकने या शहर को थामने के लिए होने चाहिए?

त्रिवेंद्र सिंह रावत- शाहीन बाग के धरने को बिल्कुल भी उचित नहीं ठहराया जा सकता मैं खुद व्यक्तिगत रूप से इसके खिलाफ हूं. जब मैं मुख्यमंत्री बना था तो उत्तराखंड में 22,000 से ज्यादा धरना प्रदर्शन हुए थे. मेरा मानना है कि यह सब मसले बातचीत से हल किए जाने चाहिए और बातचीत ही इसका एक रास्ता है. शाहीन बाग में जो कुछ हो रहा है उसको कोई भी उचित नहीं ठहरा सकता. रास्ते पर किसी को नहीं बैठना चाहिए. इससे लोगों को परेशानी होती है. यह कहा जा रहा था कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद धरना प्रदर्शन बंद कर देंगे अब उनको कोई सम्मानजनक रास्ता मिल जाए तो शायद वहां से हट जाएंगे. इस तरह के धरना प्रदर्शन को संरक्षण देना ठीक नहीं है.

सवाल-विपक्ष के नेता हैं हरीश रावत उन्होंने एक ट्वीट किया और ट्वीट में लिखा कि आपको जल्दी बुला लिया गया है और आप को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया जाएगा राज्य में एक बार फिर अस्थिरता होगी ?

त्रिवेंद्र सिंह रावत- मुझे टारगेट बनया गया था. हमको भारत सरकार से ग्रामीण कनेक्टिविटी में 10 अवॉर्ड मिले. लोक निर्माण विभाग में हमने रिकॉर्ड तोड़ काम किया है. नमामि गंगे कार्यक्रम में अपने रिकॉर्ड तोड़ काम किया है. ओडीएफ बनाने में हमने रिकॉर्ड तोड़ काम किया है. जब हमारी स्मार्ट सिटी का चयन हुआ तो हम सौ नंबर पर थे. आज हम 19 नंबर पर हैंय टॉप 10 जिलों में उत्तराखंड के जिले आते हैं पर कैपिटा इनकम में हम दो लाख के आसपास हैं. हेल्थ सेक्टर में हमारे पास 10:45 से डॉक्टर थे आज उन्नीस सौ से ज्यादा 21 सौ से ज्यादा डॉक्टर हैं. हमने 99% वैक्सीनेशन किया है.

सवाल- त्रिवेंद्र जी आप के ऊपर जो आरोप लगता है कि अफवाह तंत्र को रोक पाने में आप असफल रहे अभी जो ताजा अफवाह रही है कि आपने अपने विधायकों को सैन्य स्मारक विजिट करने के लिए बुलाया था लेकिन उत्तराखंड में अफवाह उड़ गई कि सभी विधायकों को दिल्ली बुला लिया गया है आप को हटाने की तैयारी है ?

त्रिवेंद्र सिंह रावत -मुख्यमंत्री बनने के 3 महीने के अंदर अफवाह फैलाना शुरू हो गई थी कि पहले गुजरात का चुनाव होगा और उसके बाद मुझे हटा दिया जाएगा फिर कहा गया कि मध्य प्रदेश दिल्ली के चुनाव के बाद हटा दिया जाएगा. फिर कहा गया लोकसभा के चुनाव के बाद हटा दिया जाएगा. तो इस तरह की अफवाह जो है लगातार फैलती रही है तो ऐसी अफवाहों कि मुझे आदत हो गई है.

सवाल- इससे आपको नुकसान नहीं होता आपको?

त्रिवेंद्र सिंह रावत- निश्चित रूप से नुकसान होता है. राज्य में निचले स्तर के कर्मचारियों पर इसका असर पड़ता है उच्च स्तर पर तो सबको पता होता है लेकिन इससे राज्य में माहौल खराब होता है.

सवाल- कौन लोग हैं जो अफवाह फैलाते हैं क्या पार्टी के भीतर से है? विपक्ष के नेताओं ने तो सीधे ट्वीट करके कह दिया लेकिन क्या पार्टी के भीतर से भी अपने फैलती हैं.

त्रिवेंद्र सिंह रावत - देखिए जो प्रभावित होता है वह इस तरह की अफवाहें फैलाता है. सामान्य तौर पर ऐसे लोग इस में संलग्न होते हैं. जो विरोधी होते हैं वह ऐसे लोग ऐसे अफवाह तंत्र का हिस्सा बन जाते हैं उसमें शामिल हो जाते हैं जो विरोधी खेमा होता वह आग में घी डालने का काम करता है.

सवाल- पार्टी के अंदर के लोग भी होते हैं क्या ?

