Telangana Election 2023: बीजेपी का मिशन तेलंगाना, करेगी 11 हजार जनसभाएं, अमित शाह का दौरा जल्द
BJP Public Meeting in Telangana: तेलंगाना में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव है. इससे कई महीने पहले से ही बीजेपी 11 हजार जनसभाएं करेगी. 28 जनवरी को अमित शाह तेलंगाना आ रहे हैं.

BJP Preparation for Telangana Election 2023: तेलंगाना में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होगा. चुनाव को देखते हुए केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) अगले महीने (फरवरी से) तेलंगाना (Telangana) में एक बड़ा चुनावी अभियान शुरू करेगी, जिसमें उसकी ओर से 11 हजार से ज्यादा रैलियां आयोजित करने की योजना है. इसी महीने 28 तारीख को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तेलंगाना पहुंचेंगे.
बीजेपी (BJP) महासचिव तरुण चुघ ने आगामी चुनाव की तैयारियों पर बात की. तरुण चुघ ने कहा, "हम 9,000 शक्ति केंद्रों में 11,000 रैलियों के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं. फरवरी के मध्य तक, हम अपने राज्य और जिले के नेताओं के जरिये इन जनसभाओं को शुरू कर देंगे." उसके बाद की रैलियों के बारे में उन्होंने कहा कि पार्टी 119 विधानसभाओं में भी इसी तरह की रैलियां करेगी.
तेलंगाना में बीजेपी अब करेगी हजारों रैलियां
बता दें कि तरुण चुघ तेलंगाना में बीजेपी के प्रभारी हैं. उन्होंने विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर कहा है कि फरवरी के अंत में, उनकी पार्टी की ओर से बहुत सी सार्वजनिक रैलियों की शुरुआत होगी. इन रैलियों को राज्य के नेताओं के अलावा केंद्रीय नेताओं की ओर से संबोधित किया जाएगा.
पिछले साल शुरू किया संपर्क अभियान
इससे पहले बीजेपी ने 7 जनवरी, 2022 को मेगा बूथ समिट की थी, जहां कार्यकर्ताओं को जेपी नड्डा ने वर्चुअली संबोधित किया था. पिछले साल जून के अंत में हैदराबाद में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में, बीजेपी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अपने सदस्यों को तेलंगाना के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में संपर्क अभियान पर जाने के लिए कहा था. अब इस साल के अंत में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव के लिए, राज्य नेतृत्व को केंद्र की ओर से राज्यभर में बूथ समितियों की नियुक्ति के लिए कहा गया है.
2018 में बीजेपी को सिर्फ एक सीट मिली थी
तेलंगाना में 2023 के अंत में चुनाव होगा. बीजेपी खुद को बदलाव लाने की एक बड़ी संभावना के रूप में देखती है. बता दें कि 2018 में के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली तेलंगाना राष्ट्र समित (अब भारत राष्ट्र समिति) जीत हासिल की थी. टीआरएस (अब बीआरएस) ने 119 में से 88 सीटों पर जीत हासिल की थी. तब कांग्रेस को 19 और बीजेपी को सिर्फ एक सीट मिली थी. सियासत के जानकार कह रहे हैं कि ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में सफलता के बाद देश के दक्षिणी हिस्से में पैठ बनाने की कोशिश कर रही पार्टी के लिए इस बार का विधानसभा चुनाव भी बड़ी चुनौती रहेगा.
अन्य पार्टियों से आए नेताओं पर लग सकता है दांव
बीजेपी अन्य पार्टियों से आए नेताओं पर भी दांव खेल सकती है. पिछले साल अक्टूबर में टीआरएस के पूर्व सांसद बूरा नरसैय्या गौड़ मुनुगोडे उपचुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हुए थे. वहीं, कोमाटिरेड्डी राजगोपाल रेड्डी पिछले साल अगस्त में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए थे. हालांकि, वह मुनुगोडे में चुनाव से हार गए.
एटेला राजेंदर, जिन्होंने 2014 से 2018 तक तेलंगाना राज्य के पहले वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया था और 2019 से 2021 तक वह तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री रहे, जून 2021 में उन्होंने टीआरएस को अलविदा कह दिया था और उसके बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए थे. उन्होंने उपचुनाव में हुजुराबाद विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की थी.
























