(Source: Matrize | *Exit polls are projections; official results on May 4, 2026)
नीदरलैंड्स में अनिवार्य संस्कृत शिक्षा का सच!

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें, वीडियो और मैसेज वायरल होते हैं. इसके साथ ही कई चौंकाने वाले दावे भी किए जाते हैं. ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वीडियो के साथ एक मैसेज है जिसमें लिखा है नीदरलैंड्स कानून के मुताबिक वहां के छात्रों के लिए कक्षा 5 तक भगवद गीता की क्लास को अनिवार्य कर दिया गया है.
ये वीडियो जिसने देखा देखता ही रह गया, जिसने इन विदेशी बच्चों के मुंह से श्लोक सुना वो सुनता ही रह गया.देखने और सुनने वाले ये सोचकर हैरान कि भला विदेश में जहां हिंदी भी ठीक से नहीं बोली जाती वहां इतनी आसानी ये बच्चे संस्कृत का पाठ कैसे कर रहे हैं?
यह वीडियो तीन हिस्से में है, पहले हिस्से में कुछ विदेशी बच्चे क्लास में बैठे संस्कृत पाठ करते नजर आ रहे हैं. दूसरे हिस्से में कुछ बच्चे भज गोविंदम गाते हुए दिखाई पड़ रहे हैं. वीडियो के तीसरे हिस्से में बच्चे क्लास में बैठकर एक दूसरा श्लोक दोहरा रहे हैं. वीडियो के आखिरी हिस्से में एक टीचर बच्चों से किसी संस्कृत शब्द को पढ़ने के लिए कह रही हैं.
हमने इस वीडियो का सच जानने के लिए हमने इसकी पड़ताल की. पड़ताल के दौरान हमने सबसे पहले ये जानने की कोशिश की बच्चे कौन सा श्लोक पढ़ रहे हैं उस श्लोक का मतलब क्या है. वीडियो में पहला श्लोक कठो उपनिषद का है जो भगवद गीता के 15वें अध्याय का पहला श्लोक भी है. वहीं दूसरे वीडियो में बच्चे शंकराचार्य का लिखा भज गोविंदम गाते सुनाई पड़ते हैं.
इसके आगे की पड़ताल करते हुए इंटरनेट हमें कुछ सुराग मिले. इस वीडियो से मिलता-जुलता हमें एक और वीडियो मिला जिसमें एक टीचर बच्चों को संस्कृत में सत्यम शिवम सुंदरम सिखा रहे थे. लिंक में लिखा था - A day of teaching Sanskrit at St James School, London
हमने लिंक पर क्लिक किया तो हमें उस स्कूल का पता मिला. ये लंदन के सेंट जेम्स स्कूल की कहानी है जिसकी नींव साल 1975 में रखी गई थी. यहां वे सारी भाषाएं पढ़ाई जाती हैं जिनका आधार संस्कृत भाषा है.
संस्कृत यहां बच्चों के सिलेबस का हिस्सा है. जूनियर स्कूल में जहां संस्कृत भाषा सबको पढ़ाई जाती है. वहीं सीनियर स्कूल में इसके अलग-अलग लेवल हैं जिन्हें छात्र-छात्राएं अपने हिसाब से चुन सकते हैं. सेंट जेम्स जूनियर स्कूल में हर साल संस्कृत स्पीच की प्रतियोगिता भी रखी जाती है. ये सिर्फ लंदन के सेंट जेम्स स्कूल में नहीं है दुनिया भर में सेंट जेम्स से जुड़े आठ स्कूलों में इसी तरह बच्चों को संस्कृत में मास्टर बनाने का काम किया जाता है.
पड़ताल में सामने आया है कि बच्चे संस्कृत नीदरलैंड्स में नहीं लंदन में पढ़ रहे हैं. इसके अलावा एक बात और ये उस देश के कानून का हिस्सा नहीं है जैसा कि मैसेज में बताया गया था. इसलिए वीडियो सच है लेकिन वीडियो के साथ किया जा रहा दावा झूठा साबित हुआ है.
Source: IOCL


