त्रिवेंद्र सिंह रावत- हो सकता है कि वह लोग हो इसमें जो मुख्यमंत्री की दावेदारी कर रहे हैं. हमने डेवलपमेंट में किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया. विपक्ष के नेताओं के साथ भी भेदभाव नहीं किया. हमने जो विधायकों को और जनप्रतिनिधियों को समय देने की बात कही. ये कोई विधायक ही नहीं कह सकता कि हम को समय नहीं दिया गया. कोई नहीं कह सकता. मैं दावे के साथ कह सकता हूं हम हमेशा से चीजों को बैलेंस करके चलेंगे और हमारा फोकस हमेशा से डेवलपमेंट रहा है और सब का अधिकार भी बनता है जो विकास कार्य करते हैं वह सभी के लिए करते हैं.

सवाल -यह कहा जा रहा है कि सतपाल महाराज और रमेश पोखरियाल निशंक अफवाह फैला रहे हैं वह दावेदारी कर रहे हैं मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं क्या आप तक यह बातें पहुंचे हैं?

त्रिवेंद्र सिंह रावत- देखिए सब सोशल मीडिया में चल रहा है. इसमें कितनी सच्चाई है यह मैं नहीं कह सकता. सोशल मीडिया पर ऐसी काफी अफवाहें उड़ी हैं और उड़ाई गई हैं.

सवाल- आपके पास तो आपका इंटेलिजेंस ब्यूरो है क्या आपके इंटेलिजेंस ने कभी आप तक ऐसी बातें पहुंचाई है कि इसमें कौन-कौन नेता शामिल है?

त्रिवेंद्र सिंह रावत -राज्य के विकास से जुड़े कामों की रिपोर्ट के लिए इंटेलिजेंस होता है. उससे जुड़ी कोई बात होती है राज्य के खिलाफ काम कर रहा होता है तो इंटेलिजेंस ब्यूरो काम करता है. हमें सूचनाएं देता है. किसी के घर के भीतर हम इंटेलिजेंस कैसे लगाएं और उसे लगाना उचित भी नहीं है.

सवाल- लेकिन ऐसे लोग जो राज्य के हित के खिलाफ काम कर रहे हों उनके खिलाफ या उनकी रिपोर्ट तो खुफिया विभाग आपको देता होगा ?

त्रिवेंद्र सिंह रावत -कभी-कभी देते भी हैं, कभी-कभी हम लेते भी हैं और निश्चित रूप से जब कोई गंभीरता लगती है तभी हम कदम उठाते हैं.

सवाल -कैसे लोगों की आप केंद्र नेतृत्व से शिकायत नहीं करेंगे कि यह लोग हैं जो अफवाह फैलाकर राज्य में सरकार को कमजोर करना चाहते हैं राज्य के हित के खिलाफ काम कर रहे हैं ?

त्रिवेंद्र सिंह रावत- शिकायत करने का अपना स्वभाव नहीं है हम तो सिर्फ काम करते हैं विकास करते हैं जनता के बीच रहते हैं जनता के लिए काम करते हैं और अपनी बात समझाने का प्रयास करते हैं शिकायत का जो भी स्वभाव है वह हमने पाला ही नहीं. शिकायत करना हमारे स्वभाव में ही नहीं है.

सवाल- यह कहा जा रहा है कि जो महाकुंभ हरिद्वार में होना उसका कामकाज काफी धीमा चल रहा है और केंद्रीय नेतृत्व इससे खुश नहीं है?

त्रिवेंद्र सिंह रावत -कुंभ की अब तक 32 बैठकें हो चुकी हैं. आस्था पथ बनना है उन पर काम चालू हो गया है और अधिकांश स्थाई स्वभाव का जो काम है उन पर तेजी से काम चल रहा है. उसके अतिरिक्त जो काम है वह नवंबर तक पूरे हो जाएंगे. मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि हम समय पर सारे काम करेंगे. ऐतिहासिक कुंभ का अभी तक जो कुंभ का क्षेत्रफल होता था वह 600 हेक्टेयर होता था अब बढ़ाकर हमने उसको 1500 किया है. पहले जो पेशवाई चलती थी वो हरिद्वार से चलती थी. इस बार जो महामंडलेश्वर नगर बनेगा वह नीलधारा के बाईं तरफ बनेगा. ये पहले दाहिनी तरफ होता था. हमने भगदड़ की आशंका को दूर करने का प्रयास किया है. अब जो पेशवाई निकलेंगे उसमें से दूसरी पेशवाई का आमना सामना नहीं होगा. हमें ऐसी व्यवस्था की है हमने पेशवाई के रास्ते को बंद कर दिया है जाने का रास्ता और आने का रास्ता अलग है. ढाई गुना क्षेत्रफल में विस्तार किया है.

सवाल -आखिरी सवाल यह है कि आप बचे हुए जो 2 साल है वह पूरे कर पाएंगे आप पहले मुख्यमंत्री बन पाएंगे जो राज्य में अपने पूरे 5 साल पूरे कर पाएगा ?

त्रिवेंद्र सिंह रावत - आप 2 साल 5 साल नहीं उससे आगे की बात कीजिए, हम अगले 5 साल भी सरकार बनाएंगे, निश्चित रूप से हम अगले 5 साल मुख्यमंत्री रहेंगे उत्तराखंड में सरकार बनाएंगे.

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