मुंबई: Yes Bank के खाताधारकों में मचा हड़कंप, किसी को नहीं आई नींद तो किसी के घर के पैसे डूबे
यस बैंक में पैसों के निकासी की सीमा तय होने के बाद यस बैंक के खाताधाराकों में हड़कंप मचा हुआ है. ये खबर सुनने के बाद कई खातधारकों रो रोकर बुरा हाल है तो किसी खाताधारक को नींद नहीं आई.

मुंबई: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने यस बैंक के ग्राहकों के लिए 50 हजार रुपये निकालने की सीमा तय की है. आरबीआई का आदेश अगले एक महीने के लिए है. आरबीआई के इस नए नियम के बाद यस बैंक के खाताधारकों में हड़कंप मचा हुआ है. गुरुवार रात को यस बैंक से जुड़ी खबर सामने आने के बाद खाताधारकों की नींद उड़ गई है. मुंबई के लोगों को पंजाब और महाराष्ट्र बैंक का घोटाले कि याद ताजा हो गई.
'45 साल में पहली बार ठगी का एहसास'
मुंबई के घाटकोपर इलाके में रहने वाले बिपिन भाई वोरा पेशे से चार्टर्ड अकॉउंटेंट हैं. 66 साल के बिपिन वोरा ने अपनी जिंदगी की कमाई छह करोड़ रुपये यस बैंक के घाटकोपर ईस्ट के ब्रांच में रखी थी. वोरा यस बैंक के आठ साल पुराने ग्राहक हैं. उनका कहना है कि उनके 45 साल के करियर में उन्हें कभी धोखा नहीं मिला लेकिनर आज वो अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं.
62 साल की बुजुर्ग की उड़ी नींद
वहीं 62 साल की सीनियर सिटीजन वर्षा वोरा ने जब से सुना है कि यस बैंक से अब सिर्फ 50 हजार रुपए निकाल सकते हैं तब से उन्होंने चिंता में ना कुछ खाया और ना ही वो सो पाईं. सुबह होते ही वो यस बैंक की ब्रांच पहुंच गईं. वर्षा का कहना है कि उनकी मुंबई में घर लेने की इच्छा थी, जिसके लिए उन्होंने पैसे जुटाए थे और घर के नजदीक होने के चलते यस बैंक में खाता खुलवाया था.
'रिटायर्ड कर्मचारी का छिन गया सहारा'
मुंबई के रहने वाले 70 साल के रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी हरीश शाह ने रिटायरमेंट के बाद जमापूंजी यस बैंक में एफडी कराई थी. हरीश शाह अपनी बुजुर्ग पत्नी के साथ रहते हैं. बेटी की शादी हो गई और बेटा काम काज के सिलसिले में अपने परिवार के साथ दूसरी जगह रहता है. शाह ने बताया कि उन्होंने यस बैंक में चार लाख की एफडी की थी जिसके ब्याज से घर चलता था. यस बैंक की खबर सुनने के बाद उनका रो- रोकर बुला हाल है.
समाज के अकाउंट भी फंसे
यस बैंक में कई सामाजिक संस्थाओं के भी अकाउंट हैं. मुंबई के घाटकोपर ईस्ट ब्रांच में जैन समाज का संस्था का एकाउंट है. संस्था के पदाधिकारी प्रदीप दोषी का कहना है कि सामाजिक कामकाज, होली मिलन, पूजा पाठ, प्रवचन, भंडारे जैसे काम के लिए पैसे की जरूरत होती है. इसलिए बैंक में पैसे जमा किए थे. अब मार्च के अंत में ऑडिट का काम काज भी रुक जाएगा.
'बुजुर्ग मां को नहीं बताई बैंक से जुड़ी खबर'
मुंबई के रहने वाले रोहित कोठारी की बुजुर्ग मां का अकाउंट यस बैंक में है. तीन साल पहले रोहित के पिता का देहांत हो गया था तो मां के अकाउंट में जमापूंजी आ गई. गुरुवार को यस बैंक से जुड़ी खबर आई लेकिन रोहित ने अभी तक बुजुर्ग मां को यह बात नहीं बताई है.























